मानव शरीर- अन्तःस्त्रावी तंत्र (Endocrine system )

हमारे शरीर में दो प्रकार की ग्रंथियां होती हैं अंतः स्रावी और बहिर्स्रावी

बहिर्स्रावी ग्रंथियों-

इस में अपना स्राव पहुंचाने के लिए नलिकाएं होती हैं इसलिए इन्हें नलिका युक्त ग्रंथियां कहते हैं जैसे स्वेद ग्रंथियां ऑगजेन्टिक कोशिकाएं जो HCl का निर्माण करती हैं
तेल ग्रंथियां
दुग्ध ग्रंथियां

हमारे शरीर की सबसे बड़ी अंतः स्रावी ग्रंथि पैंक्रियाज और बाह्य स्रावी ग्रंथि लीवर है

अंतः स्रावी ग्रंथियां

अंतः स्रावी शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है एंडो + क्राइनीन =आन्तरिक स्त्रवण। वे ग्रंथियां जो अपना स्त्राव सीधे ही रूधिर में मुक्त करती हैं। नलिका विहीन होने के कारण इन्हें नलिका विहीन ग्रंथियां भी कहते हैं। अन्तःस्त्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक पदार्थ को हार्मोन कहते हैं।

थाॅमस एडिसन को अन्तःस्त्रावी विज्ञान का जनक कहा जाता है। अन्तःस्त्रावी तथा इसकी कार्य प्रणाली के अध्ययन को एन्ड्रोकाइनोलोजी कहते हैं। अंतःस्रावी ग्रंथि की सबसे बड़ी ग्रंथि थायराइड ग्रन्थि होती है।

Image result for Endocrine system

हार्मोन

  • हार्मोन शब्द स्टर्लिंग तथा बेलिस नामक वैज्ञानिकों ने दिया था।
  • हार्मोन शरीर में रासायनिक संदेशवाहक का कार्य करते हैं।
  • जैविक क्रियाओं को उत्तेजित करने वाले पदार्थों को हार्मोन कहा जाता है जिसका निर्माण प्रोटीन के अतिरिक्त कोलेस्ट्रोल तथा अमिनो अम्लों से होता हैं।

मनुष्य के शरीर में निम्न अंतः स्रावी ग्रंथियां पाई जाती हैं….

  1. पीयूष ग्रंथि
  2. थायराइड ग्रंथि
  3. पैरा थायराइड ग्रंथि
  4. एड्रीनल ग्रंथि
  5. लैंगर हैन्स द्वीपिका
  6. यौन ग्रंथि

1 पीयूष ग्रंथि (Pituitary)

पीयूष ग्रंथि मस्तिष्क के हाइपोथेलेमस भाग में पाई जाती हैं। यह मटर के दाने के समान भूरे रंग की ग्रंथि होती है । यह शरीर की सबसे छोटी अंतः स्रावी ग्रंथि है इसे मास्टर ग्रंथि भी कहते हैं,क्योंकि इस ग्रंथि से निकलने वाले हार्मोन अन्य ग्रंथियों के स्त्रवण को नियंत्रित करते हैं। पीयूष ग्रंथि से हार्मोन स्त्रावित होते हैं जिन्हें सामूहिक तौर पर पिट्यूटेराइन हार्मोन कहते हैं।

यह मस्तिष्क के तल भाग पर ऑप्टिक चियाज्मा से न्यूरल स्टाक द्वारा जुडी होती है यह बहुत ही खास अंतः स्रावी ग्रंथि मानी जाती है इससे निकलने वाले हार्मोन सभी ग्रंथियों की सक्रियता को उत्तेजित करते हैं यह दो भागों में बटी रहती है  इंटीरियर लॉब( अग्र खंड) व पोस्टिरियर लो्ब ( पश्च खंड ) इन दोनों खंडों के मध्य में एक बार एक छोटा सा स्थान रहता है जिसे PARS इंटरमीडिया कहते हैं

यह हार्मोन शरीर वृद्धि एवं अन्य ग्रंथियां उद्दीप्त करने का कार्य करता है। इस हार्मोन की कमी से बौनापन आ जाता है। तथा अधिकता के कारण शरीर दैत्याकार हो जाता हैं। इसके द्वारा ग्रोथ हार्मोन और फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन निकलता है  ग्रोथ हार्मोन हमारे शरीर में वृद्धि से संबंधित सभी कार्य करता है  जबकि फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन 12 से 13 साल की उम्र में निकलता है यह जनदो (testis, overy) को हार्मोन बनाने के लिए प्रेरित करता है तथा जनद युग्मक जनन की प्रक्रिया को स्टार्ट करता है जनदो में बने हार्मोन के कारण मनुष्य में द्वितीयक गौण लैंगिक लक्षणों का विकास होता है पीयूष ग्रंथि से निम्न हार्मोन निकलते हैं।

  • STH (Somatotropic Hormone)
  • TSH (Thyroid Stimulating Hormone)
  • GTH (Gonadotropic Hormone)
  • ACTH (Adrenocorticotropic Hormone)
  • FSH (Follicle Stimulating Hormone)
  • LH (Luteinising Hormone)
  • LTH (Lactogenic Harmone)
  • ADH (Antidiurrtic Hormone)

एडिनोहाइपोफाइसिस के हार्मोन

वृद्धि हार्मोन या सोमेटोट्रोफिक हार्मोन(GH)- इस हार्मोन का स्त्रावण वृद्धि Growth hormone releasing factor के द्वारा होता है जबकि GH निरोधक कारक या Growth harmonic inhibitory द्वारा GH का स्त्रावण inhibited होता है

वृद्धि हार्मोन की प्रमुख कार्य ?

  • अस्थियों व पेशियों की वृद्धि
  • कोशिका विभाजन का प्रेरण
  • संयोजी उत्तक में कॉलेजन व म्यूको
  • पॉलिसैकेराइड के संश्लेषण का प्रेरण
  • प्रोटीन संश्लेषण का प्रेरण
  • अग्नाशय से इंसुलिन व ग्लूकैगोन स्त्रावण का प्रेरण

इस हार्मोन से शरीर की वृद्धि और विशेषकर लंबी हड्डियों की वृद्धि का नियमन होता है शिशु अवस्था में कंकाली वृद्धि और परिवर्धन को उत्तेजित करता है
यह epiphysis और अस्थि तंत्र के दूसरे अस्थि विकास केंद्रों पर वृद्धि दर को नियंत्रण में करता है  अगर किसी व्यक्ति के शरीर में इस हार्मोन की कमी हो तो ऐसपिफाइसियल डिस्क जुड़कर बंद हो जाती है और शरीर की लंबाई बढ़ना रुक जाती है और व्यक्ति बौना रह जाता है और यदि इस हार्मोन का स्त्राव युवावस्था तक कम ना हो तो व्यक्ति 7 8 फीट लंबा हो जाता है सामान्य वृद्धि रुकने के बाद जब वृद्धि का स्त्राव अधिक होता है तो एक्रोमेगेली नामक स्थिति उत्पन्न हो जाती है जिस में हड्डी लंबाई में ना बढ़कर मोटी और खुरदरी हो जाती है इससे निचला जबड़ा हाथ पांव विशेष रूप से प्रभावित होते हैं

प्रोलैक्टिन हार्मोन- स्त्रियों में प्रोलैक्टिन के दो कार्य है इस्ट्रोजन एवं प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के साथ मिलकर गर्भावस्था के दौरान स्तनों में duct को विकसित करना, प्रसव के बाद दूध उत्पन्न करने की क्रिया को प्रेरित करना

वृद्धि हार्मोन का हाइपोथैलेमिक नियंत्रण ?
Growth hormone का स्त्रावण हाइपोथैलेमस के नियंत्रण में होता है  ग्रोथ हार्मोन रिलीजिंग फेक्टर व growth hormone inhibitory factor / सोमेटोस्टेनिन का स्त्रावण किया जाता है GH के कारण रक्त परिवहन में IGF-I की मात्रा बढ़ जाती है जो सीधे पीयूष ग्रंथि से वृद्धि हार्मोन के स्त्रावण का संदमन करता

गोनेडोट्रोपिक हार्मोन – दो प्रकार के होते हैं
पुटिका प्रेरक हार्मोन (फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन) – FSH और लयुटिनाइजिंग हार्मोन LH,  FSH व LH को मिलाकर गोनेडोट्रोपिक हार्मोन कहते हैं
अग्र पीयूष ग्रंथि के अतिरिक्त यह प्लेसेंटा द्वारा प्रस्तावित होते हैं इन्हें ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन भी कहते हैं

गोनाडोट्रोपिन हार्मोन का नियमन ?
FSHRF (follicle stimulating hormone releasing factor)
LHRF( Leutinizing releasing factor)के द्वारा होता है

नर में गोनेडोट्रोपिन का नियमन-  हाइपोथेलेमस से FSHRF व LHRF का स्त्रावण होता है  FSH का वृषण की शुक्रजनन नलिकाएं हैं वह यह शुक्रजनन का प्रेरण करता है  LH हार्मोन लेडीग या अंतराली कोशिका का उद्दीपन करता है जिससे टेस्टोस्टेरोन का स्त्रावण होता है टेस्टोस्टेरोन पुनर्भरण द्वारा LH के स्त्रावण का संदमन करता है

मादा मे गोनेडोट्रोपिन का नियमन – हाइपोथेलेमस से FSHRF व LHRF स्त्रावण होता है जो अग्र पीयूष ग्रंथि को FSHRF व LH के स्त्रावण हेतु प्रेरित करता है FSH follicular की वृद्धि के लिए उत्तरदाई है  LH के प्रभाव से ग्रेफियन follicle फटता है ovulation होता है

थायराइड उद्दीपक हार्मोन- यह अग्र पीयूष ग्रंथि की बेसोफिल कोशिकाओं द्वारा स्त्रावित होता है यह ग्लाइकोप्रोटीन द्वारा निर्मित होता है इस हार्मोन की उपस्थिति में थायराइड ग्रंथि की सामान्य गति होती है इस हार्मोन का स्त्रावण हाइपोथैलेमस के thyroid stimulating releasing factor के नियंत्रण में होता है

न्यूरोहाइपोफाइसिस – किसी हार्मोन का संश्लेषण नहीं करता है इसमें केवल हाइपोथैलेमस के एक्सीन द्वारा स्त्रावित हार्मोन का संग्रहण में स्त्रावण होता है  इस प्रकार न्यूरोहाइपोफाइसिस न्यूरोहीमल ऑर्गन की तरह कार्य करता है

हाइपोथैलेमस ग्रंथि:- यह ग्रंथि पीयूष ग्रंथि के पास स्थित होते है। इसके हार्मोन पीयूष ग्रंथि व शरीर के ताप को नियंत्रित करते हैं। हाइपोथेलेमस की सुप्राऑप्टिक न्यूक्लियाई द्वारा ऑक्सीटोसिन पैरावैन्ट्रिक्युलर न्यूक्लियाई द्वारा वेसोप्रेसिन का स्त्रावण होता है अतः इन्हें न्यूरो हारमोंस कहा जाता है

न्यूरोहाइपोफाइसिस में हाइपोथैलेमस से आने वाली तंत्रिकाक्ष axons के टर्मिनल को हैरिंग काय कहते हैं इसके बीच वसायुक्त सेल्स पाई जाती हैं जिन्हें पिट्युसाइट्स कहते हैं

न्यूरोहाइपोफाइसिस के हार्मोन 
दो हार्मोन का स्त्रावण होता है 1 वेसोप्रेसिन या पिट्रेसिन या एन्टीडाइयुरेटिक हार्मोन 2 ऑक्सीटोसिन या पिटोसीन हार्मोन

  1. वैसोप्रेसिन हार्मोन (ADH) – यह एक आक्टापेप्टाइड हार्मोन है यह नो अमीनो अम्ल द्वारा निर्मित होता है इस की कमी से जल का पुन अवशोषण कम हो जाता है व मूत्र का आयतन बढ़ जाता है मूत्रलता diuresis कहते हैं इस रोग को डायबिटीज इंसिपिडस कहते हैं
    इससे रोगी के शरीर में निर्जलीकरण होता है वह रोगी को प्यास अधिक लगती है इस अवस्था को पॉलिडिप्सिया कहते हैं मरुस्थलीय जंतुओं में ADH का स्त्रावण अधिक होता है जिससे यह सांद्रित मूत्र का उत्सर्जन करते हैं
    अल्कोहल चाय कॉफी आदि का ADH का निरोधन करते हैं मूत्र का आयतन बढ जाता है इसे वैसोप्रेसिन कहते हैं
    इस हार्मोन का नियमन हाइपोथैलेमस परासरण नियमन केंद्र द्वारा किया जाता है
  2. ऑक्सीटोसिन हार्मोन – हार्मोन भी ADH के समान आक्टापेप्टाइड है  प्रसव के समय प्रोजेस्टेरोन हार्मोन की सांद्रता के घटने पर यह गर्भाशय की अरेखित पेशियों में संकुचन का प्रेरण करता है इससे प्रसव पीड़ा उत्पन्न होती है प्रोजेस्टेरोन की अधिक सांद्रता गर्भाशय की आरेखित पेशियों के संकुचन का निरोधन करती है इस हार्मोन द्वारा स्तन ग्रंथियों की पेशियां में व मायोएपिथीलियम कोशिकाओं को संकुचन हेतु प्रेरित करता है जिससे दूध निष्कासन होता है इसके लिए उद्दीपन शिशु के दूध पान द्वारा प्राप्त होता है

2 थायराॅइड ग्रंथि (Thyroid gland)

यह ग्रंथि गले में श्वास नली (ट्रेकिआ) के दोनों और स्थित होते हैं इससे निकलने वाले हार्मोन थायरोक्सिन है। जिसमें आयोडीन होता है यह मनुष्य की सभी उपापचई क्रियाओं को नियंत्रित करता है इसकी कमी से बौनापन तथा मस्तिष्क अल्पविकसित रह जाता है इस की अधिकता होने पर मनुष्य का शरीर भीम काय तथा आंखें बाहर निकली हुई प्रतीत होती हैं इसे क्रिटिनिज्म भी कहा जाता है

इसकी कमी से गलगंड रोग हो जाता है। आयोडीन की सर्वाधिक मात्रा हरी सब्जियों में पाई जाती है इसे नमक द्वारा भी लिया जा सकता है

इसकी आकृति एच होती है यह सबसे बड़ी अंतः स्रावी ग्रंथि है इस ग्रंथि की सही ढंग से कार्य करने के लिए आयोडीन आवश्यक हैं।इसे Tempo of life के नाम से जाना जाता है। इसके कम स्त्रावण से बच्चों में क्रिटिनिज्म रोग व वयस्क में मिक्सिडीया रोग हो जाता है ।

इससे निकलने वाले हार्मोन – थायरोक्सिन का मुख्य कार्य श्वाॅस-दर को नियंत्रित करना है। थायराइड ग्रंथि को एक अन्य नाम एडम एपिल भी जाना जाता है।

यह हार्मोन लाल रक्त कणिकाओं के निर्माण में मदद करता है साथ ही कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन वह वसा के उपापचय को भी नियंत्रित करता है थायरोक्सिन हार्मोन के निर्माण हेतु आयोडीन की आवश्यकता होती है आयोडीन की कमी से थायरोक्सिन हार्मोन का निर्माण कम होता है जिसके परिणाम स्वरुप घेंगा रोग उत्पन्न होता है

3 पैराथायराइॅड ग्रंथि

यह ग्रंथि थायराइड ग्रंथि के ठीक पीछे स्थित होती हैं। इस ग्रंथि से स्त्रावित होने वाला पैरा थ्रोमोन हार्मोन हड्डी में कैल्शियम और फास्फोरस की मात्रा को नियंत्रित करता है। यह हार्मोन रक्त में, Ca++ बढाता है । जो विटामिन डी की तरह कार्य करता है । इस हार्मोन की कमी से टिटेनीरोग होता हैं। यदि शरीर में इस हार्मोन की अधिकता हो जाए तो यह हड्डियों से कैल्शियम को शरीर में डाल देता है जिससे ऑस्टियोपोरोसिस नामक बीमारी हो जाती है

4 एडीनल ग्रंथि

एड्रीनल ग्रंथि को आपातकालीन ग्रंथि भी कहा जाता है। यह वृक्क के ऊपर स्थित होती है। इससे एड्रीनलीन हार्मोन का स्त्राव होता है। इस ग्रंथि का बाहरी भाग को Cortex तथा भीतरी भाग में Medulla कहलाता है। Cortex भाग द्वारा मिनरैलो-काॅर्टिकाॅयडस तथा ग्लूकोर्टिकाॅइड्स हार्मोन स्त्रावित होते हैं। तथा Medulla भाग द्वारा एड्रीनलीन तथा नाॅर एड्रीनलीन हार्मोन स्त्रावित होते है।

इस हार्मोन का मुख्य कार्य कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन और वसा के उपापचय पर नियंत्रण रखना है। भय और आवेश की स्थिति में अधिवृक्क ग्रंथि (एड्रीनल ग्रंथि) के अंतस्थ भाग से अचानक स्त्रावित एड्रीनलीन हार्मोन मनुष्य को विषम परिस्थितियों से सामना करने के लिए प्रेरित करती है। इसे करो या मरो का हार्मोन भी कहा जाता है। यह इस हार्मोन का दूसरा कार्य है।

5 लैंगर हैन्स द्वीपिका

यह अग्नाशय में पाई जाती हैं। यह ऐसा भाग है जो पाचन तंत्र में अंग के रूप में जाना जाता है तथा अंतः स्रावी तंत्र में ग्रंथि के रूप में जाना जाता है। यह मंड/स्टार्च और शर्करा की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करता है। यकृत के बाद दूसरी सबसे बड़ी ग्रंथि है । इस ग्रंथि में लैग्रहैंस द्वीप समूह पाया जाता है जिसमें अल्फ़ा व बिटा कोशिकाएं पाई जाती है जिनमें अल्फा कोशिकाएं ग्लूकागोन हार्मोन गाय श्रावण करती है जो रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाता है।  

Beta कोशिकाएं इंसुलिन हार्मोन का श्रावण करती है जो रक्त में ग्लूकोज को कम करता हैं। यह एक प्रकार की प्रोटीन है जो 51 अमीनो अम्ल से मिलकर बनी होती है। इसका टीका बेस्ट व बेरिंग ने तैयार किया।

इसकी कमी से शर्करा रुधिर में चला जाता है जो कि रक्त के घनत्व को बढ़ा देता है। जिससे रक्त का दाब रक्त वाहिनियों में बढ़ जाता है। जो कि ब्रेन हेमरेज एवं हृदय आघात का कारण बन सकता है। इंसुलिन की कमी रुधिर में ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाते हैं जिसमें डायबिटीज या मधुमेह नामक रोग हो जाता है। डायबिटीज की स्थिति में उच्च रक्तदाब हाइपरटेंशन हृदयाघात एवं ब्रेन हेमरेज की संभावना बनी रहती है।

6 जनन ग्रंथि 

मानव एक लिंगी जंतु है। इसमें नर एवं मादा प्रजनन अंग क्रमशः वृषण एवं अण्डाशय उपस्थित होते है।

वृषण शुक्राणुओं का निर्माण होने के साथ-साथ टेस्टोस्टेरोन हार्मोन भी बनता है यह हार्मोन पुरुषों में द्वितीय गौण लैंगिक लक्षण के लिए उत्तरदाई होता है जैसे आवाज का भारी होना, दाढ़ी मूछ का आना,

अंडाशय महिलाओं में जनन संरचना होती है इस में अंडाणु का निर्माण होने के साथ दो हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन भी बनते हैं यह महिलाओं में द्वितीय गौण लैंगिक लक्षण के लिए उत्तरदाई होते हैं

जनन अंग भी कुछ हार्मोन स्त्रावितइस करते हैं। जो निम्न प्रकार है—

 यह दो प्रकार के होते हैं।

1. नर हार्मोन ग्रंथि  

इसे वृषण(Testes) कहते हैं। वृषण के संयोजी ऊतक में अंतराली कोशिकाएं उपस्थित होते हैं इसमें से 2 हार्मोन टेस्टोस्टेरोन तथा इन्ड्रोस्टेरोन निकलते है।

2. मादा जनन ग्रंथि

इसे ओवरी(Ovaries) कहते हैं। इससे दो हार्मोन एस्ट्रोजन तथा प्रोजेस्ट्रेरान निकलते है। एस्ट्रोजन स्त्रियों में यौन परिपक्वता,स्तन ग्रंथि का विकास और ऋतु स्राव (Menstruation)का नियंत्रण करता है। प्रोजेस्ट्रेरान गर्भावस्था (Progesteron)में नियंत्रण रखता है। इसीलिए इसे प्रेगनेंसी हार्मोन भी कहता है। एस्ट्रोजन द्वितीयक लैंगिक लक्षणों के विकास के लिए उत्तरदायी होता है।

अन्य हार्मोन

  • महिलाओं में दुग्ध श्रवण के लिए ऑक्सीटोसिन हार्मोन
  • प्रसव पीड़ा के लिए रिलैक्सिन हार्मोन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन प्रसव को सुगम बनाता है

Play Quiz 

No of Questions- 47

0%

QUE 1 जनदो द्वारा स्रावित हार्मोन है 1एस्ट्रोजन 2 प्रोजेस्टेरोन 3 एंड्रोजन 4एस्ट्रोजन

Correct! Wrong!

que2 जब हम किसी अपने की देखरेख करते हैं हॉस्पिटल में तो कौन सा हार्मोन हमें विल पावर देता है

Correct! Wrong!

que 3 मास्टर ऑफ मास्टर ग्रंथि कहलाती है

Correct! Wrong!

que 4 ताप नियंत्रक स्थान होता है

Correct! Wrong!

que 5 मिश्रित गति का उदाहरण है

Correct! Wrong!

que 6वह ग्रंथि जिसमें पुनरुदभवन की क्षमता पाई जाती है

Correct! Wrong!

que 7 आयोडीन का मुख्य स्रोत है

Correct! Wrong!

que 8 ऑस्टियोपोरोसिस नामक रोग होता है

Correct! Wrong!

que 9 ऑकजेन्टिक ग्रंथियों में बनते हैं

Correct! Wrong!

que 10 ग्लूकेगोन का कार्य है

Correct! Wrong!

Q11. वृद्धि हार्मोन का कार्य है-(1) अस्थियो व पेशियों कि वृद्धि। (2) प्रोटीन संश्लेषण का प्रेरण (3) कोशिका विभाजन को प्रेरण

Correct! Wrong!

12. मस्तिष्क में स्थित पीयूष ग्रन्थि के आधार स्थान को कहा जाता है-

Correct! Wrong!

13. एड्रीनल ग्रन्थि कौनसा हार्मोन स्रावित नहीं करती है-

Correct! Wrong!

14. 'हार्मोन' शब्द किसने दिया-

Correct! Wrong!

15. किस ग्रन्थि को 'Tempo of life' कहा जाता है?

Correct! Wrong!

16. एड्रीनल ग्रन्थि के बारे सत्य कथन है- 1.आपात कालीन ग्रन्थि 2.कार्बोहाइड्रेट,प्रोटीन और वसा के उपापचय पर नियंत्रण। 3. इसका भीतरी भाग कोर्टेक्स कहलाता है। 4. इसके द्वारा नॉर एड्रनलीन हार्मोन का स्राव किया जाता है।

Correct! Wrong!

17. मानव शरीर की कौन - सी ग्रन्थि एक साथ अन्तःस्त्रावी तथा बहिस्त्रावी दोनों की तरह कार्य करती है ?

Correct! Wrong!

18. पित्त रस स्रावित किया जाता है-

Correct! Wrong!

19. अन्तःस्रावी ग्रंथियां अपना स्राव सीधे ही छोड़ देती हैं-

Correct! Wrong!

20 जेविक घड़ी का कार्य करने वाली ग्रन्थि है ?

Correct! Wrong!

21*निम्न में से कोनसी ग्रन्थि हमें संकटावस्था में संघर्स अथवा पलायन के लिए तैयार रहती है ?*

Correct! Wrong!

22*निम्न में से किस हार्मोन का स्तर गर्मी में अधिक एवं सर्दी में कम होता है ?*

Correct! Wrong!

23 स्तनी में BMR नियत्रित करने वाला हार्मोन है ?

Correct! Wrong!

24जीवन रक्षक हार्मोन उतपन्न करने वाली ग्रन्थि है ?

Correct! Wrong!

25*त्वचा के रंग का निर्धारण करने वाली अन्तः स्रावी ग्रन्थि है ?*

Correct! Wrong!

26*शरीर में जीवाणु एवं एंटीजन को नष्ट करने वाला हार्मोन है ?*

Correct! Wrong!

27*मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रन्थि है ?*

Correct! Wrong!

28 निम्न में से अन्तः स्रावी व बाह्य स्रावी दोनो कार्य करने वाली ग्रन्थि है ?*

Correct! Wrong!

29 आकस्मिक संकट पर ह्रदय स्पंदन किस हार्मोन के अधी स्राव से बढ़ जाता है ?

Correct! Wrong!

30.पीयूष ग्रंथि कौनसा हार्मोन स्त्रावित नहीं करती:-?

Correct! Wrong!

31. दैनिक लय के नियमन के लिए उत्तरदायी है:-?

Correct! Wrong!

32.तंत्रिकीय समन्वयन के साथ-साथ अंतः स्त्रावी ग्रंथि की भांति कार्य करता है:-?

Correct! Wrong!

33. वृद्धि हार्मोन(सोमेटोट्रोपिन)का स्त्राव करती है-?

Correct! Wrong!

34. किस हार्मोन की कमी से घेंघा(घाइटर)रोग होता है-?

Correct! Wrong!

35.किस ग्रंथि के हार्मोन को आपातकालीन हार्मोन कहा जाता है:-?

Correct! Wrong!

36.शुक्राणुओं के निर्माण की प्रक्रिया में प्रेरक भूमिका निभाता है:-?

Correct! Wrong!

37. कथन(A)इन्सुलिन अग्नाशय से निकलने वाला हार्मोन है। कारण( R)इन्सुलिन ग्लूकोज उपापचय का नियंत्रण करता है। कूट:-

Correct! Wrong!

38.निम्नलिखित में से कौनसा हार्मोन रक्त में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ाता है:-?

Correct! Wrong!

39.निम्नलिखित में से आंसुओ में पाये जाने वाला एंजाइम है:-?

Correct! Wrong!

40 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-- 1 थाइरॉइड ग्रंथि को एड्रीनलीन बनाने के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है 2 आयोडीन-हीनता के परिणामस्वरूप मनुषयो में गलगंड होना है। 3 आयोडीन अग्नाशय द्वारा स्रावित होती है और कोलेस्ट्रॉल-स्तर के नियंत्रण में सहायता करती है। उपुक्त कथनों में से कौन- सा /से सही है?

Correct! Wrong!

41 पीयूष ग्रंथि शरीर के किस स्थान पर स्थित होती है?

Correct! Wrong!

42 पीयूष ग्रंथि कोनसा हार्मोन स्रावित नही करती है?

Correct! Wrong!

43 निम्न में से लार ग्रंथि नही है?

Correct! Wrong!

44 इंसुलिन हार्मोन को कोनसी ग्रंथि स्रावित करती है?

Correct! Wrong!

45. सबसे छोटी अंतः स्रावी ग्रंथि कोनसी है?

Correct! Wrong!

46. एड्रीनलीन हार्मोन का स्राव किस ग्रंथि के द्वारा होता है?

Correct! Wrong!

47. थायरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित हार्मोन का नाम बताइये ?

Correct! Wrong!

Endocrine system Quiz ( मानव शरीर- अन्तःस्त्रावी तंत्र )
VERY BAD! You got Few answers correct! need hard work.
BAD! You got Few answers correct! need hard work
GOOD! You well tried but got some wrong! need more preparation
VERY GOOD! You well tried but got some wrong! need preparation
AWESOME! You got the quiz correct! KEEP IT UP

Share your Results:

 Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

दिनेश मीना झालरा टोंक, रमेश डामोर सिरोही, Nena gahalot mp, कुम्भाराम हरपालिया बाड़मेर, सुभाष जोशी चूरू, P.K.Nagauri, चित्रकूट त्रिपाठी,  निर्मला कुमारी

One thought on “Endocrine system ( मानव शरीर- अन्तःस्त्रावी तंत्र )”

Leave a Reply