Madhya Pradesh Mineral ( मध्यप्रदेश मे खनिज )

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भारत में खनिज भंडार प्रचुर मात्रा में है संविधान के अंतर्गत खनिजों पर राज्यों का अधिकार है लेकिन केंद्र सरकार खान और खनिज अधिनियम 1957 के तहत बनाए गए कानून के जरिए खनिजों को नियमित करती है यह अधिनियम 1972, 1986,में 1999 में संशोधन हुआ है !

मध्यप्रदेश में खनिज नीति 1995 में घोषित की गई राज्य शासन ने गौण खनिज अधिनियम 1996 को प्रभावशील करके गौण खनिजों की खदानें त्रिस्तरीय पंचायतों की हस्तांतरित की !

मुख्य एवं गौण खनिजों के उत्खनन बड़प्पन खोज संवर्धन एवं पेस्ट को धात में परिवर्तित करने हेतु मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम 1959 की स्थापना की गई है ! मध्यप्रदेश में विभाजनों उपरांत खनिज की दृष्टि से प्रदेश को भारी क्षति हुई है किंतु संभावनाओं की कमी नहीं है प्रदेश में वर्तमान में 20 प्रकार के खनिज का उत्पादन हो रहा है प्रदेश के मुख्य खनिज की जानकारी निम्नानुसार है !

मध्यप्रदेश में सभी खनिज संसाधनों में कोयले का स्थान कोयला मूल्य व मात्रा की दृष्टि से सर्वोच्च है और यही स्थिति देश की है प्रदेश के कुल उत्पादन का लगभग 14.5% उत्पादन होता है देश का कुल उत्पादन 3 लाख हजार टन है जबकि प्रदेश में 45,735 हजार टन कोयला उत्पादन होता है !

विश्व कोयला उत्पादन में भारत का चीन और अमेरिका के बाद तीसरा स्थान है देश में प्रमुख स्थान पश्चिम बंगाल का है वह उसके बाद झारखंड, उड़ीसा. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़,महाराष्ट्र असम आंध्र प्रदेश आदि का स्थान है ! मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ का संयुक्त उत्पादन 84,419 हजार मेट्रिक टन रहा है जोकि छत्तीसगढ़ से कुछ ज्यादा है ! मध्यप्रदेश में शहडोल जिले में स्थित सोहागपुर कोयला क्षेत्र सबसे बड़ा कोयला क्षेत्र है !

सिंगरौली में कोयले की परिधि 136 मीटर मोटी है जो विश्व में दूसरे स्थान पर है सीधी जिले को ऊर्जा की राजधानी कहा जाता है प्रदेश में कोयला भंडारण की दृष्टि से विंध्य क्षेत्र प्रथम है संसाधन की दृष्टि से उड़ीसा की कोयला खदानों में सर्वाधिक कोयला भारत में सबसे बड़ी भूमिगत हवाई यंत्रीकृत कोयला खान कोरबा (छत्तीसगढ) में हैं !

चूना पत्थर

  • देश का उत्पादन हजार 1,28,787 हजार टन है जबकि मध्यप्रदेश का उत्पादन ₹25100 टन है राज्य में पाए जाने वाले चूने के पत्थर में चूने की मात्रा 40 से 50% तक होती है चूने के पत्थर के केल्केरियस चट्टानों का प्रमुख प्रतिनिधि है इसमें कैल्शियम कार्बोनेट की प्रधानता होती है जिन चट्टानों में मैग्नीशियम कार्बोनेट होता है उसने के पत्थर को डोलोमाइट कहते हैं !
  • मध्य प्रदेश के विभाजन उपरांत चूना पत्थर के उत्खनन में मात्राओं का मूल्य की दृष्टि से ज्यादा कमी नहीं आई है प्रदेश में चूना पत्थर के प्रमुख क्षेत्र कटनी मुड़वारा क्षेत्र कैमूर सीमेंट की खाने बड़वारा, मेहगांव, हलवारा विंध्य नियुक्ति चटाने ग्वालियर से मुरैना क्षेत्र में है विभिन्न युगो की चट्टानें खरगोन झाबुआ धार में है !
  • प्रदेश में बानमोर (मुरैना )कैमूर (सतना), कटनी में सीमेंट के कारखाने के कारण चूने का पत्थर का उत्पादन बढ़ा है 2000 से 2003 में उत्खनित चूने के पत्थर का मूल्य ₹27751 लाख रु है !

तांबा

  • प्रदेश में बालाघाट की बेहद तहसील में मलाजखंड में 170 मीटर लंबी 32 मीटर चौड़ी पट्टी जाती है जो उच्च कोटि के तांबे का भंडार है विश्व में सर्वाधिक तांबा चिली में होता था किंतु 1999 से युगोलास्विया प्रथम स्थान पर है !
  • देश में तांबा उत्पादन में झारखंड (सिंह भूमि ),मध्य प्रदेश (बालाघाट), व राजस्थान( झुंझुनू.अलवर, खेतड़ी,) महत्वपूर्ण उत्पादक हैं मध्यप्रदेश में तांबे का देश में कुल उत्पादन का 22% होता है !
  • मध्यप्रदेश में खनिज पदार्थों के मूल्य की दृष्टि से इसका तीसरा स्थान है !

मैगनीज

  • देश के कुल भंडार का 50% मध्यप्रदेश में पाया जाता है मध्य प्रदेश में 680 लाख टन मैगनीज का भंडारण है जिसमें से 500 लाख टन बालाघाट व शेष छिंदवाड़ा में हैं !

हीरा

  • मध्य प्रदेश हीरो का एकमात्र उत्पादक राज्य है पन्ना जिले की मंझगाँव को क्रियाशील तथा कोठारिया खाने सतना तक गई है छतरपुर में अंगूरा व पन्ना में ही मोटा हिनोता की संभावना वाले अन्य क्षेत्र हैं पन्ना में भागेन नदी द्वारा बनाए गए ढेर में रामखेरिया स्थान से हीरा प्राप्त किया जाता है मध्यप्रदेश का हीरा उत्पादन में देश में प्रथम स्थान है !

रॉक फॉस्फेट

  • इसके भंडारण और प्रदेश का प्रथम स्थान है झाबुआ में एक का विशाल भंडार है जहां उत्खनन कार्य शुरू हो गया है अन्य क्षेत्र सागर व छतरपुर हैं इस खनिज का उपयोग सुपर फास्फेट उर्वरक बनाने में होता है खरगोन जिले में उच्च श्रेणी के रॉक फास्फेट का पता चला है 

बॉक्साइट

  • एलुमिनियम का खनिज अयस्क है प्रदेश के विभाजन उपरांत बॉक्साइट के उत्पादन में खासा नुकसान हुआ है प्रदेश का उत्पादन पूर्व की अपेक्षा 2/3 कम हुआ है प्रदेश में शहडोल ,जबलपुर, मंडला, रीवा प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है उत्तर प्रदेश में रेणुकूट एलुमिनियम संयंत्र को शहडोल से अमरकंटक से बॉक्साइट भेजा जाता है !

ग्रेफाइट

  • बैतूल जिले में मिला है ग्रेफाइट का उपयोग पेंट तथा बैटरी तथा पेंसिल बनाने में होता है देश में सर्वाधिक ग्रेफाइट उड़ीसा में होता है !

लोहा

  • लोहा अयस्क का संचित भंडार सर्वाधिक उड़ीसा झारखंड छत्तीसगढ़ बा कर्नाटक में है मध्यप्रदेश में मुख्य रूप से जबलपुर में होता है अन्य क्षेत्र है विदिशा उज्जैन शाजापुर धार झाबुआ आदि !

कोरंडोम

  •  मध्य प्रदेश के सीधी जिले के पिपराव परकोटा में पाया जाता है यह एल्मुनियम का ऑक्साइड है !

अभ्रक

  • अभ्रक उत्पादन में भारत का विश्व में पहला स्थान है देश में सर्वाधिक भंडार आंध्रप्रदेश है मध्यप्रदेश में ग्वालियर के कडप्पा से लोग छिंदवाड़ा मध्य झाबुआ में अल्प मात्रा में होता है !

संगमरमर

  • मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले का श्वेत, ग्वालियर का लाल, छिंदवाड़ा सिवनी का हरा, बेतूल का रंगीन संगमरमर प्रसिद्ध है !

फायर क्ले

  • मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में पाली चौराहा जबलपुर शहडोल (बरोदि)पन्ना में मिलता है !

फेल्सपार

  • जबलपुर (लम्हेटाघाट) छिंदवाड़ा एवं शहडोल जिलों में मिलता है !

एस्बेस्टस

  • मध्य प्रदेश के जिले झाबुआ में मिलता है अन्य क्षेत्र है बालाघाट सिंधी टीकमगढ़ नरसिंहपुर एवं होशंगाबाद आदि जिलों में भी अल्प मात्रा में पाया जाता है !

सोप स्टोन टालक

  • इसे एसटीएटाईट( सेलखड़ी) के नाम से जाना जाता है यह जबलपुर भेड़ाघाट तथा नर्मदा की घाटी से प्राप्त होता है !

जिप्सम

  • मध्य प्रदेश के जिले शहडोल मुरैना एवं सतना में पाया जाता है !

गेरू

  • प्रदेश में गेरू के भंडार सतना जबलपुर ग्वालियर बैतूल होशंगाबाद रीवा शहडोल उमरिया में पाए जाते हैं 

डोलोमाइट

  • मध्य प्रदेश के जिले जबलपुर सीन्धी इंदौर झाबुआ ग्वालियर में मिलता है 

सीसा

  •  मध्यप्रदेश में मुख्य रूप से शीशा दतिया झाबुआ शिवपुरी आदि जिलों में पाया जाता है 

मध्यप्रदेश में खनिज नीति 2010 के प्रमुख तथ्य

मध्यप्रदेश राज्य खनिज नीति 2010 का अनुमोदन 7 सितंबर 2010 को मंत्रिपरिषद की बैठक में किया गया इस नीति का मुख्य उद्देश्य सुनियोजित एवं वैज्ञानिक तरीके से तथा समस्त पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी विषय को ध्यान में रखते हुए खनिजों का विकास करना एवं इस नीति के प्रमुख प्रावधान निम्नलिखित है –

  • नवीन खनिजों की खोज और भंडार के आकलन के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर खनिजों की खोज करने के लिए निजी क्षेत्र सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा !
  • एक निश्चित अनुपात में उच्च और निम्न श्रेणी खनिज के मिश्रण के लिए अध्ययन और उपयोग को प्रोत्साहन किया जाएगा ! खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों से समन्वय किया जाएगा !
  • खनिज विकास निधि का गठन किया जाएगा !
  • खनिजों के परिवहन के लिए परमिट की व्यवस्था पर जोर दिया जाएगा !
  • खनिज रियासत आवेदन पत्रों की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा !
  • बहुमूल्य धातुओं की खोज की विशेष प्राथमिकता दी जाएगी !
  • खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर नियंत्रण रखने के लिए विद्यमान नियमों को और अधिक कठोर बनाया जाएगा !

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No of Questions-19

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Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

विष्णु गौर सीहोर, मध्यप्रदेश, रांजना जी सोलंकी,बड़बानी

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