Indian Mineral

( भारत में खनिज संसाधन )

भूगर्भिक संपदा को खनन उत्खनन के द्वारा प्राप्त किया जाता है

  • उत्खनन ( Excavation ) – ऊपरी परत की खुदाई
  • खनन ( Mining ) गहराई के साथ की गई खुदाई

कम गहराई वाली खानों को खुली खदान तथा अधिक गहराई की खानों को कूप खदान कहते हैं खनिजों का संकेंद्रण होता है उसे खनिज का अयस्क कहते हैं

Coal ( कोयला )

कोयला उत्पादन में चीन अमेरिका अमेरिका के बाद भारत का विश्व में तीसरा स्थान में कुल विद्युत उत्पादन में कोयला का योगदान 70% है कार्बन एवं जलवाष्प की मात्रा के आधार पर कोयले को चार भागों में बांटा है

  1. एंथ्रेसाइट,
  2. बिटूमिनि,
  3. लिग्नाइट,
  4. पीट

दामोदर घाटी कोयला क्षेत्र भारत का सर्वाधिक कोयला संचित क्षेत्र है झारखंड छत्तीसगढ़ उड़ीसा लखीमपुर महाराष्ट्र आंध्र प्रदेश जम्मू कश्मीर नागालैंड आदि

Mineral oil ( खनिज तेल )

भारत में खनिज तेल मेसोजोइक एवं टर्शियरी काल के परतदार चट्टानों में पाया जाता है खनिज तेल उत्पादक केंद्र असम गुजरात महाराष्ट्र मुंबई (हाई भारत का सबसे बड़ा) तेल उत्पादक क्षेत्र

Lead ( सीसा )

चांदी एवं सस्ते के साथ मिश्रित रूप में पाया जाता है भारत अपनी आवश्यकता का केवल 25% उत्पादन करता है शेष ऑस्ट्रेलिया कनाडा म्यांमार से आयात करता है झारखंड का हजारीबाग एवं राजस्थान का चिचोली सीसे के प्रमुख केन्द्र हैं

Zinc ( जस्ता )

यह सीसा तांबा आदि के साथ निश्चित रूप में पाया जाता है इसके प्रमुख उत्पादन केंद्र राजस्थान ( देबारी सबसे बड़ा चित्तौड़गढ़) केरल आंध्र प्रदेश है

Silver ( चांदी )

चांदी सामान्यतः जस्ता सीसा तांबा आदी के अयस्क के साथ मिश्रित रूप में पाई जाती है संचित भंडार कर्नाटक राजस्थान आंध्र प्रदेश है

Tungsten ( टंगस्टन )

राजस्थान (डेगाना सबसे बड़ा) महाराष्ट्र पश्चिम बंगाल कर्नाटक आदि

Mineral belts of India ( भारत की खनिज पेटियाँ )

भारत में खनिजों का विस्तार असमान है। भारत में पाए जाने वाले अधिकांश खनिज 5 पेटियों में वितरित है

North-Eastern Peninsular Region ( उत्तरी-पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र )

यह क्षेत्र भारतीय खनिज की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण है इसे भारतीय खनिज का हृदय स्थल कहा जाता है यह आर्कियन शील्ड क्षेत्र है जिसका संपूर्ण भाग उड़ीसा का पठार, छोटा नागपुर का पठार, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल का उत्तरी क्षेत्र है 

यह पेटी मुख्यतः प्राचीन नीस एवं ग्रेनाइट शैलों से संयुक्त है, जो देश का समृद्धतम खनिज क्षेत्र है। यहां कोयला, लोहा, अयस्क, मैगनीज, क्रोमाइट, इल्मेनाइट, बॉक्साइट, फास्फेट, यूरेनियम, तांबा, डोलोमाइट, चीनी मिट्टी और चूना प्रचुर मात्रा में मिलते हैं।

इस पेटी को भारत की लौह एवं इस्पात पेटी कहा जाता है। क्योंकि अधिकांश इस्पात के कारखाने ( कुल्टी दुर्गापुर बोकारो राउरकेला जमशेदपुर आदि) इस पेटी में स्थित है। इस पेटी में बॉक्साइट के भंडारों तथा विधुत विकसित होने के कारण एल्युमीनियम उद्योग स्थापित है।

Middle Area ( मध्यवर्ती पेटी )

भारत का दूसरा सर्वाधिक महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र है इसका विस्तार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पूर्वी महाराष्ट्र क्षेत्र तक है इस क्षेत्र में मुख्यतः मैगनीज, बॉक्साइट, कोयला, लोहा अयस्क ग्रेफाइट, चूना पत्थर, संगमरमर ,लिग्नाइट, अभ्रक, जवाहरात,लौह-अयस्क, तांबा आदि पाए जाते हैं

South belt ( दक्षिण पेटी )

इस क्षेत्र में कर्नाटक का पठार तमिलनाडु का उच्च क्षेत्र शामिल है यह सोना, लोहा, तांबा, अयस्क, मैग्नीज, क्रोमाइट, लिग्नाइट, अभ्रक, बॉक्साइट, जिप्सम, चूना पत्थर खनिज प्राप्त होते हैं इस क्षेत्र में नेवली के लिग्नाइट को छोड़कर कोयला, तांबा, अभ्रक की उपलब्धता नगण्य है

North-west belt ( उत्तर-पश्चिम पेटी )

क्षेत्र के अंतर्गत अरावली के क्षेत्र तथा गुजरात के भाग आते हैं इसे यूरेनियम, अभ्रक, स्टीयराइट, खनिज तेल के क्षेत्र के रूप में जाना जाता है
यहां सामान्यता अलौह खनिज जिनमें मुख्य रूप से तांबा, सीसा, जस्ता आदि शामिल है

इस पेटी में तांबा, जस्ता, यूरेनियम, अभ्रक,मैग्नीज,एसबेस्टोस, नमक, कीमती पत्थर, खनिज तेल प्राकृतिक गैस, बॉक्साइट के भंडार है।

South west belt ( दक्षिण-पश्चिम पेटी )

इसका विस्तार गोवा, दक्षिण कर्नाटक और केरल में है ,इस पेटी में इल्मेनाइट, जिरकॉन, मोनोजाईट ,चिकनी मिट्टी, लोहा, चूना पत्थर आदि के भंडार है।

Other mineral areas ( अन्य खनिज क्षेत्र )

हिमालय क्षेत्र ( कोयला, बॉक्साइट, तांबा और चूना पत्थर)

गोदावरी बेसिन तथा मुंबई हाई में खनिज एवं गैस आदि।

Indian Mineral important Fact – 

  • एशिया का सबसे बड़ा लौह अयस्क उत्पादक देश कौन-सा है— चीन
  • विश्व में सबसे अधिक बॉक्साइट कहाँ पाया जाता है— ऑस्ट्रेलिया में
  • कौन-सा देश बड़ी मात्रा में लौह-अयस्क का आयात करता है— जापान
  • ‘मेसाबी रेंज’ किससे संबंधित है— लौह-अयस्क
  • ‘क्रियावरॉग’ कहाँ स्थित है— यूक्रेन
  • क्रिवायरॉग किसके लिए प्रसिद्ध है— लौह-अयस्क
  • लौह-अयस्क का महत्वपूर्ण प्रकार कौन-सा है— हेमेटाइट
  • ऑस्ट्रेलिया में माउंट गोल्डसवर्थी किसके लिए प्रसिद्ध है— लौह-अयस्क की खानों के लिए
  • अफ्रीका महाद्वीप का सबसे बड़ा ताँबा उत्पादक देश कौन-सा है— जाम्बिया
  • कालगुर्ली किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है— स्वर्ण
  • संयुक्त राज्य अमेरिका की सबसे बड़ी स्वर्ण खान ‘होमस्टेक’ कहाँ स्थित है— दक्षिणी डकोटा
  • म्यांमार की बाल्डबिन खान किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है— चाँदी
  • हीरा व्यापार का सबसे बड़ा केंद्र क्या है— एंटवर्प
  • संयुक्त राज्य अमेरिका की किस पहाड़ी को ‘पृथ्वी की सबसे धनी पहाड़ी’ कहा जाता है— बूटे पहाड़ी
  • विश्व में सबसे पहले नाइट्रेट की प्राप्ति कहाँ से हुई— चिली के पठार से

 

Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

रमेश डामोर सिरोही, निर्मला कुमारी, संदीप भाटी रावला श्री गंगानगर