Consumer Behavior

उपयोगिता उपभोक्ता का व्यवहार 

अर्थशास्त्र सामाजिक विज्ञान की वह शाखा है, जिसमे उपयोगिता ,उपभोग, उपभोक्ता का कार्यान्वयन होता हैं जिसके अन्तर्गत वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन, वितरण, विनिमय और उपभोग का अध्ययन किया जाता है।

‘अर्थशास्त्र’ शब्द संस्कृत शब्दों अर्थ (धन) और शास्त्र की संधि से बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ है – ‘धन का अध्ययन’।

किसी विषय के संबंध में मनुष्यों के कार्यो के क्रमबद्ध ज्ञान को उस विषय का शास्त्र कहते हैं,  इसलिए अर्थशास्त्र में मनुष्यों के अर्थसंबंधी कायों का क्रमबद्ध ज्ञान होना आवश्यक है।

अर्थशास्त्र का प्रयोग यह समझने के लिये भी किया जाता है कि अर्थव्यवस्था किस तरह से कार्य करती है वह समाज में विभिन्न वर्गों का आर्थिक सम्बन्ध कैसा होता है

अर्थशास्त्रीय विवेचना का प्रयोग समाज से सम्बन्धित विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है, जैसे:- अपराध, शिक्षा, परिवार, स्वास्थ्य, कानून, राजनीति, धर्म, सामाजिक संस्थान और युद्ध व उपभोक्ता ओर समाज इत्यदि।

कुल उपयोगिता और सीमांत उपयोगिता में संबंध ( Relation in total utility and marginal utility )

  1. जब कुल उपयोगिता बढ़ती है तब सीमांत उपयोगिता धनात्मक होती है
  2. जब कुल उपयोगिता अधिकतम होती है तब सीमांत उपयोगिता शुन्य होती है
  3. जब कुल उपयोगिता घटती है तब सीमांत उपयोगिता ऋणात्मक होती है
  4. कुल उपयोगिता सीमांत उपयोगिता का + होती है।
  5. सीमांत उपयोगिता कुल उपयोगिता वक्र के डाल को मापती है।

कुल उपयोगिता और सीमांत उपयोगिता में संबंध की व्याख्या सर्वप्रथम जेवेन्स ने की.।

 

Quiz 

Question -42

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Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

पुष्पेंद्र कुलदीप, प्रभुदयाल मूडं चूरू, 

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