General Science  

सामान्य विज्ञान

1. Hemoglobin ( हिमोग्लोबिन )

हिमोग्लोबिन शरीर के लिए आवश्यक तो है, लेकिन संतुलित मात्रा में। एक स्वस्थ शरीर में हीमोग्लोबिन / लोहे की मात्रा 20 ग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिए, इससे अधिक होने पर शरीर में हीमोक्रोमेटिक रोग के लक्षण पनपने लगते हैं।

हमारी हड्डियों जैसे फीमर के किनारे वाले सिरे ठोस होते हैं जिसे हम अस्थि मज्जा कहते हैं अस्थिमज्जा में ही हर तरह के रक्त कण बनते हैं, सफेद अस्थि मज्जा में डब्ल्यूबीसी का निर्माण होता है जबकि लाल अस्थि मज्जा में लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण होता है। एक क्यूबिक मिलीलीटर रक्त में लगभग 52 लाख लाल रक्त कण होते हैं। रुधिर का सूक्ष्मदर्शी से अध्ययन करें तो हम देखते हैं कि यह बहुत सारे लाल रुधिर कणिकाओं से बना होता है जो किनारे पर मोटे और बीच में पतले दिखते हैं। (अर्थात उभय अवतल)

इन लाल रक्त कणों के अंदर हीमोग्लोबिन भरा होता है। लाल रक्त कणों की प्रत्येक तश्तरी के अंदर 30-35 प्रतिशत भाग हीमोग्लोबिन का होता है। अस्थिमज्जा में ही विटामिन बी-6 यानी पाइरिडॉक्सिन की उपस्थिति में लोहा, ग्लाइलिन नामक एमिनो एसिड से संयोग कर ‘हीम’ नामक यौगिक बनाता है, जो ग्लोबिन नामक प्रोटीन से मिलकर हीमोग्लोबिन बनता है। इससे स्पष्ट है कि हीमोग्लोबिन, रक्त का मुख्य प्रोटीन तत्व है।

हीमोग्लोबिन की समुचित मात्रा पुरुष व महिला में क्रमशः 15 ग्राम और 13.6 ग्राम /100 ml रक्त में होती है।

मानव शरीर के कुल वजन का 0.004 प्रतिशत भाग लोहा होता है। इसकी कुल मात्रा शरीर के वजन के अनुसार 3 से 5 ग्राम होती है। इसका 70 % भाग हीमोग्लोबिन बनाता है, 4 % भाग मांसपेशियों के प्रोटीन मायोग्लोबिन में, 25 % भाग लीवर में, अस्थिमज्जा, प्लीहा व गुर्दे में संचित भंडार के रूप में तथा शेष 1 % भाग रक्त प्लाज्मा के तरल अंश व कोशिकाओं के एंजाइम्स में रहता है।

हीमोग्लोबिन की कमी से एनीमिया नामक रोग हो जाता है अक्सर विटामिन बी की कमी से हीमोग्लोबिन कम हो जाता है क्योंकि हिमोग्लोबिन निर्माण में विटामिन बी का महत्वपूर्ण योगदान है

कभी-कभी रुधिर में डब्ल्यूबीसी की मात्रा कम हो जाने से भी एनीमिया जैसी स्थिति पैदा हो जाती है जिसको ल्यूकोपेनिया कहते हैं

2. Circulation of Solids ( ठोसो का प्रसार )

कोई भी ठोस उष्मा पाकर प्रसारित होता है तथा जब किसी ठोस में से ऊष्मा खींच ली जाती है तो वह संकुचित हो जाता है यही कारण है कि खंभों पर तार ढीले बांधे जाते हैं ताकि सर्दी के दिनों में तार सिकुड़ कर टूटे ना

रेलगाड़ी की पटरियों में स्थान छोड़ा जाता है ताकि जब ट्रेन उस पर से गुजरे तो घर्षण के कारण पटरिया गर्म हो तो उन्हें फैलने के लिए स्थान मिल सके

इसी प्रसार के कारण आरसीसी से बनी हुई सड़क को बीच में से कई स्थानों से काट दिया जाता है ताकि जब सूरज का प्रकाश पढ़े और यह गर्म हो जाए तो प्रसारित होने के कारण बीच में से टूट ना जाए

बैलगाड़ी पर लोहा चढ़ाना हो या घर में प्लंबिंग पाइप की फिटिंग करनी हो चीजों को गर्म करने से वह प्रसारित होती हैं

संबंधित प्रश्न

Q1. एक तांबे की डिस्क में केंद्र में एक गोलाकार छिद्र है जब तांबे की डिस्क को गर्म किया जाता है तो छिद्र का व्यास:
A) वही रहेगा
B) घट जाएगा ✔✔
C)बढ़ जाएगा
D)अन्य कारकों पर निर्भर रहेगा

व्याख्या—किसी पदार्थ का घनत्व उसके द्रव्यमान तथा उसके आयतन का अनुपात होता है!
गर्म करने पर किसी पदार्थ के आयतन में वृद्धि होती है अतः उसका घनत्व घट जाता है इसलिए तांबे की डिस्क में केंद्र में जब एक गोलाकार छिद्र है जब तांबे को गर्म किया जाता है तो छिद्र का व्यास घट जाएगा

3. Electrostatic 

Q1. निम्नलिखित में कौन सा विद्युत स्थैतिक वोल्टमीटर का लाभ नहीं है
A)उसमें कोई शक्ति खपत नहीं होती है
B) उसमें अनंत प्रतिबाधा होती है
C)उनमें रेखिक माप क्रम होता है ✔ 
D)उपकरण का विक्षेप निवेशी तरंग आकृति अवलंबित नहीं होता है

Q2. निम्न में से कौन सा सही संबंध दर्शाता है
A) 1 वोल्ट = 1 जूल× 1 कूलाम
B)1 वोल्ट = 1 जूल / 1कूलाम ✔ 
C)1 वोल्ट = 1 कूलाम/ 1 जूल
D)1 वोल्ट = 1 जूल /10 कूलाम
व्याख्या –यदि किसी विद्युत धारावाही चालक के दो बिंदुओं के बीच एक कूलाम आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में एक जूल कार्य किया जाता है तो उन दो बिंदुओं के बीच विभवांतर 1 वोल्ट होता है अतः

1 वोल्ट = 1 जूल /1कूलाम
1V = 1 J/C7

Q3. विद्युत आवेश ‘Q’को दो बिंदुओं के बीच गमन कराया जाता है जिसका विभवांतर ‘v’ है इस प्रक्रिया में किया गया कार्य ‘w’ क्या होगा?
A)W=Q2V
B)W=Q/V
C)W= Q.V ✔ 
D) W= Q/V2

व्याख्या किसी धारावाही विद्युत परिपथ के दो बिंदुओं के बीच विद्युत विभवांतर को हम उस कार्य द्वारा परिभाषित करते हैं जो एकांक आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक लाने में किया जाता है
दो बिंदुओं के बीच विभवांतर
V= किया गया कार्य / आवेश

V=W/Q
किया गया कार्य W=V.Q

Q4. उच्च संधारित्रता क्षमता वाले छोटे साइज के संधारित्र में वर्तमान में विद्युत अवरोधक प्रयोग में लाए जाते हैं
A)कागज
B)रबर ✔✔
C)सिरामिक
D)माईलर

व्याख्या –विद्युत उपकरणों के लिए रोधी पदार्थ के रूप में उपयुक्त बनाने के लिए प्राकृतिक रबड़ को वल्किनिकरण किया जाता है रबर के वल्किनिकरण के दौरान इसके रोधी गुणों में वृद्धि करने के लिए इसमें गंधक(Sulfer) मिला दिया जाता है

 

Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

चित्रकूट त्रिपाठी श्रीगंगानगर

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