Rajasthan Lake ( राजस्थान की झीलें )

खारे पानी की झीले उत्तरी पश्चिमी भाग में पाई जाती है इस क्षेत्र का टेथिस सागर का अवशेष होना यहां की झीलों के खारेपन का मुख्य कारण है | अरावली के पूर्वि भाग में पाई जाने वाली जिले मीठे पानी की झीले हैं

खारे पानी की झीलें ( Salt water lakes ) 

सांभर झील, डीडवाना झील,पंचपदरा झील, लूणकरणसर झील, फलोदी झील, कुचामन झील, लूणकरणसर झील, रेवासा झील,कावोद झील(जैसलमेर) आदि।

राज्य की समस्त लवणीय झीलें पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश में पाई जाती है । जो पश्चिमी एशिया के मरुस्थल में स्थित प्याला या अर्जेंटाइना की “साल्टा” झीलों के समान है। भूगर्भिक बनावट की विशेषता के कारण ही इन झीलों का जल लवणीय है।

  • सांभर जयपुर ( राजस्थान की सबसे बड़ी खारे पानी की झील )
  • डीडवाना- डीडवाना नागौर में,
  • पचपदरा- बालोतरा बाड़मेर में
  • फलोदी- फलोदी जोधपुर में
  • लूणकरणसर- बीकानेर में
  • कावोद- जैसलमेर में
  • डेगाना- नागौर में
  • कुचामन – नागौर में
  • ताल छापर – चूरु
  • रेवासा – सीकर
  • तालछापर – चुरू
  • पौकरण – जैसलमेर
  • बाप – जोधपुर
  • कोछोर – सीकर
  • नावां – नागौर
  • पीथनपुरी – सीकर

मीठे पानी की झीले ( Sweet water lake )

  • जयसमंद झील – उदयपुर
  • राजसमंद झील – राजसमंद
  • पिछोला झील –  पिछोला गांव उदयपुर
  • नक्की झील – माउंट आबू
  • बालसमंद- जोधपुर
  • आनासागर -अजमेर
  • फतेहसागर -उदयपुर
  • फायसागर-अजमेर
  • उदयसागर -उदयपुर
  • कोलायत-बीकानेर
  • पुष्कर -अजमेर
  • सिलिसेढ -अलवर
  • कायलाना-जोधपुर

Nakki Lake ( नक्की झील )

माउंट आबू (सिरोही) में अवस्थित है, राज्य की सबसे ऊंची झील है, पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण झील है, इसके पास में कुंवारी कन्या का मंदिर है , प्रसिद्ध रसिया बालम वाली कथा यही से जुड़ी हुई है

राज्य की पहली नगरपालिका माउंट आबू बनी

निर्माण ( किंवदन्ती ) – देवताओ द्वारा नाखुनो से खोदकर निर्माण किया गया। नक्की झील माउंट आबू,  सिरोही का एक सुंदर पर्यटन स्थल है।

मीठे पानी की यह झील, जो राजस्थान की सबसे ऊँची झील हैं सर्दियों में अक्सर जम जाती है। राजस्थान की सबसे ऊँची झील-नक्की झील झील से चारों ओर के पहाड़ियों का दृश्य अत्यंत सुंदर दिखता है। इस झील में नौकायन का भी आनंद लिया जा सकता है। नक्की झील के दक्षिण-पश्चिम में स्थित सूर्यास्त बिंदू से डूबते हुए सूर्य के सौंदर्य को देखा जा सकता है।

यहाँ के पहाड़ी टापू बड़े आकर्षक हैं। यहाँ कार्तिक पूर्णिमा को लोग स्नान कर धर्म लाभ उठाते हैं। इस झील मे टॉड रॉक ( मेंढक आकृति ), नन रॉक ( घूंघट निकाले स्त्री, क्रिश्चियन औरत ), नन्दी रॉक ( बैल आकृति ) चट्टाने है। यह झील गरासिया जाति की पवित्र झील है गरासिया लोग पूर्वजों की अस्थियाँ यही विसर्जित करते है

NOTE— गरासिया जनजाति सर्वाधिक सिरोही मे है इस झील के पास रघुनाथ जी का मन्दिर है इस मन्दिर मे सन्त रामानंद जी के पद चिह्न सुरक्षित है

इस झील के निकट सनसेट प्वाइंट एवं हनीमून प्वाइंट स्थित है इस झील के पास पर्वत मे हाथी गुफा, चम्पा गुफा तथा राम झरोखा प्रसिद्ध है

Sambhar Lake ( सांभर झील )

भारत की सबसे अधिक खारे पानी की झील सांभर झील ( जयपुर ) है। भारत के राजस्थान राज्य में जयपुर नगर के समीप फुलेरा तहसील में स्थित यह लवण जल ( खारे पानी ) की झील है। यह भारत मे खारे पानी की आंतरिक सबसे बड़ी ( अधिक ) झील है। इसमें खारी, खंडेला, मेंथा, रूपनगढ़ नदियां आकार गिरती है।

यहाँ नमक सरकार के उपक्रम “हिंदुस्तान सॉल्ट लिमिटेड” की सहायक कंपनी ”सांभर सॉल्ट लिमिटेड” द्वारा तैयार किया जाता है। भारत के कुल नमक उत्पादन का 8.7 प्रतिशत सांभर झील से उत्पादित होता है। सांभर झील पर स्पाईरूलीना नामक शैवाल पाया जाता है जिसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है।

यह झील समुद्र तल से 1,200 फुट की ऊँचाई पर स्थित है। जब यह भरी रहती है तब इसका क्षेत्रफल 90 वर्ग मील रहता है। अनुमान है कि अरावली के शिष्ट और नाइस के गर्तों में भरा हुआ गाद ( silt ) ही नमक का स्रोत है। गाद में स्थित विलयशील सोडियम यौगिक वर्षा के जल में घुसकर नदियों द्वारा झील में पहुँचाता है और जल के वाष्पन के पश्चात झील में नमक के रूप में रह जाता है।

सांभर झील पर साल्ट म्यूजियम ( रामसर साईट पर्यटन स्थल ) बनाया गया है। दादू दयाल ( राजस्थान का कबीर ) ने प्रथम उपदेश सांभर झील के किनारे दिये। इसी झील के किनारे शाकम्भरी माता का मंदिर झील के किनारे बना हुआ है। जिसे तीर्थो कि नानी और देवयानी माता भी कह जाता है।

Jai Samand Lake ( जयसमंद झील )

ढेबर झील या जयसमंद झील पश्चिमोत्तर भारत के दक्षिण-मध्य राजस्थान राज्य के अरावली पर्वतमालाके दक्षिण-पूर्व में स्थित एक विशाल जलाशय है। निर्माण वर्ष 1685-91 में महाराणा जयसिंह द्वारा गोमती नदी पर बांध बना कर किया गया

इस झील पर 1950 मे दो नहरे–श्यामपुरा और भाट नहर बनाई गई। इस झील पर सात टापू है इनमें सबसे बड़े टापू का नाम बाबा का भांगड़ा एवं सबसे छोटे टापू का नाम प्यारी हैं। जयसमंद झील से उदयपुर शहर को पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है।

यह राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। इस झील को एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील होने का गौरव प्राप्त है। यह उदयपुर जिला मुख्यालय से 51 कि॰मी॰ की दूरी पर दक्षिण-पूर्व की ओर उदयपुर-सलूम्बर मार्ग पर स्थित है। अपने प्राकृतिक परिवेश और बाँध की स्थापत्य कला की सुन्दरता से यह झील वर्षों से पर्यटकों के आकर्षण का महत्त्वपूर्ण स्थल बनी हुई है।

Rajasamand lake ( राजसमन्द झील )

झील राजस्थान,  राज्य के राजसमन्द जिले में स्थित एक मानवनिर्मित झील (कृत्रिम झील) है। इसका निर्माण महाराणा राजसिंह जी ने गोमती नदी पर 1662ई.में बांध बना कर कराया था। यह बांध उदयपुर से 64 किमी.दूर स्थित है।वर्तमान मे इसी के नाम के जिले राजसमंद मे स्थित है।

इस झील का निर्माण उस समय किया गया जिस समय मेवाड़ मे अकाल पड़ा था। इस झील के किनारे सुन्दर घाट और नो चौकी है।जहाँ संगमरमर के शिलालेख पर मेवाड़ का इतिहास “संस्कृत” मे अंकित है

Anasagar Lake ( आनासागर झील )

इस झील का निर्माण अजमेर के जमींदार आना जी के द्वारा कराया गया।यह अजमेर में स्थित है, यह दो पहाड़ियों के बीच में बनाई गई है तथा इसकी परिधि 12 किलोमीटर है। जहाँगीर ने यहाँ एक दौलत बाग बनवाया तथा शाहजहाँ के शासन काल में यहां एक बारादरी का निर्माण हुआ। पूर्णमासी की रात को चांदनी में यह झील एक सुंदर दृश्य उपस्थित करती है।

Panchapadra Lake ( पंचपद्रा झील )

राजस्थान के बाड़मेर जिले के बालोतरा के पास स्थित इस झील का निर्माण पंचा भील के द्वारा कराया गया अतः इसे पंचपद्रा कहते हैं। इस झील का नमक समुद्री झील के नमक से मिलता जुलता है।

इस झील से प्राप्त नमक में 98 प्रतिशत मात्रा सोडियम क्लोराइड है। अतः यहां से प्राप्त नमक उच्च कोटि का है। इस झील से प्राचीन समय से ही खारवाल जाति के परिवार मोरली वृक्ष की टहनियों से नमक के क्रिस्टल (स्फटिक) तैयार करते हैं

Pushkar Lake ( पुष्कर झील )

पुष्कर झील या पुष्कर सरोवर ,जो कि राजस्थान राज्य के अजमेर ज़िले के पुष्कर कस्बे में स्थित एक पवित्र हिन्दुओं की झील है। हिन्दुओं के अनुसार यह एक तीर्थ है। पौराणिक दृष्टिकोण से इस झील का निर्माण भगवान ब्रह्मा जी ने करवाया था इस कारण झील के निकट ब्रह्मा जी का मन्दिर भी बनाया गया है।

पुष्कर झील में कार्तिक पूर्णिमा (अक्टूबर -नवम्बर) माह में पुष्कर मेला भरता है जहां पर हज़ारों की तादाद में तीर्थयात्री आते है तथा स्नान करते है। ऐसा माना जाता है कि यहां स्नान करने पर त्वचा के सारे रोग दूर हो जाते है और त्वचा साफ सुथरी हो जाती है।

झील के आसपास लगभग 500 हिन्दू मन्दिर स्थित है। झील राजस्थान के अजमेर नगर से 11 किमी उत्तर में स्थित है। पौराणिक मान्यता के अनुसार पुष्कर झील का निर्माण भगवान ब्रह्मा ने करवाया था।

इसमें बावन स्नान घाट हैं। इन घाटों में वराह, ब्रह्म घाट महत्त्वपूर्ण हैं। प्राचीनकाल से लोग यहाँ पर प्रतिवर्ष कार्तिक मास में एकत्रित हो भगवान ब्रह्मा की पूजा उपासना करते हैं। पुष्कर में आने वाले लोग अपने को पवित्र करने के लिए पुष्कर झील में स्नान करते हैं।

पुष्कर झील जो कि राजस्थान के अजमेर ज़िले के पुष्कर कस्बे में स्थित है पवित्र झील है , यह अरावली पर्वतमाला की श्रेणी में आती है जो (नाग पर्वत) के नाम से जानी जाती है।

कोलायत झील

यह झील कोलायत में स्थित है जो बीकानेर से 48 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है| यहां कपिल मुनि का आश्रम है तथा हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन मेला लगता है।

सिलीसेढ़  झील

यह एक प्राकृतिक झील है तथा दिल्ली-जयपुर मार्ग पर अलवर से 12 किलोमीटर दूर पश्चिम में स्थित है| यह झील सुंदर है तथा पर्यटन का मुख्य स्थल है।

Lake Pichola ( पिछोला झील )

यह उदयपुर की सबसे प्रसिद्ध और सुन्दरतम् झील है। इसके बीच में स्थित दो टापूओं पर जगमंदिर और जगनिवास दो सुन्दर महल बने हैं।महलों का प्रतिबिंब झील में पड़ता है। इस झील का निर्माण राणा लाखा के शासन काल में एक बंजारे ने 14वीं शताब्दी के अंत में करवाया था।

बाद में इसे उदय सिंह ने इसे ठीक करवाया। यह झील लगभग 7 किलोमीटर चौड़ी है।

Rajasthan Lake important Fact – 

  • राजस्थान की सबसे बड़ी खारे पानी की झील -सांभर झील( जयपुर )
  • भारत व राजस्थान की सबसे खारी झील पंचभद्रा झील( बाड़मेर )
  • कौन सी झील से सर्वश्रेष्ठ किस्म का नमक प्राप्त होता है -पंचभद्रा
  •  गजनेर झील – बीकानेर
  • सरदार समंद झील – जोधपुर
  • पिछोला झील को स्वरूप सागर झील भी कहते हैं
  • मोती झील -भरतपुर
  • तलवाड़ा झील -हनुमानगढ़
  • दुगारी झील /कनक सागर झील – बूंदी
  • सिलीसेढ़ झील राजस्थान का नंदनकानन कहलाती है
  • पुष्कर झील का विकास एवं सफाई कार्य कनाडा देश के आर्थिक सहयोग से पूर्ण हुआ
  • कपिल मुनि का मेला कोलायत झील के किनारे प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा को लगता है
  • पचपदरा झील से प्राप्त नमक अपेक्षाकृत उच्च कोटि का है
  • जोधपुर शहर को पेयजल आपूर्ति कायलाना झील से होती है
  • राजस्थान स्टेट केमिकल वर्क्स डीडवाना झील पर है

 

Quiz 

Question -46

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Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

सुखेन्द्र मीणा जहाजपुर भीलवाड़ा, थाना राम बोस बाडमेर, Ajay meena,  मयंक मेहता उदयपुर, धर्मवीर शर्मा अलवर, भवानी सिंह, Ashok prajapat, मुकेश बोचल्या, सोहन शेरावत जयपुर, प्रकाश d.d. मेड़ता सिटी नागौर, सुभाष शेरावत  

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