1. वेनदेत्तो क्रोचे – ” इतिहास एक विशेष प्रकार की कला है।”

2. बरकेलो  – “इतिहास एकमात्र तथ्य फर्क नहीं होता बरन स्वीकार किए नियमों का एक क्रम होता था।”
3. गेरोन्सकी  – “इतिहास को विज्ञान मानना एक गलती होगी।”
4. वेनदेत्तो क्रोचे- “इतिहास का पुनीत कर्तव्य तथ्यों का कलात्मक एवं साहित्यिक प्रस्तुतीकरण होना है।”

5. रेनियर – “इतिहास प्रेम की अभिव्यक्ति है इसमें सौंदर्य ही नहीं अपितु मार्मिक तथ्य भी हैं क्योंकि प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से है या जीवन की अभिव्यक्ति है।”
6. कार्ल आर पापर – “इतिहास विज्ञान नहीं अपितु कला है परंतु चित्रकला, स्थापत्य, कला आदि नहीं।”
7. वी शेख अली – “दस्तावेज संग्रह सामग्री केवल ईट सीमेंट और मसाला है इतिहासकार उनका निर्माता है।”

8. सीले  – “इतिहास का साहित्य से कोई संबंध नहीं है लेकिन पाठक के लिए उसकी प्रकृति साहित्यिक होनी चाहिए।”
9. ओकशाट – “इतिहास इतिहासकार का अनुभव होता है इतिहासकार के अलावा और कोई भी इसकी अनुभूति नहीं कर सकता। इतिहास लेखन का अभिप्राय इसका निर्माण होता है।”

10. रेनियर – “इतिहास समाज में रहने वाले मनुष्यों के कार्यों एवं उपलब्धियों की कहानी है।”
11. चार्ल्स फर्थ – “इतिहास ज्ञान की मात्र एक शाखा ही नहीं अपितु एक विशेष प्रकार का ज्ञान है जो मनुष्यों के दैनिक जीवन में उपयोगी है।”
12. हीगेल – “इतिहास की सबसे बड़ी सीख यही है कि इतिहास से कोई सीख नहीं लेता।”

13. जी एम ट्रेवेलियन – “इतिहास अपने अपरिवर्तनीय अंश में एक कहानी है।”

14. एस एफ औलिवर – “इतिहासकार को केवल कहानी बतानी चाहिए इस कहानी के स्वरूप को उपदेश तथा नैतिक विचारों से दुषित नहीं करना चाहिए।”

15. सर चार्ल्स फर्थ – “इतिहास मानव समाज का लेखा-जोखा है। यह उन परिवर्तनों को बतलाता है जिनसे समाज गुजरा है ।यह उन विचारों को ही बतलाता है जिसने समाज के क्रियाकलापों तथा भौतिक दशाओं को प्रभावित किया है।”

16. आर जी कालिंगवुड- “मनुष्य की का जीवन ऐतिहासिक है ।क्योंकि वह मानसिक तथा आध्यात्मिक है। जब हम इस इतिहास का अध्ययन करते हैं तो हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि मनुष्य ने क्या किया ,अपितु उसके विचारों पर सोचना चाहिए इतिहास प्रधान नहीं अपितु विचार प्रधान है तथा इतिहास प्राचीन विचारों का पुनः प्रदर्शन करता है।”

17. आर जी कालिंगवुड – ” संपूर्ण इतिहास विचारों का इतिहास होता है।”
18. आर जी कालिंगवुड – “मनुष्य के कार्य विचार पूर्ण होते हैं तथा इतिहासकार ऐतिहासिक अभिनेता के विचारों की पुनरावृत्ति कर अतीत का पुनर्निर्माण करता है।”
19. डेवी – “अतीत के प्रति निष्ठा तो उसके लिए और ना अतीत के लिए बल्कि सुरक्षित तथा सुसंपन्न वर्तमान के लिए की जाती है ताकि एक अच्छे भविष्य का निर्माण किया जा सके।”

20. ई एच कार- “यदि इतिहासकार अतीत की समस्याओं का अध्ययन वर्तमान समस्याओं की कुंजी के रूप में करता है। तो वह तथ्यों की उपयोगितावादी दृष्टिकोण का शिकार नहीं होता, जब बात कहता है कि वर्तमान के लिए उपयोगी व्याख्या ही सही व्याख्या का मानदंड है तब वह उसका दृष्टिकोण उपयोगितावादी नहीं हो जाता, इस परिकल्पना के अनुसार तथ्य कुछ नहीं है केवल व्याख्या ही सब कुछ है।”
21. गोलब्रेथ – “इतिहासकार वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप ही अतीत काले घटनाओं को प्रस्तुत करता है।”

22. चार्ल्स फर्थ – “इतिहास को परिभाषित करना सरल कार्य नहीं है।”
23. कार्ल आर पापर – “इतिहास का कोई अर्थ नहीं होता।”
24. वेनदेत्तो क्रोचे – “संपूर्ण इतिहास समसामयिक होता है।”

25. रेनियर – “इतिहास सभ्य समाज में रहने वाले मनुष्य के कार्यों का उल्लेख है।”
26. हेनरी पिरने – “इतिहास समाज में रहने वाले मनुष्य के कार्यों एवं उपलब्धियों की कहानी हैं।”
27. प्रोफेसर जान ब्यूरी – “यद्यपि इतिहास दार्शनिक चिंतन के लिए साहित्य कला सामग्री प्रदान कर सकता है किंतु इतिहास स्वयं विज्ञान है ना कम ना अधिक।”

28. ई एच कार – “इतिहास इतिहासकार और उसके तत्वों की क्रिया प्रतिक्रिया की एक अभिच्छिन् प्रक्रिया है, तथा अतीत और वर्तमान के बीच अनवरत परिसंवाद है।”

29. प्रो सीले – “इतिहास विज्ञान है और साहित्य से इसका कोई सरोकार नहीं है।”
30. बी कोनेट – “इतिहास को विज्ञान इसलिए स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि इसमें तथ्यों के अन्वेषण के लिए क्रमबद्ध तथा निश्चित नियमों का अभाव है।”

31. ए एल रीज- “वैज्ञानिक प्रणाली द्वारा इतिहास लिखा जाता है लेकिन इसका सर्जन कला है।”
32. कार्ल आर पापर –  “वैज्ञानिक भविष्यवाणी करता है इतिहासकार परिस्थितियों के संदर्भ में भविष्य के लिए मार्गदर्शन करता है।”
33. विल्हेल्म डिल्थे – ” इतिहास विज्ञान से भी बढ़कर है क्योंकि इस समय मानसिक प्रक्रियाओं का भी अध्ययन किया जाता है जिसका प्राकृतिक विज्ञान में स्पष्ट अभाव है।”

34. ई एच कार – “वैज्ञानिक समाज विज्ञानी और इतिहासकार एक ही अध्ययन मनुष्य और उसके वातावरण मनुष्य के उसके बाद आवरण पर पड़ने वाले प्रभाव और वातावरण के मनुष्य पर पड़ने वाले प्रभाव के अध्ययन की विभिन्न शाखाओं में कार्यरत है।”
35 जी आर एलट्न- “इतिहास लेखन को वैज्ञानिक विधियों से परिष्कृत करने के बावजूद उसके प्रस्तुतीकरण व्याख्या में कलात्मक शैली की बहुत ही जरूरत है।”

36. ई एच कार– “यह कहना व्यर्थ है कि सामान्यीकरण इतिहास के लिए कोई चीज नहीं है इतिहास का आधार सामान्यीकरण है।”
37 मैटलैंण्ड – “मानव ने जो कुछ किया और कहा उससे भी परे उसने जो कुछ सोचा वह सब इतिहास है।”
38. हेनरी जॉनसन – “इतिहास विस्तृत रूप से प्रत्येक घटना है जो कभी भी घटित हुई।”
39. डॉक्टर .के. एस .लाल – “इतिहास मानव जीवन के महान कार्यों का अध्ययन है यह मानव जाति की महान और असाधारण सफलताओं का संकलन है।”

Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

लकी अली ( अनीश )

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