Jewelery ( आभूषण )

शरीर को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिये स्त्रियों व पुरषों द्वारा आभूषण पहने जाते हैं। आभूषण का शाब्दिक अर्थ होता है गहना व अलंकार। सिर , मस्तक, माथे पर पहने जाने वाले आभूषण ( Head jewelery ) टीडी – भलको […]

Musical instrument ( वाद्य यंत्र )

Musical instrument ( वाद्य यंत्र ) तत वाद्य ( tat instrument ) सुषिर वाद्य ( sushir instrument ) ताल वाद्य ( Rhythm  instrument ) घन वाद्य ( Ghan instrument ) तत वाद्य यंत्र ( tat instrument ) TRICK नकारा राज का भरतार गुस्सा में सुसु की […]

Palace and Havelis ( राजस्थान के महल और हवेलियाँ )

Palace and Havelis ( राजस्थान के महल और हवेलियाँ ) Palace  सुनहरी कोठी  ( Golden Mansion ) स्थिति= टोंक जिले में इसका निर्माण 1824 ईस्वी में अमीर खाँ पिंडारी द्वारा करवाया गया। इस शीश महल के मान भी जानी जाती […]

Rajasthan Cenotaphs ( राजस्थान की छतरियां )

Rajasthan Cenotaphs ( राजस्थान की छतरियां ) गैटोर की छतरियां – नाहरगढ़ (जयपुर) में स्थित है। ये कछवाहा शासको की छतरियां है। जयसिंह द्वितीय से मानसिंह द्वितीय की छतरियां है। बड़ा बाग की छतरियां- जैसलमेर में स्थित है। – यहां […]

Rajasthan Fort ( राजस्थान के दुर्ग )

Rajasthan Fort ( राजस्थान के दुर्ग ) राजस्थान के राजपूतों के नगरों और प्रासदों का निर्माण पहाडि़यों में हुआ, क्योकि वहां शुत्रओं के विरूद्ध प्राकृतिक सुरक्षा के साधन थे शुक्रनीति में दुर्गो की नौ श्रेणियों का वर्णन किया गया। एरण […]

Rajasthan Tradition ( राजस्थानी परंपरा )

Rajasthan Tradition ( राजस्थानी परंपरा ) राजस्थानी संस्कृति परंपरा विरासत में साहित्य का भी अपना एक अलग महत्व था राजस्थान में कई ऐसे वीर पुरुष और इतिहासकार थे जिन्होंने ऐसी घटनाओं का वर्णन किया जो राजस्थान के इतिहास की गाथाएं […]

Rajasthan Modern Literary and Museum ( आधुनिक साहित्यकार एवं संग्रहालय )

Rajasthan Modern Literary and Museum ( आधुनिक साहित्यकार एवं संग्रहालय ) Albert Hall Museum ( अल्बर्ट हॉल म्यूजियम  ) यह राजस्थान का पहला संग्रहालय है, इसे महाराजा रामसिंह के शासनकाल में प्रिंस अलबर्ट ने 1876 में शुभारम्भ करवाया था  उनके […]

Customs and Traditions ( राजस्थान के रीति -रिवाज )

Customs and Traditions ( राजस्थान के रीति -रिवाज ) वैवाहिक रीति-रिवाज ( Matrimonial ) बरी -पड़ला : – वर पक्ष विवाह के अवसर पर वधू के लिए श्रृंगारिक सामान, गहने एवं कपड़ें लाता हैं, जिसे ‘ बरी-पड़ला’ कहते हैं। मोड़ बांधना:- […]