Madhya Pradesh Transport

मध्यप्रदेश में परिवहन

मध्य प्रदेश सड़क परिवहन ( Madhya Pradesh Road transport )

देश प्रदेश एवं किसी क्षेत्र विशेष की प्रगति में सड़कों का महत्वपूर्ण योगदान होता है इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के हृदय प्रदेश मध्य प्रदेश में राज्य सरकार ने अपने घोषित पूरा करते हुए पिछले 5 वर्षों की अवधि 49 हजार 824 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन का कार्य किया गया है जिसके कारण राज्य में नए उद्योगों की स्थापना पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के आने की संख्या में बढ़ोतरी और व्यापार को बढ़ावा मिला है क्षेत्रों में सड़कों के विकास से किसानों किसानों को कब अपने उपज एवं पैदावार को मंडियों तक ले जाने में सुविधा हुई है !

वर्तमान में प्रदेश की सड़कों का घनत्व 31 किलोमीटर प्रति वर्ग किलोमीटर हो गया है जबकि अखिल भारतीय घनत्व 75 किलोमीटर प्रति 100 वर्ग किलोमीटर है

राज्य में अच्छी गुणवत्ता वाली सड़कों के निर्माण के लिए 14 जुलाई 2004 मध्य प्रदेश रोड डेवलमेंट कार्पोरेशन नामक एक स्वतंत्र कंपनी बनाई गई है मध्य प्रदेश के समस्त राज्य मार्गों व संधारण तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से प्रदेश में सड़क परियोजनाओं को विकसित कर रही है

मुख्यमंत्री जन संकल्प अंतर्गत से फोरलेन को सभी संभागीय मुख्यालय को राजधानी 4 से जोड़ने, जिलों को संभागीय मुख्यालय से 2 लाइन से तथा तहसील और ब्लॉक को पक्की सड़कों से जाएगा इस दिशा में पहल प्रारंभ कर दी गई जिसके प्रथम चरण में भोपाल से इंदौर और इंदौर से उज्जैन सड़कों को फोर लेन बनाने का कार्य जारी है

वर्तमान में तीन रेलवे ओवर ब्रिज 181 राज्यस्तरीय पुलों का निर्माण 197 करोड़ 18 लाख ₹5000 की राशि व्यय कर किया गया है इस अवधि में अधोसंरचना विकास के तहत लगभग 52000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया

प्रदेश में सड़कों की कुल लंबाई 87000 किलोमीटर है (भारत में 300000 से अधिक है)

राष्ट्रीय राजमार्ग 5139.6 किलोमीटर तथा राज्यमार्ग 10373 किलोमीटर है

मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की स्थापना 1962 में हुई थी

देश के बड़े बड़े नगरों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग कहलाते है प्रदेश में 17 राष्ट्रीय राजमार्ग है जिनमे सबसे अधिक लंबाई राष्ट्रीय मार्ग-3 (आगरा मुंबई की है)

सड़कों की दृष्टि से मध्य प्रदेश का देश मे 14 वा स्थान है

मध्यप्रदेश में रेल मार्ग ( Railway Transport in Madhya Pradesh )

 मध्यप्रदेश में रेल मार्ग 4903 किलोमीटर है मध्यप्रदेश में रेलवे स्लीपर बनाने का उपाय सीहोर जिले के बुधनी क्षेत्र में स्थित है रेलवे कोच रिपेयर फैक्ट्री निशांत पूरा भोपाल में स्थित है मध्यप्रदेश में रेलवे इंजन निर्माण भोपाल मैं स्थित भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड में होता है

देश में रेल सेवा आयोग का मुख्यालय भोपाल में है भोपाल एक्सप्रेस ISO-9001 प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाली देश की पहली रेल है भोपाल में स्थित हबीबगंज रेलवे स्टेशन को ISO-9001 प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है रेवांचल एक्सप्रेस को ISO-14001 प्रमाण पत्र प्रदान किया गया

वर्तमान में मध्यप्रदेश मैं 3 रेलवे जॉन है

1. मध्य रेलवे➖ ग्वालियर जबलपुर रीवा भोपाल
मध्य रेलवे शाखा➖ मुंबई- दिल्ली, मुंबई -इलाहाबाद, कटनी- बीना, झांसी-मानिकपुर,खंडवा-हिंगोली

2. दक्षिण पूर्वी रेलवे➖ शहडोल,छिंदवाड़ा,बालाघाट
 दक्षिण पूर्वी रेलवे शाखा➖ मुंबई-कोलकाता

3. पश्चिमी रेलवे ➖इंदौर, देवास ,रतलाम, सीहोर
पश्चिमी रेलवे की शाखा➖ दिल्ली-मुंबई,अजमेर- खंडवा, गुना-मक्सी

मध्य प्रदेश में वायु मार्ग ( Air Transport in Madhya Pradesh )

प्रदेश में 5 हवाई अड्डे हैं जो खजुराहो ग्वालियर भोपाल इंदौर जबलपुर मैं है भोपाल हवाई अड्डे का नाम राजा भोज हवाई अड्डा तथा इंदौर हवाई अड्डे का नाम रानी अहिल्याबाई हवाई अड्डा रखा गया है

भारत में वायुयान की प्रायोगिक उड़ाने 1911 में प्रारंभ हुई वास्तविक उड़ाने नागरिक उड्डयन विभाग 1927 की स्थापना से हुई  राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान जहां हवाई पट्टी है

24 जिलों में विमानतल व हवाई पट्टी है बांधवगढ़ (उमरिया) में हवाई पट्टी निर्माणाधीन है दक्कन एयरवेज, किंगफिशर आदि मध्य प्रदेश के शहरों को नियमित सेवा पहुंचाने वाली कंपनी है

1953 में इंडियन एयरलाइंस कॉरपोरेशन एयर इंडिया इंटरनेशनल कारपोरेशन की स्थापना हुई 1981 में छोटे शहरों परिवहन सेवा हेतु पवन हंस की स्थापना हुई इसका मुख्यालय दिल्ली में है

 

Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

विष्णु गौर सीहोर, मध्यप्रदेश