Madhya Pradesh Agriculture ( मध्यप्रदेश की कृषि )

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फसलों के आधार पर मध्य प्रदेश के कृषि क्षेत्र को सात प्रमुख क्षेत्रों में बांटा जा सकता है !

1. ज्वार का क्षेत्र – गुना,शिवपुरी, श्योपुर व पश्चिम मुरैना !

2. गेहूं का ज्वार का क्षेत्र- इसका विस्तार लगभग संपूर्ण बुंदेलखंड के पठार तथा मालवा के मध्य भाग पर है इसके अतिरिक्त पश्चिम मुरैना, ग्वालियर, भिंड, पूर्वी शिवपुरी.पूर्वी गुना, विदिशा, भोपाल. रायसेन ,सागर, नरसिंहपुर, दमोह, टीकमगढ़,पन्ना ,सतना, रीवा भी गेहूं का ज्वार के क्षेत्र हैं !

3. कपास व गेहूं क्षेत्र- उज्जैन, मंदसौर,शाहजहांपुर, राजगढ़,देवास. और सिहोर ! गेहूं उत्पादन में सिहोर का मध्य प्रदेश में प्रथम स्थान है !

4. कपास का क्षेत्र- खरगोन,रतलाम,बड़वानी, धार वा झाबुआ !

5. चावल का कपास का क्षेत्र-  खंडवा,बुरहानपुर !

6. चावल,कपास, ज्वार का क्षेत्र- बैतूल,छिंदवाड़ा और सिवनी !

7. चावल का क्षेत्र- संपूर्ण पूर्वी मध्य प्रदेश के शहडोल, उमरिया,अनूपपुर, बालाघाट, मंडला, सिंधी, जबलपुर एवं सिवनी के कुछ भाग में चावल उत्पादित किया जाता है !

कृषि विभाग द्वारा मध्यप्रदेश को पांच कृषि प्रदेशों में विभाजित किया गया है –

1. पश्चिम में काली मिट्टी का मालवा क्षेत्र- मंदसौर, नीमच, रतलाम, खंडवा,झाबुआ,बड़वानी, हरदा, हारदा धार,देवास, उज्जैन, राजगढ़,शाजापुर, इंदौर, खंडवा, खरगोन, जवार,व कपास के प्रदेश हैं !

2. उत्तर में ज्वार -गेहूं का प्रदेश- मुरैना,शिवपुर, भिंड ,ग्वालियर ,दतिया, शिवपुरी, गुना,छतरपुरा, टीकमगढ़,जिले में है एक अन्य प्रदेश छिंदवाड़ा तथा बेतूल में भी है !

3. मध्य गेहूं का प्रदेश- इसमें भोपाल,सीहोर, होशंगाबाद ,नरसिंहपुर, रायसेन,विदिशा,सागर तथा दमोह जिले शामिल है !

4. चावल -गेहूं का प्रदेश- इसमें उत्तर में पन्ना, सतना, कटनी, उमरिया, जबलपुर तथा सिवनी के दक्षिण तक एक पेटी के रूप में है !

5. संपूर्ण पूर्वी मध्य प्रदेश चावल का प्रदेश- इसमें रीवा, सीधी,शहडोल, अनूपपुर,डिंडोरी,मंडला, बालाघाट अधिक जिले सम्मिलित है !

मध्यप्रदेश की प्रमुख फसलें तथा उनके उत्पादक क्षेत्र (जिलें )-

गेहूं- जबलपुर, सागर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, रीवा, दमोह, सतना, रतलाम, उज्जैन आदी जिले !

चावल- बालाघाट, मंडला,सिंधी,छिंदवाड़ा, बैतूल, रीवा,सतना, भिंड, आदि जिले सम्मिलित हैं !

ज्वार- मंदसौर, रतलाम, उज्जैन,राजगढ़, शाजापुर,देवास,इंदौर, खंडवा ,गुना, विदिशा,सीहोर !

मक्का- उज्जैन, मंदसौर,नीमच, रतलाम,गुना,धार राजगढ़ शाजापुर इंदौर !

चना- होशंगाबाद, नरसिंहपुर,जिला विदिशा, उज्जैन, मंदसौर, धार, भिंड, मुरैना, शिवपुरी तथा रीवा !

अरहर- दक्षिणी और पूर्वी मध्य प्रदेश के जिले बेतूल, छिंदवाड़ा,जबलपुर, नरसिंहपुर, तथा पश्चिमी मध्यप्रदेश के भिंड,मुरैना, ग्वालियर,इंदौर, उज्जैन, देवास, खंडवा,खरगोन,धार झाबुआ और उत्तर में रीवा, सतना, शहडोल सिंधी आदि जिलों में बोली जाती है !

गेहूं

गेहूं मध्यप्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण फसल है मध्यप्रदेश में गेहूं रवि की फसलों पर सबसे अधिक क्षेत्र में उत्पादित होता है मध्यप्रदेश में गेहूं का प्रादेशिक वितरण असमान है राज्य में मालवा का के हूं उत्पादन की दृष्टि से प्रमुख क्षेत्र मध्यप्रदेश में हरित क्रांति से सर्वाधिक लाभ गेहूं उत्पादन को ही हुआ है !

चावल

अविभाजित मध्यप्रदेश की यह सबसे महत्वपूर्ण फसल थी इसका प्रमुख क्षेत्र पूर्व मध्य प्रदेश था जो !वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य के अंतर्गत शामिल है इसे धान का कटोरा नाम से पुकारा जाता है वर्तमान में मध्यप्रदेश में चावल उत्पादन बहुत कम हो गया !

ज्वार

ज्वार मध्य प्रदेश की प्रमुख खाद्यान्न फसल है इसका राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है क्षेत्रफल तथा उत्पादन की दृष्टि से गेहूं के बाजार का प्रमुख स्थान है मध्यप्रदेश में ज्वार खरीब की फसल है !

मक्का

मक्का खरीफ की फसल है उष्ण आद्र क्षेत्रों में उत्पादित की जाती है अदरक असिंचित भागों में वर्षा काल में इसे ही उत्पादित किया जाता है मध्यप्रदेश में इसी जून-जुलाई में बोया जाता है और अक्टूबर-नवंबर में काट लिया जाता है !

चना

चना मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण उपज है इसका दाल एवं खाद्यान्नों के रूप में प्रयोग करके देखें चना की फसल अक्टूबर में बोई जाती है चना को सोते समय नबी की आवश्यकता होती है तत्पश्चात सूखा मौसम में लाभप्रद रहता है राज्य में चना उत्पादक जिलों में उज्जैन, मंदसौर, नीमच ,गुना ,शाजापुर, विदिशा, देवास ,रतलाम, झाबुआ, नरसिंहपुर, जबलपुर ,टीकमगढ़ भिंड मुरैना ,शिवपुर ग्वालियर, सीहोर, होशंगाबाद, छिंदवाड़ा, आदी जिले हैं मध्यप्रदेश का चना उत्पादन राज्यों में दूसरा स्थान है !

मूंगफली

मूंगफली चलन और भोज्य पदार्थ दोनों की फसल है मूंगफली खरीफ की फसल है यह रेतीली दोमट भुरभुरी तथा जल की अच्छी निकासी वाले क्षेत्रों में जहां कार्बनिक पदार्थों और कैल्शियम पदार्थ पर्याप्त हो सफलतापूर्वक उत्पादित की जाती है !

सोयाबीन

सोयाबीन मध्य प्रदेश की एक प्रमुख फसल है देश का 80% से अधिक स्वयं मध्यप्रदेश में होता है अतः इसे देश का सोयाबीन प्रदेश कहते हैं सोयाबीन दैनिक जीवन में केवल दलहन-तिलहन प्रोटीन की मात्रा ही उपलब्ध नहीं करता बल्कि नकदी फसल के रूप में भी बहुत लाभप्रद है !

अलसी

अलसी भी तिलहन के अंतर्गत आने वाली प्रमुख फसल है यह सभी प्रकार की मिट्टियों में उत्पादित की जाती है मध्यप्रदेश में अलसी रवि की महत्वपूर्ण फसल है !

गन्ना

गन्ना मध्य प्रदेश की एक औद्योगिक फसल है जो राज्य में कृषि में चीनी उद्योग की दृष्टि से इसका महत्वपूर्ण स्थान है !

कपास

कपास भी एक प्रमुख औद्योगिक फसल है यह राज्य की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसल है मध्यप्रदेश में कपास की बुवाई जून में की जाती है और नवंबर से मार्च के मध्य काट ली जाती है यह मालवा की काली मिट्टी के क्षेत्र और नर्मदा ताप्ती नदियों की कछारी मिट्टी में उत्पादित की जाती है !

अरहर

अरहर राज्य की प्रमुख दाल है इसे तुवर के नाम से पुकारा जाता है तुअर उत्पादन में मध्यप्रदेश का प्रथम स्थान है तुअर वर्षा के प्रारंभ में जुलाई माह में कपास और ज्वार के साथ हो जाती है ज्वर तो सितंबर अक्टूबर में काट ली जाती है लेकिन तुवर जनवरी से फरवरी माह में काटी जाती है !

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Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

विष्णु गौर सीहोर, मध्यप्रदेश

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