Physical characteristics 

( राजस्थान की प्रमुख भौतिक विशेषताएं ओर मुख्य भू- भौतिक विभाग )

राजस्थान भारत का क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा राज्य है । इसकी राजधानी जयपुर है आकृति पतङ्गाकार है राजस्थान की जलवायु शुष्क से उप आर्द्र मानसूनी है राजस्थान शब्द का अर्थ है राजाओं का स्थान !

राजस्‍थान भारत के उत्‍तरी -पश्चिमी भाग में 23 डिग्री 30 सेंटीग्रेड उत्‍तरी अक्षांश से 30 डिग्री 12 सेंटीग्रेड उत्‍तरी अक्षांश तथा 69 डिग्री 30 सेंटीग्रेड पूर्वी देशान्‍तर से 78 डिग्री 17 सेंटीग्रेड पूर्वी देशान्‍तर के बीच स्थित है राजस्‍थान का क्षेत्रफल 342239 वर्ग किमी(132139 वर्ग मील) है  जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 1/10 भाग अर्थात 10) 74 प्रतिशत राजस्थान में आता है। 

राज्य की पश्चिमी सीमा भारत -पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा है जो 1070 किलोमीटर लंबी है। राज्य की उत्तरी और उत्तरी -पूर्वी सीमा पंजाब तथा हरियाणा से पूर्वी सीमा उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश से दक्षिणी -पूर्वी सीमा मध्य प्रदेश तथा दक्षिणी और दक्षिणी- पश्चिमी सीमा क्रमशः मध्य प्रदेश तथा गुजरात से संयुक्त है

Play Quiz 

No of Question -46

[wp_quiz id=”587″]

Continues….

राजस्थान के प्राकृतिक भाग ( Natural parts of Rajasthan )

  1. उत्तर -पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश या थार मरुस्थल
  2. मध्यवर्ती अरावली पर्वतीय प्रदेश
  3. पूर्वी मैदान
  4. दक्षिणी-पूर्वी पठार (हाड़ौती पठार)

राजस्थान के जलवायु प्रदेश (Climate region of Rajasthan)

  1. शुष्क जलवायु प्रदेश
  2. अर्द्ध शुष्क जलवायु प्रदेश
  3. उप आर्द्र जलवायु प्रदेश
  4. आर्द्र जलवायु प्रदेश
  5. अति आर्द्र जलवायु प्रदेश।

राजस्‍थान के सीमावर्ती राज्‍य (Border states of Rajasthan)

  1. पूर्वी सीमा पर उत्‍तर प्रदेश
  2. उत्‍तरी सीमा पर पंजाब
  3. दक्षिण पश्चिम सीमा पर गुजरात
  4. उत्तर-पूर्व सीमा पर हरियाणा
  5. दक्षिण-पूर्व सीमा पर  मध्य प्रदेश

राजस्‍थान के सीमावर्ती जिले (Border districts of Rajasthan)

  1. पूर्व में उत्तर प्रदेश के मथुरा व आगरा 2 जिले से राजस्‍थान के धौलपुर, भरतपुर जिला
  2. उत्तर में पंजाब के फाजिल्का व मुक्तसर  2 जिले से राजस्‍थान के गंगानगर और हनुमानगढ़ जिला
  3. दक्षिण -पश्चिम में गुजरात के कच्छ, सांबरकांठा, बनासकांठा, अरावली, महीसागर, दाहोद 6 जिले से राजस्‍थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सिरोही, जालौर, बाड़मेर जिले
  4. उत्तर-पूर्व में हरियाणा के हिसार, गुडगाँव, महेन्द्रगढ़, रेवाड़ी, सिरसा, भिवानी===> 6 जिले से राजस्‍थान के हनुमानगढ़, चुरू, जयपुर, अलवर, सीकर, भरतपुर, झुंझुनू जिले
  5. दक्षिण -पूर्व में मध्यप्रदेश के मन्दसौर, श्योपुर, रतलाम, नीमच, झाबुआ, गुना, शिवपुरी, शाजापुर, मुरैना, राजगढ़ ===> 10 जिले से राजस्‍थान के कोटा, झालावाड़, बांरा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, करौली, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, जिले

राजस्थान के पश्चिम में पाकिस्तान (पंजाब प्रान्त का बहावलपुर, सिंध प्रान्त का खैरपुर और मीरपुर 3 जिले) सीमा पर जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, बाड़मेर, जिले है।

राजस्थान की स्थलीय सीमा अंतर्राज्जीय  4850 किमी और अंतर्राष्टीय 1070 किमी है इसका पूर्व से पश्चिम का विस्तार 869 किलोमीटर और उत्तर से दक्षिण का विस्तार 826 किलोमीटर है। कर्क रेखा इसके दक्षिणी सिरे को छूती हुई जाती है। सर्वाधिक सीमा वाल पङोसी राज्‍य मध्‍य प्रदेश हैै राज्‍य से लगने वाली अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पाकिस्‍तान ( 1070 किलोमीटर) है अंतर्राज्जीय व अंतर्राष्ट्रीय सीमा को छूने वाले जिले गंगानगर बाड़मेर है

पाली को छूने वाले 8 जिले निम्न हैं:-नागौर, अजमेर, राजसमन्द, उदयपुर,सिरोही, जालौर, बाड़मेर, जोधपुर

राज्य के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के स्थानीय नाम (Local names of various geographical regions of the state)

1- छप्पन का मैदान- क्षेत्र में डूंगरपुर बांसवाड़ा जिले का दक्षिणावर्ती समप्राय क्षेत्र आता है इस मैदान पर सोम कागदर माही कमला जाखम सावरमती आदि नदियों का या उनकी ऊपरी शाखाओ अथवा नालो का अथार्थ 56 नदी नालों का जल प्रभावित होने के कारण इसे 56 या छप्पनिया का मैदान कहा जाता है

2- बांगड़/वाग्वरांचल- अरावली पर्वतीय श्रंखलाओं में स्थित डूंगरपुर और बांसवाडा को बांगड़ कहा जाता है इस क्षेत्र में आदिवासी निवास करते हैं सघन वन अच्छी वर्षा समशीतोष्ण जलवायु वाला यह प्रदेश खनिज संपदा और सांस्कृतिक दृष्टि से संपन्न है बांगड़ क्षेत्र राजस्थानी और गुजराती का मिश्रण रूप और डिंगल भाषा का प्रचलन होने के कारण इसे बांगड़ी अथवा बांगड़ भाषा का क्षेत्र भी कहते हैं

प्रोफेसर आर एल सिह ने– मरुस्थलीय के पूर्व में और अरावली श्रृंखला के पश्चिम में स्थित विभाग जो उत्तर में गंगा नगर से लेकर दक्षिण में सिरोही के पश्चिमी भाग तक फैला है भानगढ़ का नाम दिया है

3- विंध्यन बेसिन- राज्य के दक्षिणी पूर्वी भाग में 50000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस बेसिन में कोटा झालावाड़ बॉरा बूंदी के साथ ही सवाई माधोपुर धोलपुर और भीलवाड़ा जिले का कुछ क्षेत्र आता है

4 मेवाड-़ उदयपुर पूर्वी राजसमंद चित्तौड़ और पश्चिमी भीलवाड़ा जिलों के मुख्यत: पहाड़ी और उच्च भाग मेवाड़ क्षेत्र के तहत सम्मिलित है मेवाड़ रियासत का इस भूभाग पर नियंत्रण होने से इसे मेवाड़ के नाम से पुकारा जाने लगा

5 मेरवाड़ा- क्षेत्र अजमेर जिले के अधिकांश भाग और दिवेर राजसमंद व टाटगढ पर विस्तृत है

6 भोमठ क्षेत्र- के अंतर्गत डूंगरपुर पूर्वी सिरोही उदयपुर जिलो का अरावली पर्वतीय क्षेत्र सम्मिलित है

7 मारवाड- अरावली पर्वत श्रंखला के पश्चिम में स्थित बीकानेर जोधपुर नागौर को मध्यकाल में मारवाड़ कहा जाता था इस क्षेत्र पर मध्य काल में राठौर शासकों का शासन रहा यह क्षेत्र जलाभाव रेतीली मिट्टी उच्च तापांतर कम वर्षा और वनस्पति विहीन है

8 अर्बुदा- अरावली पर्वत श्रंखला का नाम अर्बुदा भी है यह पर्वत श्रंखला विश्व की सबसे प्राचीन श्रृंखला है यह गुजरात के पालनपुर से दिल्ली तक फैली हुई है इसकी कुल लंबाई 692 किलोमीटर है राजस्थान में इसकी कुल लंबाई 550 किलोमीटर है यह राज्य के कुल 12 जिलों में फैली हुई है

9 भोराठ का पठार- इस क्षेत्र के अंतर्गत मुकेश अरावली श्रृंखला के पश्चिमी पहाड़ी भाग आते हैं जो उदयपुर जिले की गोगुंदा धरियावाद ईसवाल और राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ भू-भागो पर विस्तृत है

10 हाड़ौती का पठार- इस प्रदेश के अंतर्गत बूंदी कोटा झालावाड़ और बॉरा सम्मिलित है ।मालवा पठार उत्तरी विस्तार जहां हाड़ा वंश का राज्य रहा हाडोती के पठार के नाम से पुकारा जाने लगा

11 मेवात प्रदेश- इसके अंतर्गत अलवर भरतपुर धौलपुर और करौली का पूर्वी भाग और चंबल के बीहड़ क्षेत्र सम्मिलित हैं इसे मत्स्य प्रदेश भी कहते हैं यह मीणा जनजाति बाहुल्य क्षेत्र है यहां ब्रज बोली का प्रचलन है सर्वप्रथम राजस्थान निर्माण के समय यह क्षेत्र पहली इकाई के रूप में 18 मार्च 1948 को सम्मिलित हुआ और मत्स्य संघ की स्थापना होने से रियासतों का एकीकरण की शुरुआत हुई

12 -ढूंढाड़ क्षेत्र- के अंतर्गत जयपुर रियासतों का अधिकांश भाग अथार्थ जयपुर पश्चिमी सवाई माधोपुर और उत्तरी टोंक आदी जिले सम्मिलित हैं
13-उपरमाल- भीलवाड़ा जिले का मध्य और पूर्वी भा, जिला चित्तौड़गढ़ को भैसरोड़गढ़ तहसील और बूंदी जिले के पश्चिमी भाग पर यह विस्तृत है आर्द्र प्रदेश होने के कारण कृषि की दृष्टि से महत्वपूर्ण है
14 शेखावाटी- इस क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर पूर्वी नागौर, पूर्वी चूरु ,सीकर और झुनझनु जिले आते हैं यह क्षेत्र बांगड़ प्रदेश का ही उत्तरी पूर्वी विस्तार है

15-खेराड और मालखेराड़- क्षेत्र में अधिकांश भाग बनास नदी के बेसिन में विस्तृत है अथार्थ भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर तहसील और टोंक जिले के अधिकांश भाग पर यह क्षेत्र विस्तृत है इस क्षेत्र में पठारी ढाल सामान्यतः सीडीनुमा और बनास घाटी की ओर है इसे खेराड़ के नाम से भी जाना जाता है
16 मारवाड़ी या मरुस्थलीय क्षेत्र- के अंतर्गत भूतपूर्व जोधपुर बाड़मेर और जैसलमेर के विभाग सम्मिलित है जो वर्तमान में मुख्यत: बाड़मेर, जैसलमेर ,जोधपुर और पश्चिमी नागौर जिले में विस्तृत है यह क्षेत्र पूर्णरूपेण रेतीला है

17 नहरी क्षेत्र- स्वतंत्रता से पूर्व गंगा नहर ,घग्गर बेसिन और स्वतंत्रता के पश्चात गंगनहर भाखड़ा नहर और इंदिरा गांधी नहर द्वारा निरंतर सिंचित क्षेत्र में वृद्धि के फलस्वरुप राजस्थान का गंगानगर जिला और उत्तरी पश्चिमी हनुमानगढ़ जिला क्षेत्र के अंतर्गत सम्मिलित हैं वैसे यह क्षेत्र सांस्कृतिक दृष्टि से थली या उत्तरी मरुभूमि का ही अंग है

18 थली या उत्तरी मरुभूमि- क्षेत्र में बीकानेर चूरु का अधिकांश भाग दक्षिणी गंगानगर और दक्षिणी पूर्वी हनुमानगढ़ के मरुस्थलीय भाग आदि सम्मिलित हैं

19 गोड़वाड़ क्षेत्र- लूनी बेसिन का ही एक अंग है जिसके अंतर्गत दक्षिणी पूर्वी बाड़मेर जालौर और पश्चिमी सिरोही जिला सम्मिलित है

20 गिर्वा- उदयपुर के चारों ओर पहाड़ियां होने से इस क्षेत्र को गिर्वा के नाम से पुकारा जाता था

Rajasthan geophysical department important Question  

Q. 1 अरावली पर्वत श्रंखला का केंद्रीय भाग किन जिलों में स्थित है
उत्तर- टोंक में सवाई माधोपुर

Q2.नाग पहाड़ स्थित है
अजमेर में पुष्कर के बीच में है

Q3. भाकर
उतर- पूर्वी सिरोही क्षेत्र में अरावली की तीव्र ढाल वाली में उबड़ खाबड़ कटक स्थानीय भाषा में भाकर के नाम से पुकारी जाती है

Q4- खेराद तथा मालखेराद ?
उतर- भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर तथा टोंक जिले के अधिकांश भाग जो बनास बेसिन में स्थित है खेराद कहलाता है फिर खेराद का भूभाग तथा उपरमाल का भूभाग सम्मिलित रूप से मालखेराद कहलाता है

Q5.अरावली पर्वतमाला को राजस्थानी भाषा में कहते हैं
उतर- अरावली पर्वत श्रंखला का अधिकांश भाग उदयपुर जिले में स्थित है राजस्थानी भाषा में अरावली पर्वत श्रंखला को ada-vata कहा जाता है जिसका अर्थ है- A BEAM LYING ACROSS यह डूंगरपुर और बांसवाडा जिले में फैली हुई और सिरोही में पाली जिले में इसका आकार ऊँचाई लिए हुए है तथा भीलवाड़ा में अजमेर जिले में इसकी आकृति में नुकीला पन लिए हुए हैं इस श्रंखला की एक महत्वपूर्ण शाखा चित्तौड़गढ़ कोटा और बूंदी जिले में से गुजरती है

6. राजस्थान के देशान्तर व अक्षांशीय विस्तार में अंतर बताइये ?
उत्तर – देशान्तर में अंतर- 7°47′
तथा अक्षांश में अंतर- 7°9′

7. जनसंख्या की दृष्टि से राजस्थान का कौनसा स्थान है ?
उत्तर – जनसंख्या की दृष्टि से भारत मे राजस्थान का 8वा स्थान है।

8. राजस्थान का उत्तर से दक्षिण तथा पूर्व से पश्चिम विस्तार बताये ?
उत्तर- राजस्थान उत्तर से दक्षिण तक लंबाई 826 किमी है जो उत्तर श्रीगंगानगर के कोणा गांव से लेकर दक्षिण में बांसवाड़ा के कुशलगढ़ तहसील के बोरकुण्ड गांव तक लंबा है।
राजस्थान के पूर्व से पश्चिम तक 869किमी चोड़ा है जो पूर्व में धौलपुर के राजाखेड़ा तहसील के सिलाना गांव से लेकर पश्चिम में जैसलमेर के कटरा गांव तक विस्तृत है।

9. उच्चावच के आधार पर राजस्थान के भौतिक विभाग को कितने भागों में बाटा गया है। वह को कोनसे है ?
उत्तर- उच्चावच के आधार पर राजस्थान के भौतिक विभाग को चार भागों में बाटा गया है।
(१)पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश
(२)अरावली पर्वतीय प्रदेश
(३)मैदानी प्रदेश
(४)हाड़ौती का पठार

10. राजस्थान के मरुस्थल को विस्तार से समझाइये ?

उत्तर- मरुस्थलीय प्रदेश:-  यह मरुस्थल राजस्थान के 61.11 भू-भाग पर फैला हुआ है तथा यह विश्व का सर्वाधिक जनसँख्या घनत्व वाला मरुस्थल है। इस प्रदेश में विश्व मे सर्वाधिक जैव विविधता पायी जाती है जिस कारण से इसे जीवन्त मरुस्थल भी कहा जाता है।
राजस्थान की 40%जनसंख्या इसी मरुस्थल में निवास करती है।इस मरुस्थल का वार्षिक ओसत वर्षा 20-50 सेमी. है। पश्चिमी रेगिस्तान में प्रदेश के 12 ज़िले आते है – जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़,जोधपुर, पाली, नागौर, चूरू, सीकर , झुंझुनू, जालौर आदि आते है।

मरुस्थल को दो भौतिक आधार पर दो भागों में विभाजित किया गया है।
1. शुष्क मरुस्थल 2. अर्द्ध शुष्क मरुस्थल

शुष्कता के आधार पर मरुस्थल को चार भागों में बांटा गया है।

१. महान मरुस्थल- यह श्रीगंगानगर से बाड़मेर तक अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगा हुआ है। जैसलमेर के उत्तर- पश्चिम में भारत- पाक सीमा के सहारे 60 मीटर चौड़ी पट्टी “लाठी सीरीज क्षेत्र “में मामूली वर्षा से उगने वाली घास “सेवण” है। रेगिस्तान में वर्षा के समय अस्थायी झीलों का निर्माण होता है उसे रन/ रण कहते है।
महान मरु भूमि को चार भाग में विभाजित किया गया
(a)बरखान (b)पवनानुवर्ति/ लहरदार (c)अनुप्रस्थ/अर्द्धचंद्राकार (D)चन्द्राकर

२.चट्टानी/हम्मादा मरुस्थलीय प्रदेश- महान मरुस्थल के पूर्व बीकानेर से बाड़मेर तक विस्तृत है। इस क्षेत्र में ही प्राकृतिक गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थ पाए गए है। वृहत मरुस्थलीय भू-भाग के पूर्व में स्तिथ बालुका स्तूपो से अनावृत चट्टानी समूह उपस्थित है।

३. लघु मरुस्थल- पश्चिम रेगिस्तान का पूर्वी भाग लघु मरुस्थल कहलाता है।यह भू-भाग कच्छ की खाड़ी से उत्तर में बीकानेर की वृहत मरुस्थलीय भूमि तक फैला है।

४. पथरीला मरुस्थल- इसका विस्तार अरावली पर्वतमाला के पश्चिमी भाग में पाया जाता है। इसमें वनस्पति की प्रदानता पायी जाती है।

2. अर्द्ध शुष्क मरुस्थल – इस प्रदेश को 4 भागो में बाटा गया है
(A) गोड़वाड़ / गोड़वार / लूनी बेसिन
(B) शेखावाटी प्रदेश – सीकर , चूरू, झुंझुनू ( इस प्रदेश में खोदे गए स्थानीय कुओ को जोहड़/ नाड़ा कहते है।)
(C) नागौरी उच्च भूमी – नागौर व अजमेर के मध्य एक कूबड़ पट्टी पाई जाती है जिसमे सर्वाधिक फ्लोराइड पाया जाता है।
(D) घग्घर का मैदान

जैसलमेर में पानी इकट्ठे होने को खडीन कहते है । बीकानेर में जलभराव को सर/सरोवर कहते है।

प्रश्न-11 राजस्थान का सरस्वती नदी से क्या संबंध है ?
उत्तर- मरुप्रदेश के भूभाग सरस्वती और उसकी सहायक नदियों द्वारा निर्मित है

प्रश्न-12 उत्तर पश्चिमी रेतीला भाग कहां से कहां तक विस्तृत है ?
उत्तर- राजस्थान के उत्तर पश्चिम में थार का मरुस्थल है जो अरावली पहाड़ियों के उत्तर पश्चिमी डाल के 480 से 608 किलोमीटर तक फैला हुआ है

प्रश्न-13 राजस्थान के भूगोल की विशेषताएं बताइए ?

उत्तर-1-प्रदेश के उत्तर पश्चिमी भाग में संसार का प्रसिद्ध थार मरुस्थल है जो राज्य के लगभग 61.11 प्रतिशत भू भाग का निर्माण करता है
2- प्रदेश के मध्य भाग में संसार की सबसे प्राचीन पर्वत माला है जो अरावली नाम से प्रसिद्ध है इससे प्रदेश के लगभग 9.3% भूभाग का निर्माण हुआ है
3- प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मैदानी भू-भाग है इससे प्रदेश के 2.33% क्षेत्र का निर्माण हुआ है
4- प्रदीप का दक्षिण-पूर्वी भाग विश्व प्रसिद्ध दक्कन लावा पठार से निर्मित है यह राज्य के लगभग 9% भूभाग का निर्माण करता है यह विंध्यन कगार का निर्माण करता है इसे मालवा का पठार भी करते हैं
5- राज्य में स्थित रेगिस्तान जो कि थार का रेगिस्तान है विश्व में पहले नंबर पर है यह सर्वाधिक सघन बसावट वाला रेगिस्तान है
6-राज्य में सबसे प्राचीन पर्वतमाला अरावली पर्वत है जो कि राज्य को दो भागों में विभाजित करने का कार्य करती है

प्रश्न-14 पूर्वी मैदान की धरातलीय विशेषताएं बताइए ?

उत्तर-यह मैदान प्रदेश मध्यवर्ती अरावली पर्वत श्रेणी और दक्षिण पूर्वी प्रदेश के मध्य स्थित पाया जाता है यह क्षेत्र राजस्थान के भौतिक विभागों में दूसरा सबसे बड़ा विभाग है जो संपूर्ण राज्य का 200 33% क्षेत्र को घेरे हुए हैं और राज्य की 39 प्रतिशत जनसंख्या यही निवास करती है क्षेत्र को राजस्थान का खाद्यान्न का कटोरा भी कहा जाता है

इस भूभाग का विस्तार अजमेर जयपुर दोसा टोंक सवाई माधोपुर करौली भरतपुर धौलपुर अलवर भीलवाड़ा प्रतापगढ़ चित्तौड़गढ़ उदयपुर बांसवाड़ा डूंगरपुर और बूंदी जिले में है यह क्षेत्र समतल और उर्वरक मिट्टी से निर्मित होने के कारण खाद्यान्न और व्यवसायिक फसलों के लिए उपयुक्त है इस भूभाग का प्रभाव ज्यादातर उत्तर से दक्षिण की ओर है अथार्थ नदियां बंगाल की खाड़ी अपवाह प्रणाली की है

और कुछ प्रभाव उत्तर पूर्व से दक्षिण पश्चिम की दिशा की ओर है जिसमें नदियां अरब सागर की ओर प्रभावित होती है इस मैदान को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है भरतपुर का मैदान उत्तरी चंबल बेसिन बनास बेसिन

प्रश्न-15 राज्य में अरावली पर्वत श्रंखला का महत्व बताइए ?

उत्तर-5..1- यह पर्वत श्रंखला राज्य को दो विशिष्ट भौगोलिक प्रदेशों में विभाजित करती है अर्थात मरुस्थलीय और गैर मरुस्थलीय भाग
2- अरावली पर्वत श्रंखला राज्य के पूर्वी भाग में मरुस्थली विस्तार को रोकने में सहायक है
3- अरावली पर्वत श्रंखला अनेक नदियों का उद्भव करती है जैसे बनास लूनी बेडच खारी कोठारी सुकड़ी साबरमती इत्यादि

4- अरावली पर्वत श्रंखला एक प्रमुख जल विभाजक बनाती है जिसके दोनों और पूर्व और पश्चिम में नदियां बहती है
5- अरावली पर्वत श्रंखला वन आच्छादित है और अनेकों वन्यजीवों की शरणस्थली है वन संपदा की इन श्रृंखलाओ पर विविधता के साथ दुर्लभ प्रजाति के वृक्ष भी इस पर पाए जाते हैं

6- अरावली पर्वत श्रंखला में अनेक जिले हैं जो पेयजल सिंचाई उपलब्ध कराती है और पर्यटन के लिए आम भूमिका निभाती है इन जिलों में प्रमुख है जयसमंद फतेहसागर पिछोला बालसमंद सिलीसेढ़ आना सागर फाईसागर स्वरूप सागर इत्यादि
7- अरावली पर्वत श्रंखला का सर्वाधिक प्रभाव राज्य की जलवायु पर पड़ता है क्योंकि यह दक्षिणी पश्चिमी मानसून की दिशा में समानांतर फैले होने के कारण मानसून बिना बरसात किए आगे निकल जाते हैं

8- इस पर्वत श्रंखला की संरचना के कारण अनेक पर्यटक स्थल विकसित हुए हैं इन पर्वतों के आंचल में अनेक प्राचीन किले मंदिर झीले अभयारण्य स्थित है
9- इन पर्वत श्रृंखलाओं का ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि इन पर्वत श्रृंखलाओं का सहारा लेकर अनेक राज्यों की स्थापना हुई और विदेशी आक्रमणकारियों से शासकों की रक्षा की
10- अरावली पर्वत राजस्थान की महत्वपूर्ण पर्वत श्रेणी है अरावली विश्व की प्राचीनतम मोड़दार यह वलित प्रकार की पर्वतमाला है

Rajasthan Physical characteristics important factors-

  • भारत का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान है। लेकिन पहले सबसे बड़ा राज्य मध्यप्रदेश था।
  • 1 नवम्बर 2000, को मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग हो गया और छत्तीसगढ़ एक नया राज्य बना।
  • राजस्थान का क्षैत्रफल 3,42,239 वर्ग km है तथा देश का 10.41% क्षेत्रफल भाग राजस्थान का है।
  • राजस्थान में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा जिला “धौलपुर” (3034 वर्ग किमी) है।
  • सबसे बड़ा जिला क्षेत्रफल की दृष्टि से “जैसलमेर” है।
  • झालावाड़ जिले की अन्तरराज्यीय सीमा सबसे लम्बी है यह सीमा मध्यप्रदेश से मिलती है।
  • सबसे कम लंबी अंतरराज्यीय सीमा बाड़मेर जिले की है जो गुजरात से लगती है।
  • राजस्थान की आकृति विषमकोणीय चतुर्भुज के समान है।
  • राजस्थान के अरावली पर्वत श्रृखला को और दक्षिणी-पूर्वी पठारी भाग को गौंडवाना लैंड का अवशेष माना जाता है।
  • उत्तरी-पश्चिमी मरू प्रदेश व पूर्वी मैदान को टेथिस सागर का अवशेष माना जाता है।
  • अरावली पर्वत माला की माउंट आबू (सिरोही) में स्थित राज्य की सबसे ऊँची चोटी जिसका नाम गुरुशिखर है।
  • सेर (1597 मी.) राज्य की दुसरी सबसे ऊँची चोटी है।
  • उदयपुर क्षेत्र में तश्तरीनुमा आकृति वाले पहाड़ों मेखला को स्थानीय भाषा में “गिरवा” कहते है।
  • जैसलमेर में पोकरण से मोहनगढ़ तक पाकिस्तानी सीमा के सहारे विस्तृत एक चौड़ी पट्टी जहां उपयोगी सेवण घास अत्यधिक मात्रा में पायी जाती है। यहां भूगर्भीय जलपट्टी है।
  • चित्तौड़गढ़ के भैंसरोड़गढ़ से भिलवाड़ा के बिजोलिया तक का पठारी भाग रियासत काल में “उपरमाल” के नाम से जाना जाता है।
  • बाँसवाड़ा,प्रतापगढ़,व डूँगरपुर के पहाड़ी क्षेत्र को स्थानीय भाषा में वागड़ कहते है।
  • राजस्थान में सूर्य की किरणों का तिरछापन सबसे ज्यादा श्रीगंगानगर में होताहै।
  • राजस्थान में अरावली पर्वतमाला का विस्तार उत्तर में खेतड़ी (झुंझुनूं) तक है।
  • रागा व जरगा पर्वत चोटियों के बीच के क्षेत्र को “देशहरो” के नाम से जाना जाता है।
  • रेडक्लिफ़ रेखा का राज्य के हिंदुमलकोट (गंगानगर) से बाखासर (बाड़मेर) तक फैली हुई है।
  • उत्तरप्रदेश का मथुरा जिला राजस्थान की सीमा पर स्थित है।
  • बाँसवाड़ा व डूँगरपुर के बीच के भू-भाग को “मेवल” कहते है।
  • जैसलमेर जिले की पाकिस्तान से लगती हुई अन्तर्राष्ट्रीय सीमा की लम्बाई 464km.है।
  • राजस्थान के  सर्वाधिक निकट  काण्डला बन्दरगाह स्थित है।
  • कर्क रेखा के सर्वाधिक निकट स्थित शहर बाँसवाड़ा है।
  • राजस्थान के झालावाड़ जिले की अन्तर्राज्यीय सीमा सर्वाधिक है।

Play Quiz 

No of Question -46

[wp_quiz id=”4231″]

Specially thanks to ( With Regards )

बनवारी जी, सुरेश बिश्नोई जोधपुर, कमल सिंह निवाई,टोंक, ममता शर्मा, Rohitash Kumar Swami SIKAR, Deepak ji meena sikar,रमेश डामोर सिरोही , P K Nagauri, निर्मला कुमारी

5 thoughts on “Physical characteristics ( प्रमुख भौतिक विशेषताएं ओर मुख्य भू- भौतिक विभाग )”

  1. I’ve been surfing online more than three hours today,
    yet I never found any interesting article like yours.
    It’s pretty worth enough for me. Personally, if all webmasters and bloggers made good content
    as you did, the net will be a lot more useful than ever before.

Leave a Reply