Nazm ( नज़्म )

नजम अरबी जबान का लफ़्ज़ है इसके मानी लड़ी में मोती पिरोना है  और साथ ही इसके दूसरे मानी ( मिजाजी मानी ) इंतजाम तरतीब और अराइज के है

अदबी इस्लाह के तोर पर लफ्ज़ नज़्म के दो मानी होते हैं

  • एक तो यह लब्ज न सके जिद के तौर पर बोला जाता है यानी वह कलाम जो नसर ना हो वह नज्म है
  • नसर का दूसरा मतलब खास व महदूद है इसके मुताबिक शायरी कि उस सिंफ को कहते हैं जिसमें किसी खास मौजू पर तहसील के साथ इजहार ख्याल किया जाए

नज्म की किस्में ( Types of Nazm )

  • पाबंद नज्म
  • मोअरा नजम
  • आजाद नज्म

नज़्म का आगाज व इरतिका ( Nazm Agaz )

19वीं सदी के आखिर में और 20वीं सदी के शुरुआती दौर में मौलाना अब्दुल सलीम के रिसाले दिल गुदाज और अब्दुल का दिल के रिसाले मखजन मैं नजम निगारी की तरक्की पर खास तौर पर हिस्सा लिया इसी जमाने में खुद मोहम्मद हुसैन आजाद ने और उनके अलावा इस्माइल मेरठी ने कुछ कामयाब अंग्रेजी नज्मों का उर्दू में तर्जुमा करके नज्में निगारी की

जब 1917 में रूस में इंकलाब हुआ तो दुनियाभर में मेहनतकशों और मजदूरों का दौर शुरू हो गया हिंदुस्तान की नौजवान नस्ल इससे बहुत ज्यादा मुतासिर हो रही थी हिंदुस्तान की आजादी के बाद और पाकिस्तान के अलग हो जाने पर हमारी दुनिया और जिंदगी नए इंकलाब और कशमकश से दो- चार हुई

इस दौर के शायरों में जबरदस्त तब्दीलियां आई जिन्होंने नज्में निगारी के लिए माहौल ज्यादा और ज्यादा राजगार बना दिया.

मशहूर नज़म गो शोयरा ( Famous Nazm Go Shoirah )

नजीर अकबर आबादी ( Nazir Akbar Aabadi )

  • असल नाम शेख वली मोहम्मद
  • जन्म- 1740 देहली
  • वफ़ात- 1830 आगरा

अकबर इलाहबादी ( Akbar Elababadi )

  • असल नाम- सैय्यद अकबर हुसैन रजवी
  • जन्म- 1841 इलाहाबाद
  • वफ़ात- 1921इलाहाबाद

डॉ. अल्लामा इक़बाल ( Dr. Allama Iqbal )

  • जन्म- 9 नवम्बर 1877
  • वफ़ात- 21 अप्रैल 1938

जोश मलिहा आबादी ( Josh Malihaya Aabadi )

  • असल नाम– शबीर अहमद
  • जन्म– 1898 मलिहाबाद up
  • वफ़ात– 1982 करांची पाकिस्तान

फैज अहमद फैज ( Faiz Ahmad faiz )

  • जन्म– 1911 सियालकोट
  • वफ़ात– 1984

इस्माईल मेरठी ( Ismael Meerthi )

  • जन्म – 1844 मेरठ
  • वफ़ात – 1917

Urdu Nazm Question – 

1⃣ नज्म की इब्तिदा कहा हुई ?

? नज्म की इब्तिदा मगरिब में हुई।

2⃣ नज्म के लुग्वि माने क्या है?

? नज्म के लुग्वि मायने पिरोने और यकजा करने से है ।

3⃣ नज्म की तारीफ बयान कीजिए?

? नज्म शायरी की वह मसलसल शक्ल है जिस में कोई किस्सा,वाकिया, कोई तजर्बा ,कोई ख्याल, तासलसल के साथ बयान किया हो।

4⃣ नज्म के मोजुआत क्या है?

? नज्म में कोई कैद नही है। इस के मोजुआत ला महदूद है।

5⃣ मुरा नज्म किसे कहते है?

? मुरा नज्म उर्दू में अंग्रेजी शायरी की देंन है । अंग्रेजी अदब में इसे (BLANK Vers) कहते है।

6⃣ आजाद नज्म किसे कहते है?

?आज़ाद नज्म की वह किस्म हैं जिसे अंग्रेजी में “फ्री वर्स ” (Free Vers) कहते है।

7⃣ नर्सरी नज्म किसे कहते है?

?नर्सरी नज्म हमारी शायरी में एक नई चीज है जो मगरिब के रास्ते से दाखिल हुई , अंग्रेजी में – इसे (Prose Poem) कहते है।

 

Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

शाहीन कोटा, शमशुद्दीन सुलेमानी बीकानेर, Ajay Meena ALwar

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