सूचना प्रौद्योगिकी विभाग

( Information technology Department)

सूचना प्रौद्योगिकी एक अवधारणा है जिसमें सूचना प्रक्रिया और उसके प्रबंध संबंधी सभी पहलू शामिल है कंप्यूटर हार्डवेयर,  सॉफ्टवेयर और इंटरनेट फाइबर ऑप्टिक एनिमेशन डिजिटल नेटवर्क मल्टीमीडिया कंप्यूटर ग्राफिक्स हाई डेफिनेशन टेलीविजन आदि सूचना प्रणालियों का आधार है इंटरनेट इस श्रंखला की सबसे नूतन व्यवस्था है

सूचना प्रौद्योगिकी ने दैनिक कार्य प्रणाली रेलवे और विमानन आरक्षण बैंकिंग टेलीफोन बीमा मौसम संबंधी पूर्वानुमान रेडियो खगोल विद्या आणविक जीव विज्ञान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कृषि शिक्षा आदि क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन का सूत्रपात किया है

इलेक्ट्रॉनिक प्रशासन कार्यालय के वातावरण को आधुनिक बनाना ,अपराध का पता लगाना, दूर चिकित्सा आदि अन्य ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर सूचना प्रौद्योगिकी की प्रभावशाली भूमिका से महत्वपूर्ण प्रगति की जा सकती है

संचार प्रौद्योगिकी से तात्पर्य- संचार प्रौद्योगिकी से तात्पर्य है स्वयं के भावों विचारों संदेशों सूचना उपलब्ध को अतिशीघ्र तक प्रेषित करना वर्तमान में समाज को इस संबंध में प्रभावित करने वाला सबसे प्रमुख साधन दूरसंचार है जिसमें निरंतर आधुनिकतम प्रणालियों के विकास में क्रांति ला दी है इंटरनेट जैसी आधुनिकतम प्रणालियों ने संपूर्ण विश्व को एक सूचना संचार व्यवस्था के नेटवर्क से जोड़ दिया है

भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सूचना प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनाने के लिए सरकार सभी उपाय कर रही है भारत सरकार ने यह स्वीकार करते हुए की 1980 के दशक से देश में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हुआ विकास अपर्याप्त है इसके बाद में भारत को सूचना प्रौद्योगिकी सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में महाशक्ति और सूचना क्रांति के युग में एक अग्रणी राष्ट्र बनाने का फैसला किया है

सूचना संरचनात्मक चलन से आशय- फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क सेट कॉम नेटवर्क और वायरलेस नेटवर्क के व्यापक विस्तार द्वारा विश्व स्तरीय सूचना संरचना ढांचे की स्थापना में तेजी लाने से है

सूचना प्रौद्योगिकी की आधुनिक प्रणालियां (Modern systems of information technology )

21 वीं शताब्दी में संसार क्षेत्र का वर्चस्व रहेगा ।कंप्यूटर रोबोटिक दूर संचार के विभिन्न माध्यमों टेलीफोन सेलुलर पेजिंग उपग्रह संचार ऑप्टिकल फाइबर केबल दूरदर्शन आदि ने सम्मिलित रूप से संपूर्ण विश्व में सूचना क्रांति का सूत्रपात गया है सूचना प्रौद्योगिकी ने संपूर्ण विश्व को भूमंडलीकृत कर दिया

कंप्यूटर ( Computer )

भारत में कंप्यूटर का विकास 1955 में शुरू हुआ लेकिन राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में 1984 के बाद ही इस प्रौद्योगिकी को पर्याप्त महत्त्व मिला

हार्डवेयर ( Hardware )

कंप्यूटर और कंप्यूटर से जुड़े अन्य सभी यंत्रो तथा उपकरणों को हार्डवेयर कहा जाता है । भारत में विभिन्न उत्पादन केंद्रों में 2-डी और 3-D ग्राफिक वर्क स्टेशन का पर्याप्त उत्पादन हो रहा है,फ्लोपी डिस्क ड्राइवर डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर कैथोड रे ट्यूब टर्मिनेटर ऑन कीबोर्ड आदि स्थानीय स्तर पर उत्पादन हो रहा है

सॉफ्टवेयर ( Software )

कंप्यूटर के संचालन के लिए प्रोग्रामों की आवश्यकता होती है उन्हें सॉफ्टवेयर कहते है

सॉफ्टवेयर पांच प्रकार के होते-
1- प्रचालक
2- भाषा संसाधक
3- उपयोगिता प्रोग्राम
4- उपनित्यक्रम और
5- नित्यक्रम

सुपर कंप्यूटर (Super Computer )

  • वे कंप्यूटर जिन का स्मृति भंडार 52 मेगाबाइट से अधिक हो और जो 500 एम फ्लाँप की क्षमता से कार्य करते हैं उन्हें सुपर कंप्यूटर कहा जाता है
  • सुपर कंप्यूटर में 32 या 64 समानांतर परिपत्रों में कार्य कर रहे माइक्रो प्रोसेसर की सहायता से सूचनाओं पर एक साथ कार्य किया जाता है जिसमें इसमें 5 अरब गणनाओं की प्रति सेकंड में क्षमता आ जाती है
  • इसमें उच्च भंडारण घनत्व वाली चुंबकीय बल स्मृतियों का या आवेशीतयुद्ध युग्मित युक्तियों वाली स्मृतियों का प्रयोग किया जाता है जिनकी सहायता से छोटे स्थान में भी सूचनाओं का वृहत भंडार संचयित किया जा सकता है
  • सुपर कंप्यूटर की आवश्यकता केवल उसी समय महसूस होती है जब निरंतर परिवर्तित हो रहे अनेक आकडो़ को समानुक्रमित करना होता है सुपर कंप्यूटर के रखरखाव के लिए एक विशिष्ट प्रकार के वातानुकूलन की आवश्यकता होती है
  • परम सुपर कंप्यूटर- वर्ष 1998 में भारत द्वारा परम 10000 नामक एक सुपर कंप्यूटर विकसित किया गया यह भारत के लिए एक महान उपलब्धि थी क्योंकि इसके निर्माण से भारत में उच्च कंप्यूटर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अमेरिका और कई अन्य विकसित देशों का वर्चस्व समाप्त कर दिया है
  • केंद्र सरकार के सेंटर फॉर डेवलपमेंट एंड एडवांस्ड कंप्यूटर के अंतर्गत विकसित किए कंप्यूटर एक सेकंड में एक खरब गणनाएं करने में सक्षम है
  • सुपर कंप्यूटर से होने वाले लाभों का पूर्वानुमान लगाना अभी संभव नहीं है लेकिन निकट भविष्य में जब भारत का अपना सुपर इंफॉर्मेशन हाईवे बन जाएगा तब इस सुपर कंप्यूटर के वास्तविक लाभों से परिचित हुआ जा सकेगा
  • परम 10000 स्तर पर सुपर कंप्यूटर एशिया में भारत के अतिरिक्त केवल जापान के पास है
  • परम 10000 कंप्यूटर से मौसम विज्ञान और भूकंप विज्ञान आदि से संबंधित पूर्वानुमान लगाने तेल और प्राकृतिक गैस के भंडारों का पता लगाने दूरसंवेदी आकलन करने अस्पतालों को चिकित्सा से संबंधित जानकारी प्रदान करने और भौगोलिक सूचनाओं को संशोधित करने में तो सहायता मिलती है
  • सी-डैक-उन्नत अभिकलन विकास केंद्र समानांतर संसाधन प्रौद्योगिकी पर आधारित सुपर कंप्यूटर के क्षेत्र में भारत की राष्ट्रीय पहल है
  • इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य- 100मेगा फ्लाँफ से भी अधिक अभिकलन क्षमता से युक्त अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के उच्च कार्य निष्पादन करने वाले समानांतर कंप्यूटरों का डिजाइन तैयार करना विकास करना और वाणिज्यिक स्तर पर उत्पादन को उपलब्ध करना तथा लक्ष्य मिशन पर राष्ट्रीय महत्व के अनुप्रयोग का प्रदर्शन करना है

रोबोट (Robot )

  • रोबोट एक मशीन चलित मानव है जो आज के युग में संपूर्ण विश्व द्वारा किया जा रहा है
  • रोबोट का शाब्दिक अर्थ- रोबोट का शाब्दिक अर्थ होता है बंधुआ श्रमिक अथवा गुलाम रोबोट द्वारा विशेष तरह से कार्य संपन्न कराए जाते हैं जो खतरनाक होते हैं और मानव के लिए दुष्कर होते हैं
  • भारत में रोबोट की स्थिति- भारत में रोबोट का पर्याप्त विकास नहीं हो पाया है क्षेत्र में देश में अनुसंधान कार्य भी मंद गति से ही चल रहा है
  • भारत में रोबोटिक्स के क्षेत्र में हिंदुस्तान मशीन यंत्र संस्थान, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास ,भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु और हैदराबाद विज्ञान संस्थान हैदराबाद आदि में अनुसंधान और विकास कार्य चल रहे हैं
  • भारतीय विज्ञान संस्थान बेगंलूर द्वारा माइक्रोप्रोसेसर आधारित एक विशेष प्रकार का रोबोटिक आर्म निर्मित किया गया इसमें 4 + है प्रत्येक जोड़ों में स्वचालित मोटर लगा हुआ है इन्हें मानव द्वारा भी कुशलता पूर्वक संचालित किया जा सकता है इस रोबोटिक आर्म का संचालन वीडियो टर्मिनल और कीबोर्ड की सहायता से किया जा सकता है

भारत में इंटरनेट ( Internet in India )

  • जनवरी 1995 को भारत में प्रथम विश्व स्तरीय आंकड़ा सूचना सेवा इंटरनेट के रूप में शुरू हुई इस सेवा के अंतर्गत 160 देशों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क संबंध है
  • ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल या इंटरनेट प्रोटोकॉल- इसके द्वारा विश्व भर के लाखों कंप्यूटर सूचना केंद्र से प्राप्त सूचनाओं और आंकड़ों को अपनी भाषा में बड़ी सरलता से प्राप्त किया जा सकता है इस विधि को ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल या इंटरनेट प्रोटोकॉल कहा जाता है
  • इंटरनेट-इंटरनेशनल नेटवर्क का संक्षिप्त नाम है दूरसंचार के क्षेत्र में पेयजल और सेलुलर फोन के बाद यह अनुसंधान विश्व में 20 वीं सदी की अभी तक की सर्वाधिक महत्वपूर्ण उपलब्धि है
  • इंटरनेट सेवा के कारण कोई व्यक्ति घर बैठे देश-विदेश की हर एक प्रकार की घटनाओं को देख सकता है और उनके संपर्क स्थापित कर सकता है
  • भारत में इंटरनेट का प्रवेश- वर्ष 1987-88 में भारत में इंटरनेट का प्रवेश हो गया था लेकिन उस समय इसकी सुविधा सीमित लोगों को ही उपलब्ध हो पाई थी
  • गेटवे इंटरनेट सेवा- जनसामान्य के लिए इसकी सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 15 अगस्त 1995 को विदेश संचार निगम लिमिटेड में गेटवे इंटरनेट सेवा आरंभ की
  • इंटरनेट कंप्यूटर के माध्यम से लोकल कॉल एसटीडी आईएसडी किसी भी माध्यम को अपनाने पर लोकल कॉल का ही चार्ज लगेगा
  • वर्तमान में विश्व के लगभग 160 से अधिक देशों के प्रमुख पुस्तकालय अस्पताल और अनुसंधान संस्थानों मनोरंजन कक्षा आदि को इंटरनेट के अंतर्गत लाया जा चुका है जिससे सूचनाओं के आदान-प्रदान में अत्यधिक सुविधा होती है

सेलुलर टेलीफोन (cellular telephone )

  • सेलुलर टेलीफोन के द्वारा उपभोक्ता बिना किसी बाधा के कहीं से भी इसका उपयोग कर सकते हैं भारत में सबसे पहले अगस्त 1995 में कलकत्ता में मोदी टेलस्ट्रा नेटवर्क में मैं सेलूलर टेलीफोन सेवा शुरू की इसका निर्माण फिनलैंड की Nokia टेलीकम्युनिकेशन प्राथमिक लिमिटेड द्वारा किया गया
  • सेलुलर फोन सेवा का उपयोग करने वाले प्रत्येक उपभोक्ता को सब्सक्राइब आइडेंटी मॉड्यूल (SIM) कार्ड दिया जाता है जिसमें एक कंप्यूटर चिप होता है उस कंप्यूटर चिप में उपभोक्ताओं की संख्या एस आई एम कार्ड पर निजी पहचान संख्या उदृधत रहती है जिसका उपयोग करना उपभोक्ता के लिए आवश्यक है

इलेक्ट्रॉनिक मेल- . ईमेल (Electronic mail-. E-mail )

  • एक उपभोक्ता द्वारा दूसरे उपभोक्ता को इंटरनेट के माध्यम से लिखित सूचना भेजना ईमेल कहलाता है
  • भारत में इलेक्ट्रॉनिक मेल सेवा विदेश संचार निगम लिमिटेड के द्वारा एचआरएमएस 400 नाम से शुरू की गई है

मल्टीमीडिया (Multimedia )

  • मल्टीमीडिया का अर्थ है- अनेक माध्यमों से सूचना प्राप्ति की पद्धति इसके अंतर्गत वीडियो तस्वीर संगीत टैक्स कंप्यूटर आदि के माध्यम से सूचना प्राप्त की जाती है सीडी रोम मल्टीमीडिया का आधार है
  • भारत में सूचना क्रांति के उद्देश्य से वर्ष 1986 में टेलीकॉम मिशन की शुरुआत की गई

प्रकाश तंतु (फाइबर ऑप्टिक्स ) { Light filament (fiber optics) }

  • फाइबर ऑप्टिक शक्तिशाली प्रकाश पुंज के सहयोग द्वारा दूरसंचार सेवा की शुरुआत की गई थी इस तकनीक से संचार ध्वनि आंकड़े चित्र टैक्सट कोएक्सियल केबल या लाइन ऑफ साइट पार्क को बदलने की दिशा में मॉडलों के नए आयाम खुले हैं
  • भारत में प्रथम प्रकाश तंतु संचार व्यवस्था पुणे में शिवाजी नगर और कैंटोनमेंट केंद्र को जोड़ने के लिए स्थापित की गई है यह वर्ष 1979 से कार्यरत है

जल गर्भीय संचार प्रणाली(Water intensive communication system)

18 अक्टूबर 1994 को भारत की पहली जल गर्भीय संचार प्रणाली फाइबर ऑप्टिक केबल को विश्व की सबसे लंबी भूगर्भीय संचार प्रणाली से जोड़ा गया है जिसमें विश्व के तीन महाद्वीपों के 13 राष्ट्र शामिल हैं

ई-2 के (E-2)

“ई-2-के” विश्व का अबतक का सबसे तीव्र चिप है जो एक साथ अनेकों निर्देशों पर कार्य करता है

ब्लूटूथ-

यह एक बेतार संचार है जिसके माध्यम से विभिन्न डिजिटल उपकरणों के अंदर एक लघु रेडियो ट्रांसमीटर लगा दिया जाता है जिसकी सहायता से सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाता है इस तकनीक द्वारा कंप्यूटर को प्रिंटर मॉडल आदि से जोड़ने के लिए तारों के जाल बिछाने की आवश्यकता नहीं होगी

साइबर स्पेस व इंटरनेट ( Cyber ​​Space & Internet )

  • साइबर स्पेस 1 स्थान है जहां विभिन्न देशों के लोग एक दूसरे से मिलते हैं और अपने विचार विनिमय के द्वारा अपनी समस्याओं के समाधान की इच्छा के वशीभूत या विभिन्न बुलेटिन बोर्ड सेवाओं की सहायता से संबंधित विभिन्न प्रकार के आंकड़े अन्य लोगों को उपलब्ध कराए जाते हैं
  • संक्षिप्त रूप से साइबर स्पेस का अर्थ-साइबर स्पेस को कंप्यूटर प्रणाली का एक नेटवर्क कहा जा सकता है इस प्रकार के तीन नेटवर्क पूरे विश्व में कार्यरत हैं कंप्यूसर्व अमेरिका ओरलाइन और इंटरनेट इनमें से इंटरनेट सबसे विशाल नेटवर्क है इसे सूचना के राजपथ के नाम से भी जाना जाता है
  • इंटरनेट में विभिन्न देशों के लाखों कंप्यूटरों का एक मुख्य संयोजन होता है और इन कंप्यूटरों के प्रयोग कर्ता सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं लेकिन इंटरनेट प्रणाली का कोई केंद्रीभूत प्रशासन नहीं है यही कारण है कि इसे कंप्यूटर का मुख्य संयोजन कहा जाता है आज यदि किसी व्यक्ति के पास एक कंप्यूटर एक मोड एवं टेलीफोन लाइन आवश्यक सॉफ्टवेयर और उपयुक्त 3 नेटवर्क को में से किसी एक से संयोजन हो तो वह विश्व संबंधित समस्त घटनाओं की सूचना आसानी से प्राप्त कर सकता है

सूचना प्रौद्योगिकी पार्क( Information technology park )

  • कर्नाटक की राजधानी और भारत की वैज्ञानिक राजधानी के नाम से विख्यात बेंगलुरु में वाइटफील्ड क्षेत्र में सिंगापुर के सहयोग से 5 अरब रुपए की लागत से 25 हेक्टेयर के क्षेत्र में एक विशाल सूचना प्रौद्योगिकी पार्क की स्थापना की जा रही है यह पाठ धन के रूप में स्थापित किया जा रहा है इसमें टाटा समूह सिंगापुर कंसोर्टियम और कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास निगम की क्रमशः 40% 40% और 20% की भागीदारी है
  • इस विशाल सूचना प्रौद्योगिकी पार्क में इलेक्ट्रॉनिक सॉफ्टवेयर उद्योगों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक संरचनात्मक सुविधाएं उपलब्ध होगी अत्याधुनिक पार्क में कारपोरेट कार्यालय अनुसंधान और प्रौद्योगिकी उत्पादन सुविधाएं शोरूम की संपूर्ण भौतिक सुविधाएं उपलब्ध होगी

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र( National Informatics Center )

  • राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र की स्थापना-मार्च 1977 में की गई थी जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों में प्रशासकीय निर्णयों में तीव्रता लाने के लिए एक उपयुक्त सूचना प्रणाली विकसित करना था*
  • वर्तमान में यह प्रणाली सात अंतर सक्रिय टर्मिनलों और 12 लगभग कंप्यूटर टर्मिनलों से संबंध है
  • इस केंद्र के नेटवर्क की सुविधा का लाभ लगभग 1000 उपभोक्ता प्राप्त करने हैं जिनमें से 75% केंद्र सरकार के कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों से संबंध है राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र में लगभग 400 सरकारी और गैरसरकारी परीयोजनाएं पंजीकृत है इस केंद्र के अंतर्गत अंतरिक्ष कार्यक्रम संचालन कर्मचारियों और केंद्र की सुविधाओं के अनुकूल उपभोक्ताओं के प्रशिक्षण की व्यापक व्यवस्था है

रेडियो पेजिंग प्रणाली(Radio paging system)

  • रेडियो पेजिंग प्रणाली रेडियो तकनीक पर आधारित है जिसका सीधा प्रसारण केवल एक ही दिशा में होता है इस प्रणाली से प्रसारित तरंगे ठोस कंक्रीट की दीवारों से भरी सरलता से पार हो जाती है इस प्रकार मोटी दीवारों या बड़ी इमारतों में भी संदेश प्रसारण आसानी से संभव हो जाता है इसके अतिरिक्त रेडियो पेजिंग प्रणाली की रेडियो क्षमता भी अपेक्षाकृत अधिक होती है और इसका उपयोग एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा भी आसानी से किया जा सकता है रेडियो पेजिंग प्रणाली के आगमन से सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नई क्रांति आ गई है
  • सरकार ने इस प्रणाली को विकसित करने के उद्देश्य से निजी क्षेत्र की कंपनियों को 27 शहरी क्षेत्रों में रेडियो पेजिंग सेवा प्रदान करने का लाइसेंस देने का विचार किया है यह शहरी क्षेत्र है दिल्ली मुंबई कोलकाता चेन्नई बेंगलुरु हैदराबाद कानपुर लखनऊ नागपुर सूरत जयपुर अहमदाबाद पूनम कोयंबटूर बड़ोदरा पटना इंदौर से भोपाल वाराणसी लुधियाना विशाखापट्टनम चंडीगढ़ राजकोट त्रिवेंद्रम और अमृतसर इनमें से चारों महानगरों सहित 13 अन्य नगरों में सेवा 14 जनवरी 1995 से शुरू हो गई है यह नगर है इलाहाबाद पुणे कोच्चि तिरुपति जालंधर हैदराबाद नागपुर राउरकेला भोपाल इंदौर सूरत पटना और बरेली
  • रेडियो पेजिंग प्रणाली सेवा के आरंभ हो जाने से आकाशवाणी विशिष्ट प्रकार की लोक सूचना सेवा उपलब्ध कराने वाली प्रथम जन प्रसारण सेवा बन गई है

सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रमुख पहल ( Major initiatives in the field of information technology)

राष्ट्रीय प्रशासन योजना- प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने मिलकर 18 मई 2006 को राष्ट्रीय ई-प्रशासन की योजना बनाई

  • भारत में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन जिसका सर्वप्रथम प्रयोग वर्ष 1982 में किया गया प्रशासन आरंभ किया गया
  • ई-प्रशासन की प्रवृत्ति सर्वप्रथम आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू ने आरंभ की थी जिन्होंने प्रशासन का कंप्यूटरीकरण किया और विभिन्न सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र- यह देश में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और एक गवर्नेंस की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए मुख्य संगठन है

  • m i c k e गवर्नेंस नेटवर्क निक लेट से ईमेल वेबसाइट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जियो स्पाटियल सेवाओ शिक्षण आदि सेवाएं उपलब्ध है

राज्य आंकड़ा केंद्र- भारत सरकार की इस योजना के अंतर्गत 28 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में आंकड़ा केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है ताकि राज्य स्तर के ई- गवर्नेंस कार्यों के लिए सामान्य सुरक्षित सूचना प्रौद्योगिकी ढांचागत सुविधाएं स्थापित की जा सके

क्षमता निर्माण योजना (सी बी योजना)- जनवरी 2008 में यह योजना लागू की गई इसका उद्देश्य राज्य स्तर के सामरिक निर्णय जैसे राज्य ई-गवर्नेंस मिशन टीम का निर्माण आदि के लिए संस्थागत फ्रेमवर्क बनाना है

राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क

  • 25मार्च 2010 में सरकार ने एनआईसी द्वारा 10 वर्ष की अवधि में 5990 करोड रुपए की लागत के राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क की स्थापना हेतु अनुमति प्रदान की इस में विश्वविद्यालय अनुसंधान संस्थान पुस्तकालय अस्पताल और कृषि संस्थानों आदि 1000 संस्थाओं को आपस में जोड़ा जाएगा यह ई गवर्नेंस के लिए रीड का काम करेगा
  • राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क में अति उच्च गति कौर और 15 सौ से अधिक नोड शामिल होंगे
  • राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क कंवर के तहत अनुप्रयोग के विचारनीय क्षेत्र हैं कृषि शिक्षा स्वास्थ्य ई-शासन ग्रीन कंप्यूटर
  • राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क बड़े सहभागी संस्थानों के मध्य ज्ञान स्त्रोतों के निर्माण अर्जन और साझेदारी सहयोगात्मक अनुसंधान देशव्यापी क्लासरूम आदि को सफल बनाएगा और देश की सहायता ज्ञान समाज के निर्माण में करेगा
  • सूचना प्रौद्योगिकी विभाग उच्च अहर्दा प्राप्त कार्मिकों का एक राष्ट्रीय स्त्रोत तैयार करने के लिए एक सूचना प्रौद्योगिकी अनुसंधान अकादमी तैयार कर रहा है

राष्ट्रीय इन्फार्मेटिक्स केंद्र- इसकी स्थापना 1976 में हुई है आधारभूत स्तर की ई-सरकार /ई-प्रशासन एप्लीकेशन/ सोल्यूशंस के प्रमुख निर्माता और प्रशासन के लिए आईसीटी ढांचे के प्रधान कर्ता के रूप में कार्य कर रहा है

एकीकृत संदेश सेवा- 2001 में यह नीति घोषित की गई इस प्रणाली के माध्यम से एक ही मेल बॉक्स से वापस मेल ईमेल और फैक्स तीनों प्राप्त किए जा सकते हैं इस समय 8 शहरों में यह सेवा उपलब्ध है

वी-सेट प्रणाली- इस प्रणाली के द्वारा पहली सूचना सेवा 1988 में नेशनल इनफार्मेशन सेंटर नेटवर्क के बाद शुरू हुई यह प्रणाली इलेक्ट्रॉनिक मेल वॉइस मेल एक्सप्रेस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क हाइब्रिड मेल सर्विस में लाभकारी सिद्ध हो रही है

सूचना प्रौद्योगिकी को मजबूत बनाने के लिए बनाए गए कुछ अधिनियम

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000- इलेक्ट्रॉनिक व्यापार और इलेक्ट्रॉनिक्स लेनदेन को बढ़ावा देने हेतु कानूनी स्वरुप प्रदान के लिए भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 बनाया

  • इस अधिनियम का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक अनुबंधों को मान्यता देना कंप्यूटर अपराधों को रोकना दस्तावेजों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से भरना डिजिटल हस्ताक्षर आदि
  • सूचना प्रौद्योगिकी का यह अधिनियम विश्व अवस्थाओं के अनुरूप भारत में भी इंटरनेट पर गोपनीय प्रमाणिकता इमानदारी और अस्वीकार ना करना जैसी आवश्यक सुरक्षा आवश्यकता वाली प्रौद्योगिकियों को एक कानूनी स्वरूप प्रदान करता है
  • सरजी मत के बुनियादी प्रौद्योगिकी के आधार पर नेगोशिएबल इंस्ट्रुमेंट कानून को बदला जा रहा है ताकि इंटरनेट पर सुरक्षित वित्तीय लेनदेन किया जा सके जो कि देश में ई कॉमर्स की बुनियादी आवश्यकता है

सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम 2008- वर्तमान में प्रचलित एक महत्वपूर्ण कानून है जो इ कॉमर्स में मदद के लिए इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन के लिए कानूनी ढांचा बनाता है और कंप्यूटर संबंधी अपराधों पर कानूनी दृष्टि देता है*

मौजूदा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 – अश्लील सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक रूप में लाने अश्लील वीडियो साइबर आतंकवाद विश्वासघात और आंकड़ों को सार्वजनिक करने और इ कॉमर्स में धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों के नए रूपों से निपटने में मदद करेगा

सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम 2008-
इसमें भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में निम्नलिखित कार्यो को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में कार्य करने हेतु गठित किया गया है

1-साइबर सुरक्षा घटनाओं का पूर्वानुमान और सतर्कता
2-साइबर घटनाओं पर सूचनाओं का संग्रह विश्लेषण और उसका प्रचार करना
3-साइबर घटना पर प्रतिक्रिया गतिविधियों का समन्वय
4-साइबर सुरक्षा घटनाओं पर कार्रवाई हेतु आपातकालीन उपाय
5-सूचना सुरक्षा पद्धतियों प्रतिक्रियाओं के संबंध में मार्गदर्शी सिद्धांत परामर्श अतिसंवेदनशील टिप्पणियां और श्वेत पत्रों को जारी करना साइबर घटनाओं को रोकना उसकी प्रतिक्रिया और उनकी सूचना देना
6-साइबर सुरक्षा से संबंधित सारे कार्य करना

साइबर सुरक्षा
साइबर सुरक्षा रणनीति के समक्ष देश के साइबर क्षेत्र में प्रमुख अनुकरणीय विशेषताएं हैं-
1-रक्षा अनुसंधान और विकास
2-सुरक्षा नीति शिकायत और आश्वासन
3-सुरक्षा घटनाएं पूर्व चेतावनी और परिणाम
4-सुरक्षा प्रशिक्षण

वर्ष 2010 11 के दौरान अनुसंधान और विकास की 11 परियोजना क्षेत्र में शुरू की गई जिसमें प्रमुख है-

1-नेटवर्क सुरक्षा आक्रमण तक फिर से पहुंचने के लिए पैकेट मार्किंग स्कीम
2-हिनपोट्स के लिए रिएक्टिव रोमिंग
3-इंटरप्राइजेज सिक्योरिटी मैट्रिक्स
4-स्टेगनालाइसिस कवरिंग डिजिटल मल्टीमीडिया ऑब्जेक्ट्स
5-साइड चैनल अटैक रेसिंस्टेट प्रोग्रामेबल ब्लॉक चिफर्स
6-ट्रस्ट मॉडल फॉर क्लाउड कंप्यूटिंग
7-कंप्यूटर फॉरेंसिक प्रयोगशाला की स्थापना और प्रशिक्षण सुविधा
8-प्रोबबिेलिस्टिक सिग्नेचर फॉर मेटामॉर्फिक मॉल फेयर डिक्टेशन की जांच

  • देश में पहली और एकमात्र साइबर न्यायालय की स्थापना केंद्र सरकार द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 48 (1 )के अंतर्गत दिए गए प्रावधानों के अनुसार की गई
  • न्यायालय को आरंभ में साइबर विनिमय अपील अधिकरण के रूप में जाना जाता था सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम में 2009 में संशोधन होने के बाद अधिकरण को साइबर अपील अधिकरण के रूप में जाना जाता है जो सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के एक संगठन का भाग है और पीठासीन अधिकारी विभाग इसके अध्यक्ष हैं
  • संशोधित अधिनियम में अधिकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित नियुक्त किए गए अनुसार अध्यक्ष और कई अन्य सदस्यों का प्रावधान किया गया है
  • भारतीय भाषाओं में भी सूचना प्रौद्योगिकी को विस्तार देने के लिए भारतीय भाषाओं में प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रम के तहत संविधान में स्वीकृत 22 भारतीय भाषाओं में फॉन्ट और सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल की गई है
  • सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का नैनो टेक्नोलॉजी प्रयास 2004 में शुरू हुआ जिसमें लेनोवो इलेक्ट्रॉनिक्स पर फोकस से कार्यक्रम में संस्थागत क्षमता निर्माण और अनुसंधान एवं विकास के लिए ढांचागत सुविधाओं तथा नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में मानव संसाधन विकास पर ध्यान दिया जा रहा है
  • आईआईटी मुंबई और भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु में नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स केंद्र भी बनाए जा रहे हैं
  • नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स उपयोगकर्ता कार्यक्रम नाम एक महत्वपूर्ण परियोजना भी आईआईटी मुंबई और भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु में शुरू की गई है
  • सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के मानकीकरण परीक्षण और गुणवत्ता प्रमाणन निदेशालय ने देश में इलेक्ट्रॉनिक तथा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गुणवत्ता आश्वासन के लिए स्वयं को एक प्राथमिक संगठन के रूप में स्थापित किया है
  • यह देश भर में 14 अंशांकन परीक्षण और प्रमाणित सेवाएं प्रदान करता है इसके अतिरिक्त भारतीय क्वालिटी प्रबंध संस्थान जयपुर विश्वसनीयता केंद्र चेन्नई और 4 क्षेत्रीय प्रमाण केंद्र संबंधित क्षेत्रों में विशिष्ट सेवाएं प्रदान कर रहे हैं
  • कोलकाता बेंगलुरु दिल्ली चेन्नई हैदराबाद पुणे और गुवाहाटी s t u cसूचना प्रौद्योगिकी केंद्र सफलतापूर्वक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं

Rajasthan Information technology Department

राजस्थान विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की स्थापना 1983 में की गई थी ,जिसके तहत मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राजस्थान राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद का गठन 11 अगस्त 1983 में किया गया, नवलगढ़ (झुंझुनू ) में विज्ञान उद्यान की स्थापना की जा रही है

राजस्थान में पहली बार प्रोफेसर बी एस व्यास की अध्यक्षता में नवाचार परिषद का गठन किया गया ! पेटेंट सूचना केंद्र जयपुर में है राजस्थान में 1987 में कंप्यूटर निदेशालय का गठन किया गया इसे 13 मई 2002 को सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है

ब्रॉडबैंड सेवा- यह सूचना प्रौद्योगिकी की एक अत्यधिक विकसित तकनीक है जिसके माध्यम से आंकड़े तस्वीरें और संदेश भेजना अब और भी अधिक सरल हो गया है भारत सरकार द्वारा 14 अक्टूबर 2004 को एक ब्रॉडबैंड नीति 2004 घोषित की गई है भारत में 14 जनवरी 2005 से ब्रॉडबैंड सेवा की शुरुआत हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 31 मई 2012 को नई दूरसंचार नीति को मंजूरी प्रदान कर दी

ऑनलाइन विधानसभा- राजस्थान विधानसभा देश की पहली हाईटेक और पूर्णत: कंप्यूटरीकृत विधानसभा है सीकर महा नरेगा के अंतर्गत प्रदेश का पहला ऑनलाइन जिला है

  • भीलवाड़ा-उदयपुर- कारोबार पंचायत के अंतर्गत राज्य में पहली बार इन जिलों को बायोमेट्रिक तकनीक के अंतर्गत अंगूठा छाप की नई तकनीक से जोड़ा गया है
  • जयपुर-यहा इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित होगा राजस्थान सचिवालय में बायोमेट्रिक प्रणाली लागू की गई है )
  • रूपा की नांगल( जयपुर)- यहा राज्य के पहले राष्ट्रीय स्तर के सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान l n m i i t की स्थापना की गई है
  • दूदू- 19 नवंबर 2009 को इस स्थान पर भारत में सबसे पहले भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र की नींव रखी गई प्रत्येक नागरिक को 12 अंक का विशिष्ट पहचान नंबर आधार कार्ड देने की शुरुआत दूदू से की गई , दूदू में पहला ई सेवा केंद्र स्थापित किया गया है
  • कालाडेरा- यह राज्य का पहला गांव है जहां साइबर कियोस्क की स्थापना की गई
  • नायला- राजस्थान में इंटरनेट से जुड़ने वाली पहली ग्राम पंचायत दहमी कलां यहां साइंस सिटी और इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर की स्थापना की जाएगी
  • प्रहलादपुरा- इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए यहां इलेक्ट्रॉनिक्स जोन बनेगा
  • मल्टी हैजार्ड वल्नेरेबिलिटी मैपिंग सिस्टम-राजस्थान भारत का पहला राज्य है जहां आपदाओं से निपटने के लिए मल्टी हैजार्ड वल्नेरेबिलिटी मैपिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है यूनिसेफ के सहयोग से
  • स्वास्थ्य मित्र -टेलीमेडिसिन- जिला अस्पताल झालावाड और एसएमएस अस्पताल जयपुर के मध्य टेलीमेडिसिन सेवा का 14 फरवरी 2006 को उद्घाटन किया गया
  • कैथून-कोटा में भी टेली मेडिसिन सेंटर खोला है यह राज्य का टेली मेडिसिन सेंटर वाला पहला गांव है
  • अजमेर-पंचायतों को ब्रांडेबैंड इंटरनेट सर्विस से जोड़ने के लिए प्रथम बायो मैक्स पावर देश में सबसे पहले यहां लगाया गया है राज्य में BSNL का पहला कॉल सेंटर भी यहां शुरू हुआ है
  • ⚜ज्ञातव्य है कि*-इससे पूर्व उत्तर भारत के लिए सिर्फ गुड़गांव में कॉल सेंटर था
  • किसान कॉल सेंटर की स्थापना दूरभाष के जरिए किसानों को कृषि और संबंधित विषयों की तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने हेतु की गई है इस का दूरभाष नंबर 1551 है
  • पीसांगन-13 दिसंबर 2009 को यहां भारत संचार निगम लिमिटेड की ओर से देश की पहली वाई मैक्स सेवा शुरू की है
  • कैकडी़-राज्य के पहले ई-लर्निगं एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना यहां की गई है

 

Specially thanks to post Writers ( With Regards )

रमेश डामोर सिरोही, Mamta Sharma Kota, दिनेश मीना झालरा,टोंक, 

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