सैरेनैक्स और सिनिक्स सम्प्रदाय

उक्त दोनों सिद्धान्त के विचार सुकरात पर आधारित है

सैरेनैक्स सिद्धान्त

इस सिद्धान्त की स्थापना अरिस्टिपस ने की थी यह सुखवादी सिद्धान्त ह इसके अनुसार प्रत्येक व्यक्ति सुख की कामना करता हैं यह सिद्धान्त अपरिकृत सुखवादी या स्थूल सुखवादी कहा जाता है

सिनिक्स सम्प्रदाय

इसकी स्थापना एंटीस्थिनीस व उसके शिष्य आयोजिनीस ने की थी यह कठोर वेराग्यवाद पर आधारित है सुख की कामना के वंशीभूत होने की अपेक्षा पागल हो जाना अधिक अच्छा है  कथन एंटीस्थिनीस का है विश्व नागरिकता का सिद्धान्त सिनिक्स सम्प्रदाय द्वारा दिया गया ह

स्टोइकवाद :-

  • प्रवर्तक:- जैनो
  • कथन :- प्रकृति की और लौटो
  • यहाँ प्रकृति से तात्पर्य बुद्धि है हमे अपने समस्त कर्म बुद्धि के नियंत्रण में करने चाहिए

एपीक्यूरसवाद :-

  • प्रवर्तक :- एपीक्यूरस
  • यह शारीरिक सुख की अपेक्षा मानसिक सुख को अधिक महत्व देता ह

सैरेनैक्स और सिनिक्स सम्प्रदाय में अंतर :-

1. सैरेनैक्स के प्रवर्तक अरिस्पिस है जबकि सिनिक्स सम्प्रदाय के प्रवर्तक डायोजनिज है

2. सैरेनैक्स के अनुसार शारिरिक सुख ही जीवन का एकमात्र आधार ह जबकि सिनिक्स के अनुसार सुख की इच्छा करने से अच्छा पागल होना है (अर्थात यह सुख विरोधी ह)

सिनिक्स के अनुसार व्यक्ति को लेशमात्र भी सुख की इच्छा नही करनी चाहिए

 

Play Quiz 

No of Questions-25

[wp_quiz id=”3299″]

Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

सुभाष शेरावत, पुष्पेन्द्र कुलदीप सराय झुंझुंनु, OMPRAKASH DHAKA churu 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *