प्रदेश में सभ्यता एवं संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए सांस्कृतिक समारोह आयोजित किए जाते हैं !

Kalidas Festival ( कालिदास समारोह )

उज्जैन में गुप्त काल के महान नाटककार तथा छवि के सम्मान में आयोजित कालिदास संस्कृत समारोह बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है इस समारोह में विश्व भर के संस्कृत विद्वान सम्मिलित होते हैं कालिदास समारोह आरंभ कराने मे भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर शंकर दयाल शर्मा का विशेष योगदान रहा है ! कालिदास समारोह उज्जैन नगर में प्रतिवर्ष कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवप्रबोधिनी एकादशी) को आयोजित होता है।

कालिदास समारोह तीन अलग-अलग चरणों में मनाया जाता है। इसका प्रमुख आकर्षण है संस्कृतनाटक और शास्त्रीय नृत्य। सात दिन तक संस्कृत नाटकों और शास्त्रीय नृत्य का प्रदर्शन होता है। इसके अलावा देश भऱ के विद्वान संस्कृत साहित्यऔर कालिदास को लेकर शोध पत्रों का वाचन करते हैं।

विश्वविद्यालयीन स्तर पर संस्कृत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है जिसमें देश भर के संसकृत छात्र-छात्राएं भाग लेने आते हैं। इस वाद विवाद प्रतियोगिता के उच्च स्तर का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसी जमाने में इसमें प्रतियोगी की हैसियत से बाग लेने आने वाले छात्र आज किसी विश्वविद्यालय में संस्कृत के प्राध्यापक की हैसियत से इसमें निर्णायक की भूमिका में बैठे नजर आते हैं।

Tansen Festival ( तानसेन समारोह )

तानसेन समारोह या तानसेन संगीत समारोह हर साल दिसंबर के महीने में मध्य प्रदेश के ग्वालियरजिले के बेहत गांव में  नियमित रूप से आयोजित किया जाता है ! यह एक 4 दिन का संगीतमय कल्पात्मक नाटक है। दुनिया भर से कलाकार और संगीत प्रेमी यहाँ पर महान भारतीय संगीत उस्ताद तानसेन को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा होते हैं। 

यह समारोह मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा तानसेन के मकबरे के पास आयोजित किया जाता है।इस समारोह में पूरे भारत से कलाकारों को गायन एवं वाद्य प्रसतुति देने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इसी समारोह में मध्यप्रदेश शासन तानसेन सम्मान प्रदान करता है !

तानसेन समारोह मूल रूप से एक स्थानीय त्योहार हुआ करता था, लेकिन यह पूर्व केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री (1952 – 1962) बी. वी. केसकर (1903 – 28 अगस्त 1984) की पहल थी जिससे तानसेन समारोह को एक लोकप्रिय राष्ट्रीय संगीत समारोह में बदला गया। देश-विदेश के संगीत प्रेमी इसके लिए आतुर रहते हैं I

तानसेन सामारोह अलाउद्दीन खां कला एवं संगीत अकादमी और संस्कृति विभाग अकादमी द्वारा संयुक्त रूप से 14 से 17 दिसंबर 2012 के बीच मध्य प्रदेश में आयोजित किया गया था। !

Khajuraho Dance Festival ( खजुराहो नृत्य समारोह )

यह समारोह देशी व विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से 1976 से आयोजित किया जाता है खजुराहो नृत्य महोत्सव मध्य प्रदेश के खजुराहो में मनाया जाता है। चंदेल राजाओं द्वारा बनवाए गए खजुराहो के मंदिर अपने उत्कृष्ट पाषाण शिल्प के लिए विश्वविख्यात हैं। इसमें से अवशेष 22 मंदिर प्रत्येक वर्ष मार्च के महीने में ‘भारतीय शास्त्रीय नृत्य’ के सप्ताह भर लम्बे कार्यक्रमों द्वारा सजीव हो उठते हैं।

इस समय भारत के अनेक विश्वविख्यात कलाकार यहाँ अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। अपने पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्त्व के कारण यूनेस्को द्वारा ‘विश्व धरोहर’ के रूप में नामित मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध खजुराहो मंदिर में प्रति वर्ष फरवरी-मार्च के महीनों में शास्त्रीय नृत्यों के समृद्ध सांस्कृतिक रूप को देखने के लिए भारत और विदेशों से भीड़ उमड़ती है।

चंदेलों द्वारा निर्मित शानदार वास्तुकला वाले मंदिरों के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शास्त्रीय नृत्य का यह ‘खजुराहो नृत्य महोत्सव’ देश की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में आयोजक ‘मध्य प्रदेश कला परिषद’ का एक प्रयास है। सप्ताह भर लंबे इस महोत्सव के दौरान देश के हर हिस्से से लोकप्रिय शास्त्रीय नृत्य के कलाकारों को आमंत्रित किया जाता हैं।

भारत के जाने-माने श्रेष्ठ कलाकार कथक, कुचिपुड़ी, ओडिसी, भरतनाट्यम, मणिपुरी और मोहिनीअट्टम जैसे ‘भारतीय शास्त्रीय नृत्यों’ का प्रदर्शन करते है। परंपरा और आध्यात्मिकता की ताकत इस प्रदर्शन को एक असामान्य और आकर्षक रूप प्रदान करती है। इन नृत्यों में ‘भारतीय शास्त्रीय संगीत’ की अधिकांश संगत का प्रयोग किया जाता है। ‘खजुराहो नृत्य महोत्सव’ के दौरान प्रदर्शन करना ‘भारतीय शास्त्रीय नृत्य’ कलाकारों के लिए विशेष सम्मान माना जाता है।

Tulsi Festival ( तुलसी समारोह )

तुलसी समारोह प्रतिवर्ष मध्य प्रदेश तुलसी एकेडमी द्वारा धनतेरस से दीपावली तक चित्रकूट में मंदाकिनी तट पर आयोजित किया जाता है धनतेरस से दीपावली तक अनगिनत आदिवासी ग्रामवासी अपने आराध्य राम जी के साथ दीपावली मनाने के लिए हर साल गाते-बजाते हुए इस समारोह में शामिल होते हैं !

Aamir Kha Festival ( आमिर खा समारोह )

यशस्वी गायक उस्ताद अमीर खा की स्मृति को चिरस्थाई बनाए रखने के लिए अलाउद्दीन खां संगीत एकेडमी हर साल इंदौर में अमीर खान समारोह का आयोजन करती है !

Lokarung Festival ( लोकरंग समारोह )

भोपाल में हर साल 26 जनवरी अर्थात गणतंत्र दिवस से पांच दिनों तक चलनेवाला लोकरंग समारोह शुरू होता है। यह मध्य प्रदेश की आदिवासी लोक कला अकादमी द्वारा आयोजित एक सांस्कृतिक प्रदर्शनी है। पूरे देश भर से लोकसंस्कृति और जनजातीय संस्कृति के प्रदर्शन और रचनात्मक पहलुओं को सामने लाने का यह एक प्रयास हैं। लोक नृत्य और जनजातीय नृत्य, शास्त्रीय नृत्य, कला रूपों का प्रदर्शन इस लोकरंग की मुख्य विशेषताएं हैं। विदेशों की प्रस्तुतियों और प्रदर्शनियां भी इस समारोह का एक बड़ा आकर्षण हैं।

Lokaranjan Mahotsav ( लोकरंजन महोत्सव )

मध्य प्रदेश के पर्यटन विभाग द्वारा खजुराहो में हर साल आयोजित लोकरंजन, लोक नृत्य का एक राष्ट्रीय महोत्सव है। भारत के विभिन्न भागों से लोकप्रिय लोकनृत्य तथा आदिवासी नृत्य और पारंपरिक कारीगरों की आकर्षक रचनाएं और शिल्प प्रदर्शन, इस महोत्सव में शामिल होते हैं। खजुराहो जैसे धरोहर शहर में आयोजित यह शानदार प्रदर्शनी, दुनियाभर में प्रसिद्ध मंदिर की महिमा और भव्यता उजागर करती है और साथ-साथ आदिवासी और ग्रामीण जीवन शैली के रंग और रचनात्मकता को जानने का अवसर प्रदान करती है।

Ramlila celebration ( रामलीला समारोह )

विभिन्न प्रदेशों की रामलीला मंडली में की सहभागिता से प्रतिभा समारोह पूर्व में केवल भोपाल में और अब प्रदेश के विभिन्न नगरों में आयोजित किया जाता है रामलीला उत्तरी भारत में परम्परागत रूप से मनाये जाने वाला राम के चरित पर आधारित समारोह है। यह प्रायः विजयादशमी के अवसर पर आयोजित किया जाता है।

दशहरा उत्सव में रामलीला भी महत्वपूर्ण है। रामलीला में राम, सीता और लक्ष्मण की जीवन का वृत्तांत का वर्णन किया जाता है। रामलीला समारोह देश के विभिन्न क्षेत्रों में होता है। यह देश में अलग-अलग तरीक़े से मनाया जाता है। बंगाल और मध्य भारत के अलावा दशहरा पर्व देश के अन्य राज्यों में क्षेत्रीय विषमता के बावजूद एक समान उत्साह और शौक़ से मनाया जाता है।

Madhya Pradesh folk Art Festival ( मध्यप्रदेश लोक कला समारोह )

इस समारोह के अंतर्गत सभी चयनित कलाकारों को एक मंच पर लाकर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है इस समारोह हेतु लोक कलाकारों का चयन क्षेत्रीय लोक कला समारोह के माध्यम से किया जाता है !

Alauddin Khan Festival ( अलाउद्दीन खां समारोह )

 इस शताब्दी के महान संगीतज्ञ मेहर के बाबा अलाउद्दीन खां की स्मृति में उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एकेडमी प्रतिवर्ष गीत नृत्य का व्रहद समारोह आयोजित करती है ! बाबा अलाउद्दीन का संगीत समारोह सतना जिले के मैहर में आयोजित किया जाता है !

मध्य प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक 

  • खजुराहो नृत्य समारोह:- खजुराहो
  • कालिदास समारोह:- उज्जैन
  • उस्ताद अलाउद्दीन खा संगीत समारोह:- मेहर (सतना)
  • मालवा उत्सव :-इंदौर /उज्जैन
  • ध्रुपद समारोह:- भोपाल
  • उस्ताद अमीर खा समारोह:- इंदौर
  • माखनलाल चतुर्वेदी समारोह:- खंडवा
  • पद्माकर समारोह:- सागर
  • सुभद्रा कुमारी चौहान समारोह :-जबलपुर
  • ओरछा उत्सव समारोह:- टीकमगढ़
  • निमाड़ उत्सव :-खंडवा,खरगोन,बड़वानी
  • लोकरंग समारोह:- भोपाल
  • जनजाति फिल्मी उत्सव समारोह :-इंदौर
  • किशोर कुमार सम्मान समारोह:-खंडवा
  • तानसेन सम्मान समारोह :-ग्वालियर
  • टेपा समारोह:- उज्जैन

 

Quiz 

Question- 30

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Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

विष्णु गौर सीहोर, मध्यप्रदेश

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