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Madhya Pradesh Energy Resources ( मध्यप्रदेश के प्रमुख ऊर्जा संसाधन )

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भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण के अनुसार देश में लगभग 19689.18 करोड़ टन कोयले का भंडार है ! 1200 मीटर की गहराई तक विद्यमान है कोयला उत्पादन में मध्यप्रदेश का प्रमुख स्थान है जबकि विश्व में भारत का चौथा स्थान है ! मध्य प्रदेश में कोयले के संचित भंडार पूर्वी तथा दक्षिणी भाग में बिखरे हैं जिनमें से अनेक क्षेत्रों में प्रथम तथा द्वितीय श्रेणी का कोयला मिलता है प्रदेश में पाए जाने वाले कोयले में ईंधन के रूप में काम आने वाले कोयले का प्रतिशत अधिक है लोहा तथा इस्पात उद्योग में लगने वाले कोकिंग कोल का उत्पादन कम होता हैं ! देश की कुल कोयला भंडार का 25% मध्य प्रदेश में है

मध्य प्रदेश के प्रमुख कोयला क्षेत्रों के नाम इस प्रकार है-

तालपानी -रामकोला क्षेत्र, सोनहट क्षेत्र, जावरा खंड क्षेत्र, उमरिया क्षेत्र, कोलार क्षेत्र, जोहिला नदी क्षेत्र, सिंगरौली क्षेत्र, मंद नद़ी क्षेत्र, हसदी रामपुर क्षेत्र, मोहदानी क्षेत्र, शाहपुर तवा क्षेत्र, कान्हन नदी क्षेत्र, पेंच घाटी क्षेत्र !

? प्राकृतिक गैस

?⚜ प्राकृतिक गैस ऊर्जा का एक स्त्रोत है LPG के रूप में घरेलू सीजन के लिए इसका उपयोग किया जाता है कोयले के मुकाबले से बहुत कम विषैले तत्व निकलते हैं भारत के पश्चिमी समुद्री तट के दक्षिणी विषय में प्राकृतिक गैस के विशाल भंडारे राजस्थान में जैसलमेर, कावेरी तट, खंभात के नादा, तमिलनाडु में आदि उक्कमंगलम, गुजरात में आनंद,असम में खोवाघाट और आंध्र प्रदेश में लिंगम में पर्याप्त तेल एवं गैस क्षेत्र है ! (ONGC) उन तरीकों के वकास पर ध्यान दे रहा है जिससे प्राकृतिक गैस की एक बहुत बड़ी मात्रा जो बर्बाद हो जाती है उसे बचाया जा सके !

? पेट्रोलियम

?⚜ इसका उपयोग मिट्टी के तेल के रूप में लगभग 2500 वर्षों से हो रहा है इसका उपयोग दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है आज पेट्रोलियम उपयोग की मात्रा से किसी भी देश के विकास का स्तर देखा जा सकता है 1956 में तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग की स्थापना हुई तभी से भारत में इसका उत्खनन एवं उत्पादन प्रारंभ हुआ सन 1993- 94 में तेल शोधन क्षमता 53.25 मिलियन मेट्रिक टन प्रतिवर्ष थी तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग देश में तेल के नए क्षेत्रों की तलाश कर रही है !

? विद्युत

?⚜ विद्युत ऊर्जा का सबसे सुगम साधन है यही कारण है कि उर्जा के अन्य साधन की तुलना में इसकी मांग बहुत तेजी से बढ़ी है आज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विद्युत का उपयोग एक अनिवार्य अंग बन गया है किसी भी देश अथवा प्रदेश के चहुमुखी विकास हेतु बिजली समवर्ती सूची का विषय है अर्थात ऊर्जा की उपलब्धता की जिम्मेदारी संघ एवं राज्य सरकार दोनों की है ! मध्य प्रदेश में विद्युत उत्पादन के पर्याप्त साधन है यहां बहुत याद से कोयला प्राप्त होता है साथ ही प्रदेश में बहने वाली बड़ी-बड़ी वेगवती नदियों से प्रचुर मात्रा में जल विद्युत प्राप्त हो रहा है !

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मध्य प्रदेश में विद्युत उत्पादन का इतिहास 72 वर्ष पुराना है यह विद्युत उत्पादन 1950 में प्रारंभ हुआ 1930 तक निजी कंपनियों का देशी रियासतों के नियंत्रणाधीन छोटे-छोटे 10 विद्युत गृह कार्य थे 10 सितंबर 1948 को विद्युत प्रदाय अधिनियम लागू किया गया और विद्युत प्रदाय का कार्य मध्य प्रदेश विद्युत मंडल को सौंप दिया गया ! मध्य प्रदेश में विद्युत उत्पादन केंद्र निम्न है-

  1. तापीय विद्युत गृह
  2. जल विद्युत गृह

1. तापीय विद्युत गृह :-

कोयले से उत्पन्न की जाने वाली बिजली को ताप विद्युत गृह कहते हैं मध्यप्रदेश में उत्पन्न अधिकतर बिजली इसी प्रकार की है !

  1. अमरकंटक ताप विद्युत गृह :- यह शहडोल जिले के सोहागपुर कोयला क्षेत्र में है इस केंद्र की कुल 4 इकाइयां हैं जिनकी स्थापित क्षमता 300 मेगावाट है !
  2. विंध्याचल वृहद ताप विद्युत परियोजना :- यह परियोजना सिंगरौली जिले के बेढन नामक स्थान पर है उसके आसपास सिंगरौली की विशाल कोयला को खाने हैं इसकी कुल उत्पादित क्षमता 2260 मेंगावाट है !
  3. सतपुड़ा ताप विद्युत केंद्र :- यह बैतूल जिले में पाथरखेड़ा कोयला क्षेत्र में स्थित है इसकी क्षमता में लगातार विस्तार किया जा रहा है इस विद्युत केंद्र की स्थापित क्षमता 1142.5 मेगावाट हो गई है !
  4. चांदनी ताप विद्युत केंद्र :- नेपानगर के कागज कारखाने को विद्युत आपूर्ति हेतु 1953 में इसकी स्थापना की गई है इसकी कुल उत्पादन क्षमता 17 मेगावाट है !
  5. जबलपुर ताप विद्युत केंद्र :- यह 44 मेगा वाट की तीन, 2 मेगावाट की तीन, 2 मेगावाट की चार, तरह 1 मेगावाट की एक इकाई कार्यरत है इसकी उत्पादन क्षमता 15 मेगावाट है !
  6. संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र:- यह विद्युत केंद्र शहडोल जिले में बिरसिंहपुर में है इसकी प्रथम इकाई में कार्य पूर्ण हो चुका है शेष कार्य प्रगति पर है !
  7. पेंच ताप विद्युत गृह :- छिंदवाड़ा जिले में यह विद्युत ग्रह स्थापित है !
  8. बांधवगढ़ व मांडू ताप विद्युत गृह :- यह मध्य प्रदेश व गुजरात की संयुक्त परियोजना है !

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2. जल विद्युत केंद्र

  • गांधी सागर जल विद्युत केंद्र :- मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के भानपुरा तहसील में गांधी सागर बांध 1960 में बनाया गया है इसी बांध पर 93 मीटर लंबा गांधी सागर विद्युत केंद्र है जिसमें 15 -15 मीटर की दूरी पर 230000 किलोवाट शक्ति के 5 विद्युत उत्पादन संयंत्र लगाए गए हैं इससे 60% भारांश की कम से कम 60,000 किलो वाट बिजली प्राप्त होने लगी है !
  • राणा प्रताप सागर जल विद्युत केंद्र :- यह केंद्र गांधी सागर बांध से 48 किलोमीटर दूर चुलिया प्रपात के पास रावतभाटा में बनाया गया है इसमें विद्युत गृह की 2 इकाइयां स्थापित कर विद्युत उत्पादन का कार्य शुरू किया जा चुका है !

ऊर्जा

राज्य सरकार ने विद्युत के अतिरिक्त उत्पादन के लिए राष्ट्रीय नीति के अनुरूप निजी क्षेत्र की कंपनियों से 22 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए परंतु निजी कंपनियों द्वारा जमीनी कार्य शुरू नहीं किया गया ! प्रदेश में विद्युत क्षेत्र को वित्तीय एवं विद्युत कर्मी के संकट से उबारने के लिए सुधार की प्रक्रिया प्रारंभ की गई सुधार प्रक्रिया में अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं यथा-सीडा (कनाडा),ADB, DFID (UK)भी प्रारंभ से सहयोगी रही है !

विद्युत क्षेत्र में प्रभावी प्रबंधन के लिए मध्य प्रदेश राज्य विद्युत मंडल के विरद्ध स्वरूप का पुनर्गठन किया गया उत्पादन, पारेषण, एवं विद्युत वितरण हेतु कंपनी एक्ट 1956 के तहत मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मंडल का पुनर्गठन कर पांच कंपनियों का गठन जुलाई 2002 में किया गया ! यह पांचो कंपनी अपने अपने अपने क्षेत्र में प्रबंधन के लिए स्वतंत्र रहते हुए भी मध्य प्रदेश राज्य विद्युत मंडल के प्रति उत्तरदाई थी !

पहुंचो कंपनी में एक जून 2005 से पूर्णता स्वशासी हो गई पांचो कंपनियों की आरंभिक बैलेंस शीट को अंतिम रुप देकर इन्हें अधिसूचित कर दिया गया ! विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के तहत, विद्युत व्यापार के लिए कंपनी अधिनियम 1956 के तहत, एक पावर ट्रेडिंग कंपनी गठित कर उसे महा जून 2006 से क्रियाशील किया गया है ! विद्युत मंडल/ विद्युत कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण विद्युत क्षेत्र में राज्य सरकार का कार्य नीति निर्धारण तक सीमित करें तथा विद्युत दरों के निर्धारण एवं नियमन कार्यों के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग की स्थापना वर्ष 1998 में की गई नियामक आयोग द्वारा अभी तक साथ डेरी को आदेश जारी किए गए हैं !

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पवन ऊर्जा :-

पवन ऊर्जा के उत्पादन के लिए नए नए क्षेत्रों की तलाश कार्य जारी है देश में पवन ऊर्जा उत्पादन करने की क्षमता 2000 मेगावाट है पवन बिजली उत्पादन में भारत को विशेष स्थान प्राप्त है ! तमिलनाडु आंध्र प्रदेश कर्नाटक केरल मध्य प्रदेश महाराष्ट्र लक्ष्यदीप में अब तक 60 ऐसे स्थानों की खोज की गई है जहां 3000 मेगावाट क्षमता बिजली उत्पादन की संभावना है ! 67 मेगा वाट की कुछ परियोजना पर तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश,कर्नाटक और मध्य प्रदेश में कार्य किया जा रहा है !

मध्य प्रदेश सरकार ने छोटे छोटे निवेशक को द्वारा पवन बिजली बनाने के तरवा इसकी स्थापना करने के लिए संयुक्त क्षेत्र में एक कंपनी बनाने का निर्णय लिया है देश में पवन ऊर्जा के उत्पादन की बहुत संभावनाएं हैं ऐसा समझा जाता है कि जब हवा बहुत तेज होगी तभी पवन ऊर्जा का उत्पादन हो सकेगा परंतु यह सत्य नहीं है पवन ऊर्जा के लिए वायु का आदर्श गति 8 से लेकर 23 मीटर प्रति सेकंड होना चाहिए इससे कम या अधिक में पवन चक्की नहीं चल सकेगी देश में वायु की गति का राष्ट्रीय औसत 9.4/ सेकंड है इसलिए देश में पवन ऊर्जा के उत्पादन की उपयुक्त स्थितियां है !

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बायोमास:-

पौधों और कचरे के ऊर्जा उत्पादन करने की प्रणाली को बायोमास कहते हैं पादप बैक्टीरिया एंजाइम आदि को जलाकर जो ऊर्जा प्राप्त होती है वह मात्रा में बहुत कम होती है और इससे प्रदूषण भी बहुत फैलता है यदि बैक्टीरियल फोर्मटेंशन से मिथेल बना कर या वेस्ट फर्मेंटेशन से एथेनॉल बनाकर ऊर्जा प्राप्त की जाए तो इन दोनों समस्याओं से बचा जा सकता है मध्यप्रदेश में कई स्थानों पर धान की भूसी चीनी मिलों के अवशिष्ट और कचरे से ऊर्जा प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है !

बायोगैस:-

इसे सोलापूरचा भी कहा जाता है जीवो के उत्सर्जित पदार्थ को देवा उद्योगों के अपशिष्ट को रजिस्टर में कम से कम ताप पर जलाया जाता है इससे माइक्रोवे निकलते हैं उससे ऊर्जा प्राप्त होती है इस ऊर्जा को घरों में खाना पकाने को प्रकाश व्यवस्था के लिए उपयोग किया जाता है इसका उपयोग प्रदेश में छोटे-छोटे गांव तक में होने लगा है !

हाई ड्रेम वाटर पंप :- छोटी नदियों एवं नालों के आसपास कृषि भूमि को बिजली एवं बिना ईंधन के सिंचाई जल उपलब्ध कराने के लिए हाईवे ड्रेम वाटर पंप का प्रयोग किया जाता है इसमें डाल के अनुसार पानी के दबाव विधि का प्रयोग किया जाता है प्रदेश में भोपाल राजगढ़ खंडवा खरगोन आदि क्षेत्रों में हाई ड्रेम वाटर पंप का प्रयोग किया जाता है !

सोलर फोटोवोल्टिक सयंत्र:- यह ऐसे सेल होते हैं जो सूर्य की रोशनी को विद्युत ऊर्जा में बदलते हैं इनका उपयोग रात के समय प्रकाश व्यवस्था करने एवं विद्युत उपभोग के लिए किया जाता है मध्यप्रदेश में इनका उपयोग बेतूल झाबुआ होशंगाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाता है इसे षडयंत्रो से लगभग 300 वाट बिजली प्राप्त की जा सकती है !

सोलर डिस्टिल वाटर प्लांट :- ऐसे यंत्रों का प्रयोग शैक्षणिक संस्थानों में किया जाता है इनमें वाष्पन आसुत जल एकत्रित करने हेतु सौर ऊर्जा का प्रयोग किया जाता है !

सोलर कुकर:- सोलर कुकर में सौर ऊर्जा के द्वारा खाना पकाया जाता है इसकी मदद से घर बनाने में मदद मिलती है सोलर कुकर की खरीददारी पर राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है !

सौर ऊर्जा गर्म पानी संयंत्र:- इंसान यंत्रों का प्रयोग डेरी उद्योग ,चीनी मिल, कपड़ा मिल,होटल तथा होस्टल,आदी मे पानी को गर्म करने के लिए किया जाता है प्रदेश सरकार इन संयंत्रों को बढ़ावा दे रही है !

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? मध्यप्रदेश ऊर्जा संसाधन से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य
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  • ? रीवा जिले में 750 मेगावाट का फ्लैट पैनल सोलर प्लांट लगाया गया है यह देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट है इससे 24% बिजली दिल्ली मेट्रो कारपोरेशन को दी जाएगी यह 1590 एकड़ में फैला हुआ है !
  • ? एशिया का प्रथम लेसर किरण परमाणु ऊर्जा अनुसंधान संस्थान इंदौर में है जिसे राजारमन्ना प्रद्योगिकी संस्थान भी कहते हैं !
  • ? विंध्यनगर (सिंगरौली) को प्रदेश की ऊर्जा राजधानी कहा जाता है !
  • ? मध्य प्रदेश का पहला का सबसे बड़ा पवन ऊर्जा संयंत्र देवास के जामगोद रानी में लगाया गया है !
  • ? मध्य प्रदेश में दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र इटारसी में लगाया गया है !
  • ? राज्य में धान की भूसी पर आधारित विद्युत संयंत्र जादूखेड़ा धार जिले में लगाया गया है !
  • ? बायोमास से बिजली उत्पादन करने वाला पहला गांव कसाई बेतूल जिले मे है जो पूर्ण रूप से बायोमास से उत्पन्न बिजली करने वाला प्रदेश का पहला गांव है !
  • ? कस्तूरबा ग्राम( इंदौर) पूर्णता सौर ऊर्जा पर निर्भर गांव है !
  • ? राज्य में सर्वप्रथम विद्युत का उत्पादन 1905 में ग्वालियर में किया गया था !
  • ? रतनजोत (जट्रोफा )से बायोफ्यूल बनाने का 10 किलो वाट का संयंत्र बांगड़ी मंडला में लगाया गया है !
  • ? मध्यप्रदेश में सर्वाधिक पवन चक्कियां इंदौर जिले में है !

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No of Questions- 20

0%

Q.1 देश के कुल कोयला उत्पादन का कितने प्रतिशत मध्यप्रदेश में में पाया जाता है ?

Correct! Wrong!

Q.2 पेंच ताप विद्युत गृह परियोजना मध्यप्रदेश के किस जिले में स्थापित है ?

Correct! Wrong!

Q.3 मध्यप्रदेश की ऊर्जा राजधानी किस जिले को कहा जाता है ?

Correct! Wrong!

Q.4 हाल ही में देश का सबसे बड़ा 750 मेगावाट का सोलर पैनल प्लांट मध्यप्रदेश के किस जिले में लगाया गया है ?

Correct! Wrong!

Q.5 मध्यप्रदेश में फर्नीचर उद्योग के लिए कौन सा स्थान प्रसिद्ध है ?

Correct! Wrong!

Q.6 मध्यप्रदेश में जीवाणु खाद्य संयंत्र कहां पर है ?

Correct! Wrong!

Q.7 मध्यप्रदेश में मेटल वर्क्स फैक्ट्री कहां पर है ?

Correct! Wrong!

Q.8 मेघनगर औद्योगिक केंद्र मध्य प्रदेश में कहां पर है ?

Correct! Wrong!

Q.9 कृषि उपकरण फैक्ट्री मध्य प्रदेश में कहां पर स्थित है ?

Correct! Wrong!

Q.10 मध्यप्रदेश के किस जिले में टिंबर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित है ?

Correct! Wrong!

Q.11 मध्य प्रदेश में टिंबर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना किस वर्ष की गई थी ?

Correct! Wrong!

Q.12 मध्य प्रदेश में सिक्योरिटी पेपर मिल (SPM) कहाँ है ?

Correct! Wrong!

Q.13 मंडीदीप में स्थित ऑप्टिकल फाइबर कारखाना किसके सहयोग से निर्मित किया गया है ?

Correct! Wrong!

Q.14 मध्य प्रदेश में नई औद्योगिक नीति कब से प्रारंभ हुई ?

Correct! Wrong!

Q.15 मध्यप्रदेश में कृषि उपकरण परीक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र कहां पर है ?

Correct! Wrong!

Q16.मध्यप्रदेश में विद्युत प्रदाय अधिनियम लागू हुआ था ?

Correct! Wrong!

Q17.तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग की स्थापना कब हुई?

Correct! Wrong!

Q18. वर्ष 2009 से 2012तक नर्मदा परियोजना में विद्युत उत्पादन में वृद्धि की गई ?

Correct! Wrong!

Q19.कस्तूरबा ग्राम(इंदौर)पूर्णत किस पर निर्भर है ?

Correct! Wrong!

Q.20.मध्यप्रदेश में विद्युत उत्पादन के कितने केंद्र है ?

Correct! Wrong!

Madhya Pradesh Energy Resources Quiz ( मध्यप्रदेश के प्रमुख ऊर्जा संसाधन )
VERY BAD! You got Few answers correct! need hard work.
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GOOD! You well tried but got some wrong! need more preparation
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Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

विष्णु गौर सीहोर, मध्यप्रदेश, रंजना जी सोलंकी, बड़बानी

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