आईएएस/ आरएएस मुख्य परीक्षा की तैयारी कैसे करे ( How to prepare for the IAS-RAS main exam )

सिविल सेवा :- आईएएस/ आरएएस मुख्य परीक्षा के उत्तर लेखन के लिए यह पोस्ट बहुत ही महत्वपूर्ण हैं…!!!

Answer Writing में बहुत बड़ी समस्या होती है कि हम यह ही नहीं समझ पाते कि आखिर प्रश्न की मांग क्या है ? अक्सर प्रश्नों के अंत में कुछ खास शब्द जुड़े होते हैं। जो हमे भ्रमित करते हैं आइये आज उसकी चर्चा करते हैं…(पोस्ट थोड़ा लंबी है। पर अगर उत्तर लेखन सुधारना है। तो पढियेगा जरूर )..!!!

Civil Services: – This post is very important for writing answers to the IAS / RAS Main Examination … !!! There is a big problem in Answer Writing that we can not understand that what is the demand for the question? Often some special words are connected at the end of the questions. Those who mislead us, let’s discuss them today … (The post is a bit long. But if the answer is to improve writing then it will definitely be read) .. !!!

1 . चर्चा कीजिये (Discuss) …..!!!

(A) संघ लोक सेवा आयोग की संरचना एवं प्रकार्यों पर चर्चा कीजिये??
(B) भारत में राष्ट्रीय एकता प्राप्त करने की समस्याओं पर चर्चा कीजिये ?

चर्चा कीजिये का मुख्यतः आशय सीधे या व्यावहारिक भाषा में किताबों द्वारा अर्जित ज्ञान को अपने शब्दों में लिखना होता हैं।…..

जैसा की ऊपर पहला प्रश्न है…..इसमें संघ लोक सेवा आयोग की संरचना और कार्य को सीधे सीधे अपने शब्दों में लिखना है।…इसमें कोई विशेष तार्किक ज्ञान या विश्लेषणता की आवश्यकता नहीं होती…ऐसे प्रश्न हमेशा सीधे सीधे ही पूछे जाते हैं…!!!

  • (A) Discuss the structure and functions of the Union Public Service Commission?
  • (B) Discuss the problems of achieving national unity in India?

Discuss the main purpose is to write the knowledge acquired by the books directly or in the practical language in their own words …… As above is the first question …. It is to write the structure and function of the Union Public Service Commission directly in your own words …. There is no special logical knowledge or analysis required … Such questions always Asked directly … !!!

2 .. विश्लेषण कीजिये (Analyze)…!!!

मेरे अनुसार विश्लेषण के लिए एक ही शब्द है।” पोस्टमार्डम ” इसे पूरी तरह सीधे सीधे शब्दों में बताता हूँ….. दी हुई चीजों को चीर – फाड् कर अलग करके टुकड़ों में बाँट दीजिये…
फिर हर हिस्से के बारे में लिख दीजिये…..खुद से ही सारे प्रश्न का विश्लेषण हो जायेगा…!!!

According to me, there is only one word for analysis. “Postmardum” to fully describe it directly. In words, split and split things into pieces … Then write about every part … All the questions will be analyzed by itself … !!!

3 . परीक्षण कीजिये ( Test it )…!!!

MODWAT क्या है ? इसमें संभावित लाभों और हानियों का परीक्षण कीजिये ? परीक्षण करने के लिए आपको परीक्षक बनना होगा…प्रश्न जो कह रहा है वह सही है या गलत इस बात का निर्णय करना होगा…लेकिन सबसे बड़ी बात इसमें किताबी ज्ञान की भूमिका बहुत कम होती है और आपको स्वविवेक से फैसला लेना होगा…..उत्तर में प्रमाणिकताओं के साथ एवं तार्किक उदाहरणों के साथ अपने निर्णय को सिद्ध भी करना होगा…!!!

What is MODWAT ?

Test potential advantages and disadvantages in it? You will have to be a tester to test … The question that is saying is right or wrong will have to be decided … But the biggest thing is that the role of book knowledge is very small and you have to make a decision in your own discretion. ….. with the credentials in the answer and with logical examples, have to prove their decision … !!!

4 . समालोचना और विवेचना (Critique and interpretation) …!!!

सामान्यतः हम लोग आलोचना शब्द को हमेशा नकारात्मक लेकर चलते हैं…और उसी से समालोचना का अर्थ निकालने का प्रयास करते हैं लेकिन ऐसा नहीं है…!!समालोचना का अर्थ दोपक्षीय दृष्टिकोण से होता है सिर्फ नकारात्मक नहीं…समालोचना में हम तार्किक प्रयोगों के आधार पर सम्बंधित विषय के गुण दोषों का उल्लेख करते हैं !

Generally we take the word of criticism always negative … and try to get the meaning of critique from it but it is not so …. The meaning of critique comes from a two-dimensional perspective, not just negative … in critique On the basis of logical experiments, we mention the characteristics of the subject matter.

विवेचना भी मुख्यतः समालोचना की तरह ही होती है लेकिन इसमें व्यवहारिकता की अधिकता होती है…उत्तर में थोड़ा लचीलापन होता है … इसके शब्द समालोचना की अपेक्षा सरल होते हैं और इसमें हम उदाहरणों का उपयोग करते हैं. .. !!!

 Discernment is also primarily like criticism but there is a lot of practicality … there is little flexibility in the answer … its words are easier than criticism and in this we use examples. .. !!!

5 . व्याख्या / विवरण / वर्णन (Explanation / Description / Description)…!!!

भारत में राजनीतिक व्यक्तियताएँ है  राजनीतिक दल नहीं “” इस कथन  की व्याख्या कीजिये ?
व्याख्या और विवरण लगभग एक जैसे ही हैं …इसमें  कोई शब्द…वाक्य या पैराग्राफ को आपको सरल भाषा में समझाना होता  है और यह इस प्रकार किया जाता है जैसे सामने वाला उस शब्द या  वाक्य से पूर्णतः अनभिज्ञ हो… यानि एक छोटे से key issue से  हम सारा परिचय बताने का प्रयास करते हैं और वो भी  शब्दों की सीमा को ध्यान में रखते हुए…..!!!… उत्तर में थोड़ा लचीलापन होता है। इसके शब्द समालोचना
की अपेक्षा सरल होते हैं और इसमें हम उदाहरणों  का उपयोग करते हैं. .. !!!

Political parties in India are not political parties “” Explain this statement? Interpretation and explanation are almost the same … a word in it … the sentence or paragraph has to be explained in simple language and it is done in such a way that it is completely unaware of the word or sentence in front of it … i.e. We try to tell all the introduction of a small key issue, and keeping that in mind, the limit of words ….. !!! … There is some flexibility in the answer.

Word critique Expectations are simple and we use examples in it. .. !!!

 

Specially thanks to ( With Regards )
आभार~RAVI SIR , Dinesh Meena Tonk Rajasthan,

Leave a Reply