राजस्थान का परिवहन ( Transport of Rajasthan )

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Transport of Rajasthan
  • राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई— 7130.5 किलोमीटर!
  • राज्य में सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग — एनएच 71 बी!
  • राज्य का सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग— एनएच 8!
  • राज्य का प्रथम एक्सप्रेस हाईवे(6 लेन वाला)— NH 8!
  • राष्ट्रीय राजमार्गों की न्यूनतम लंबाई — हनुमानगढ़ जिला !
  • सर्वाधिक जिलों से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग — एनएच 11 15 76 (7-7 जिलों से गुजरता है)!
  • राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों की संख्या— 29!
  • भारत में सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग— एनएच 7 वाराणसी से कन्याकुमारी तक!
  • राजस्थान में राज्य राजमार्ग (स्टेट हाईवे )— 85 है जिनकी लंबाई 11758 किलोमीटर है !
  • राज्य का सबसे लंबा स्टेट हाईवे — SH-1-(444 किलोमीटर )!
  • राज्य का सबसे छोटा स्टेट हाईवे — SH-19B (16 किलोमीटर )!
  • राजस्थान में सड़कों की कुल लंबाई— 192551 किलोमीटर!
  • राजस्थान में सड़क घनत्व— 63.11 किलोमीटर /100 वर्ग किलोमीटर !
  • सड़कों का सर्वाधिक घनत्व– राजसमंद जिला!
  • सड़कों का सबसे कम घनत्व — Jaisalmer में!
  • सड़को की सर्वाधिक लंबाई वाला जिला — Barmer !
  • सड़कों से जुड़े सर्वाधिक गांव वाला जिला — Ganganagar !
  • सड़कों से जुड़े न्यूनतम गांव वाला जिला– Sirohi
  • राजस्थान के किस जिले में रेलमार्ग नहीं है – Banswara
  • नाल हवाई अड्डा कहां स्थित है- Bikaner
  • राजस्थान के किन जिलों से होकर राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं गुजरते हैं- झुंझुनू
  • उत्तर पश्चिमी रेलवे जोन का मुख्यालय स्थित है – Jaipur
  • राज्य में सड़कों का घनत्व सर्वाधिक किस जिले में है- Rajsamand
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना किस तिथि को प्रारंभ की गई- 25-12- 2000
  • पश्चिमी रेलवे स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र कहां स्थित है- Udaipur

 

 राजस्थान सरकार ने यात्रियों के लिए कुशल सेवा के लिए सड़क परिवहन अधिनियम 1951 के तहत 01 अक्टुबर 1964 को स्थापना की।

राजस्थान राज्य का सबसे बड़ा इंटरसिटी बस परिवहन “राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम” है। इसका मुख्यालय जयपुर राजस्थान में हैं।

राजस्थान में थल एंवम वायु दो ही प्रकार के परिवहन हैं।

राजस्थान में सड़कों की सर्वाधिक लम्बाई जोधपुर एंवम न्यूनतम धौलपुर में हैं।

राजस्थान में सर्वाधिक राजमार्ग अजमेर जिले में हैं।

राजस्थान में सर्वाधिक लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग NH-15 ( 31 मार्च 2016 के अनुसार नेशनल हाईवे 15 को बदल कर नया नेशनल हाईवे 68 हो गया है जिसकी कुल लंबाई 893.50 किलोमीटर है यह राजस्थान के 6 जिलो गंगानगर बीकानेर जैसलमेर बाड़मेर जालौर जोधपुर से होकर कांडला गुजरात तक जाता है ) तथा सबसे छोटा NH-3 राष्ट्रीय राजमार्ग हैं।

राजस्थान में राजमार्गों की सर्वाधिक लम्बाई वाला जिला जोधपुर हैं।

जयपुर शहर के चारों ओर के राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने हेतु जयपुर Ring road project संचालित हैं।

राजस्थान सड़क विकास निधि विधेयक के अधीन सडकों के विकास हेतु पेट्रोल एंवम हाई-स्पीड डीजल पर उपकर लगाया जाता हैं।

BOOT का तात्पर्य “बनाओ, स्वामित्व रखो, संचालन करो तथा हस्तांतरित करो” हैं।

राजस्थान में BOOT के आधार पर सड़क निर्माण में निजी क्षेत्र की सहभागिता स्वीकार की गई।

एशिया का मीटर गेज का सबसे बड़ा रेलवे यार्ड फुलेरा जंक्शन हैं।

पहली ब्रॉडगेज रेल बस सेवा 2 अक्टूबर 1994 को मेड़ता सिटी से मेड़ता रोड के बीच प्रारम्भ की गयी।

बूंदी के किशन लाल सोनी को रेल बाबा कहा जाता हैं।

भारत का सबसे बड़ा रेलवे मॉडल कक्ष उदयपुर के पश्चिमी रेलवे क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र में स्थित हैं।

राजस्थान की तटीय रेखा न होने के कारण राज्य में कोई बंदरगाह नही हैं।

राजस्थान में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे जयपुर,जोधपुर,उदयपुर एंवम कोटा में स्थित हैं।

राजस्थान में सर्वप्रथम 1952 ई. में टोंक में सरकारी बस सेवा प्रारंभ हुई।

1959 ई. में राजस्थान स्टेट रोडवेज की स्थापना की गई, तत्पश्चात 1 अक्टूबर 1964 को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) की स्थापना की गई जिसका मुख्यालय जयपुर में रखा गया।

राजस्थान स्टेट ब्रिज कारपोरेशन का नाम परिवर्तित करके 19 जनवरी 2001 को राजस्थान सड़क विकास व निर्माण निगम रखा गया।

राजस्थान में पहली रेल बस सेवा मेड़ता से मेड़ता रोड नागौर के बीच 2 अक्टूबर 1994 को शुरू की गयी।

राजस्थान सड़क विकास अधिनियम 2002 लागू किया गया। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सड़क निर्माण हेतु चेतक योजना शुरू की गई है राजस्थान में प्रथम सड़क नीति 1994 में नवीनतम सड़क नीति 28 अप्रैल 2002 को घोषित की गई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना 25 दिसंबर 2002 को शुरू की गई। प्रधानमंत्री स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क योजना (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता,दिल्ली) की लंबाई राजस्थान में 694 किलोमीटर है।

राजस्थान सड़क इंफास्ट्रक्सर विकास निगम RIDCOR अक्टूबर 2004 राजस्थान सरकार व इंफास्ट्रक्सर फाइनेंसियल सर्विसेस (IL & FS) की 50 अनुपात 50 की भागीदारी में अक्टूबर 2004 में गठित संयुक्त उपक्रम जो राज्य में जुलाई 2005 से मेगा हाईवे परियोजना का क्रियांवयन कर रहा है।

मुख्यमंत्री सड़क योजना 7 अक्टूबर 2005 को शुरू की गई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना 25 दिसंबर 2000 को प्रारंभ योजना के अंतर्गत राज्य में ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत सड़कों का विकास में निर्माण किया जा रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजना इन (NHDP) का वित्तपोषण केंद्रीय सड़क निधि, विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक, व जेबीआईसी (जापान) द्वारा किया जा रहा है।

Rajasthan Transport IMPORTANT QUESTION & Quiz 

Q-1. देश की पहली पोलूशन फ्री टनल राज्य में स्थित है ?
Ans- देश की पहली पॉल्यूशन फ्री टनल जयपुर में स्थित है इसका नाम घाट की गुणी सुरंग है जिसका शुभारंभ 19 जनवरी 2013 को किया था इसकी लंबाई 2800 मीटर है

Q-2. राजस्थान में किस जिले में वाटर चैनल विकसित करने का प्रयास चल रहा है ?
Ans- गुजरात के कच्छ क्षेत्र से खारे पानी को एक चैनल के रूप में जालौर जिले तक लाने का प्रयास चल रहा है जिससे जल परिवहन विकसित किए जाने की संभावना है

Q-3. राजस्थान रोड विजन 2025 के उद्देश्य ?
Ans- “”राजस्थान रोड विजन 2025 के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं-
अकाल राहत कार्य अर्थात मध्ययुगीन राजस्थान में सूखा और अकाल का ऐतिहासिक बोलबाला रहा है जिसमें सड़कों का निर्माण कराया गया है
वर्तमान में डीआरडीए द्वारा सड़के बनवाई जा रही है
न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम दुर्गम मार्ग का विकास और खनिज सड़कें राष्ट्रीय निर्माण रोजगार कार्यक्रम

सिंचित क्षेत्र विकास ,इंदिरा गांधी कमांड क्षेत्र, चंबल कमांड क्षेत्र ,माही बजाज सागर कमांड क्षेत्र के लिए योजना
ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारंटी कार्यक्रम या जवाहर रोजगार योजना के अंतर्गत विकास
कृषि विपणन बोर्ड द्वारा कृषि उपज मंडी सड़क निर्माण
विश्व बैंक v नाबार्ड बैंक द्वारा सड़कों का विकास
सीमा सड़क सुरक्षा संगठन द्वारा विकसित सुरक्षा सड़कें
स्थानीय संस्थाओं जैसे जयपुर विकास प्राधिकरण नगर निगम नगर पालिका और अन्य संस्थाओं द्वारा निर्मित

Q-4. राजस्थान की सड़क नीतियां ?
Ans-1- राज्य सड़क नीति 1994– राज्य सरकार द्वारा 1994 में प्रथम सड़क नीति घोषित की गई थी जिसका प्रमुख उद्देश्य सड़क क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करना था राज्य में सभी गांवों तक पक्की सड़कें पहुंचाने आधारभूत ढांचागत विकास करने और सड़क तंत्र के समुचित विकास के लिए यह नीति बनाई गई थी इस नीति के अंतर्गत देश में चल रहे उदारीकरण और निजीकरण के वातावरण का समुचित उपयोग करने हेतु सडको और पुलों के निर्माण में निजी निवेशकों द्वारा निवेश को बीओटी (बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर) के आधार पर कराने का भी प्रावधान रखा गया था राजस्थान सर एक नीति घोषित करने वाला देश का प्रथम राज्य है राज्य

2- सड़क विकास नीति 2013- राज्य सड़क विकास नीति 2013 राज्य में सितंबर 2013 में द्वितीय राज्य सड़क विकास नीति घोषित की गई नवीन सड़क विकास नीति अगले 10 वर्षों के संभावित यातायात दबाव को ध्यान में रखकर राज्य के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ तैयार की गई है नवीन राज्य सड़क नीति का उद्देश्य आने वाले समय में सड़क तंत्र के भावी यातायात के अनुरूप संधारण सुधार और निर्माण के लिए लक्ष्य निर्धारित कर समुचित योजना का निर्माण आवश्यक प्रणाली का विकास उचित प्रबंधन और संसाधन जुटाने की प्रणाली विकसित करना है

3- राजस्थान सड़क विकास अधिनियम 2002–राजस्थान सड़क विकास अधिनियम 1994 की संशोधित कर निजी निवेशको से बीओटी के आधार पर अधिक निवेश करने के लिए 28 अप्रैल 2002 को राजस्थान सड़क विकास अधिनियम 2002 जारी किया गया

Q-5. राज्य में सड़क विकास कार्य में लगी संस्थाओं का वर्णन कीजिए ?
Ans- “राजस्थान राज्य सड़क विकास और निर्माण निगम लिमिटेड–इसकी स्थापना( राजस्थान स्टेट ब्रिज लिमिटेड के नाम से एक सार्वजनिक कंपनी के रूप में) 8 फरवरी 1979 को हुई थी राजस्थान स्टेट ब्रिज लिमिटेड का 19 जनवरी 2001 को नाम परिवर्तित कर राजस्थान सड़क विकास और निर्माण निगम का गठन किया गया इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य आधुनिक सर को और भवनों के निर्माण को तत्परता और योजना बंध तरीके से पूर्ण करना

*?राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम–*1 अक्टूबर 1964 को वैधानिक निकाय के रूप में जयपुर में स्थापित यह निगम राजस्थान में पथ परिवहन के विकास और किफायती व सुविधाजनक पथ परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु कार्यरत है

?सीमा सड़क संगठन- 1960 में इस संगठन की स्थापना एक अभिकरण के रूप में हुई उत्तर और उत्तरी पूर्वी सीमावर्ती इलाकों में सामरिक महत्व की सड़कों के विकास के लिए सीमा सड़क संगठन मई 1960 से कार्यरत निर्माण एजेंसी है

?रिडकोर- राजस्थान सरकार और इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग वह फाइनेंसियल सर्विसेज की 50:50 की भागीदारी से अक्टूबर 2004 में गठित संयुक्त उपक्रम है जो राज्य में जुलाई 2005 से मेगा हाईवे परियोजना का क्रियांवयन कर रहा है

आईएल एंड एफएस 1987 में संस्था का गठन निजी क्षेत्र में किया गया यह आधारभूत संरचना और वित्तीय क्षेत्र में देश की अग्रणी संस्था है

राजस्थान सड़क विकास निधि- राजस्थान सड़क विकास निधि अधिनियम 2004 के अधीन स्थापित निधि जिसमें पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल के विक्रय पर 7 सितंबर 2004 से 50 पैसे प्रति लीटर की दर से उपकार लगाया गया है राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड-जयपुर में स्थापित इस बोर्ड द्वारा राज्य में कृषि उपज मंडियों को गांव से जोड़ने और ग्रामीण विकास हेतु बोर्ड द्वारा सड़कों का निर्माण करवाया जाता है
राजस्थान सड़क सुरक्षा निधि योजना- 100 करोड़ के प्रारंभिक अंशदान से इस निधि का गठन किया गया इस निधि का उपयोग जिलों में सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों में किया जा रहा है

केंद्रीय सड़क निधि- वर्ष 2001 से भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा इस निधि का पुनरुत्थान किया गया है निधि के अंतर्गत राज्य उच्च मार्गो और मुख्य जिला सड़कों को सुदृढ़ करने चौड़ा करने और नवीनीकरण करने का कार्य किया जा रहा है

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण- केंद्रीय सरकार का यह संगठन राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस वे के निर्माण और रखरखाव का कार्य करता है

Q-6. देश का पहला दोहरा एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण कहां किया गया है ?
Ans- जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के तहत देश का पहला एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण जयपुर में अजमेर पुलिया से सोडाला तक किया गया है यह दौरा एलिवेटेड ट्रैक देश का पहला और एशिया का दूसरा ट्रैक होगा जहां जमीन से ऊपर एलिवेटेड रोड और उसके ऊपर ही गुजरती मेट्रो रेल होगी थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में एशिया का ऐसा पहला थ्री डेक ट्रेक है

Q-7. भारतीय रेल अनुसंधान एवं परीक्षण केंद्र का निर्माण राजस्थान में किस स्थान पर किया जाएगा ? 
Ans- भारतीय रेल अनुसंधान एवं परीक्षण केंद्र का निर्माण पचपदरा बाड़मेर में किया जाएगा यहां तेज गति (180 किलोमीटर प्रति घंटा )से चलने वाली ट्रेनों का परीक्षण किया जाएगा

Q-8. राजस्थान में रेलवे से संबंधित उपक्रम का वर्णन कीजिए ?

Ans- राजस्थान में रेलवे से संबंधित दो उपक्रम निम्न हैं
1- सिमको वैगन फैक्ट्री- यह फैक्ट्री 8 साल बाद 9 अक्टूबर 2008 को पुनः चालू की गई ऐसे टीटागढ़ वैगंस लिमिटेड कंपनी ने पुनः प्रारंभ किया है सिमको की स्थापना राज्य में मालवाहक डिब्बे तैयार करने के उद्देश्य से वर्ष 1957 में भरतपुर में की गई थी इसमें 13 नवंबर 2000 को तालाबंदी हुई थी

2- पश्चिमी रेलवे क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र-उदयपुर यह केंद्र 9 अक्टूबर 1965 को उदयपुर में स्थापित किया गया था इस केंद्र में भारत का सबसे बड़ा रेलवे मॉडल कक्ष है रेलवे कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है यह उदयपुर में सुखाडिया सर्कल के पास स्थित है

Q-9. राजस्थान में रेलों का घनत्व ?

Ans- राजस्थान में प्रारंभ से ही रेलों के विकास हेतु प्रयास किए गए हैं लेकिन आज भी अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान में रेलमार्गों का घनत्व बहुत ही कम पाया जाता है राजस्थान मे रेलो के घनत्व को निम्न रूपों में देखा जा सकता है

1- उच्च घनत्व क्षेत्र-इसके अंतर्गत चित्तौड़गढ़ उदयपुर जयपुर अजमेर दोसा अलवर भरतपुर सवाई माधोपुर कोटा नागौर पाली श्रीगंगानगर झुंझुनू जोधपुर जिले आते हैं इन क्षेत्रों में धात्विक और अधात्विक खनिज की अधिकता औद्योगिक प्रदेशों की स्थिति प्रशासनिक जागरूकता राजनीतिक चेतना जनसंख्या की सघनता के कारण रेलों का विकास और मांग भी अधिक पाई जाती है

2- मध्यम घनत्व क्षेत्र-इसके अंतर्गत राजस्थान के वे जिले आते हैं जहां पर आर्थिक गतिविधियां मध्य स्तर की पाई जाती है राजसमंद सीकर करौली बॉरा सिरोही बिकानेर जिले को सम्मिलित किया जाता है

3- कम घनत्व क्षेत्र-इसके अंतर्गत डूंगरपुर बाड़मेर चूरु झालावाड बूंदी जालौर हनुमानगढ़ धौलपुर जिले आते हैं यहां पर प्राकृतिक विषमताओं धात्विक खनिजों की कमी उद्योगों की न्यूनतम स्थापना प्रशासनिक उदासीनता पिछड़ी जातियों का बसाब अधिक होने से जन जागृति का अभाव पाया जाता है
4- नगण्य घनत्व क्षेत्र-इसके अंतर्गत क्षेत्र आते हैं जहां विषम धरातलीय संरचना पाई जाती है साथ ही रेगिस्तानी भूमि बीहड़ खंड व सीमावर्ती क्षेत्र आते है। नगण्य घनत्व वाले जिलों में बांसवाड़ा प्रतापगढ़ टोंक जिला और बीकानेर जोधपुर जैसलमेर का पश्चिमी भाग आता है जहां रेल मार्गों का अभाव पाया जाता है इसके अंतर्गत झालावाड का दक्षिणी और दक्षिणी पश्चिमी भाग पूर्वी चित्तौड़गढ़ जिला इसके अंतर्गत है साथ ही उपरमाल का पठार पर भी रेलों का अभाव पाया जाता है

Q-10. राजस्थान में रेलमार्गों की स्थिति ?

Ans- राजस्थान में वर्तमान में 1 जॉन और 5 मंडल कार्यालय हैं इसके अलावा राज्य के कुछ रेल मार्ग उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल में आते हैं और दिल्ली अलवर मार्ग उत्तरी रेलवे के दिल्ली मंडल के अधीन है भरतपुर के रेल मार्ग झांसी मंडल के तहत हैं

राजस्थान में 14 जून 2002 को- बनाए गए नए जॉन उत्तर पश्चिमी रेलवे में राजस्थान के चार (जयपुर अजमेर बीकानेर जोधपुर) रेल मंडल शामिल किए गए हैं
राज्य का कोटा मंडल- पश्चिमी मध्य जोन में है जिसका मुख्यालय जबलपुर है
राजस्थान में प्रथम रेल- की शुरुआत जयपुर रियासत में आगरा फोर्ट से बांदीकुई के बीच अप्रैल 1874 में की गई थी

इससे पूर्व राजस्थान में बीकानेर & जोधपुर-रियासत के निजी रेलमार्ग थे जिन्हें 1950 में सरकार ने अपने नियंत्रण में ले लिया था
11 अगस्त 1879 को- अजमेर में लोको कारखाना स्थापित किया गया जिसमें 1895 में पहला इंजन बनकर तैयार हुआ
राजस्थान में मार्च 2015- तक रेल मार्ग की कुल लंबाई 5898 किलोमीटर थी
इसमें से 4896 किलोमीटर- ब्रांड गेज
915.56 किलोमीटर-मीटर गेज और
86.76 किलोमीटर-नैरोगेज है

राज्य में मार्च 2015 में प्रति- हजार वर्ग किलोमीटर में रेल मार्ग की औसतन लंबाई 17.233 किलोमीटर थी
देश में रेल मार्ग की- लंबाई की दृष्टि से राजस्थान का उत्तर प्रदेश के बाद दूसरा स्थान है महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है
राजस्थान में पहली रेल बस- सेवा मेड़ता से मेड़ता रोड के बीच 2 अक्टूबर 1994 में शुरू की गई
राजस्थान में गोरम घाट (राजसमंद)- पहला रेलवे स्टेशन (मावली मारवाड़ जंक्शन) जहां पर विद्युत आपूर्ति पूर्ण तरह सौर ऊर्जा से प्राप्त की जा रही है

राजस्थान में प्रथम मीटरगेज- और ब्रॉडगेज रेल सेवा क्रमशः 14 फरवरी 1876 और 12 अक्टूबर 1994 में शुरू की गई थी राजस्थान में रेलवे ट्रेनिंग स्कूल- की स्थापना 1955 में उदयपुर में की गई थी मारवाड़ में पहली बार-रेल 24 जून 1882 में पाली व मारवाड़ जंक्शन के बीच शुरू की गई थी

भारतीय रेलवे और राजस्थान पर्यटन विकास निगम-ने पर्यटकों के लिए जनवरी 1982 में पहियों पर राजमहल शुरू की थी
स्वदेशी नेता किशन लाल सोनी( बूंदी)ने 25 वर्षों के अथक प्रयास के कारण इन्हें राजस्थान का रेल बाबा कहा जाता है
रेलवे को हमारे संविधान- में संघ सूची का विषय बनाया गया है

Q-11. राजस्थान में 1950 में कितनी वायु सेवाएं कार्य कर रही थी ?

Ans-1. राजस्थान में जुलाई 1950 में दो वायु सेवा कार्य कर रही थी
1- एयर इंडिया- जो मुंबई अहमदाबाद जयपुर दिल्ली मार्ग पर और
2- इंडियन नेशनल एयरवेज कंपनी दिल्ली जोधपुर कराची मार्ग पर अपनी सेवाएं क्रमशः जयपुर और जोधपुर को प्रदान कर रही थी

Q-12. राज्य का पहला ग्रीन फील्ड अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कहां बनाया जाएगा ?

Ans- अलवर नीमराणा में राज्य का पहला ग्रीन फील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनेगा यह सार्वजनिक सहभागिता के आधार पर बनने वाली वायु परिवहन योजना है इसमें निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 74% और राज्य सरकार और भारतीय विमान प्राधिकरण की संयुक्त हिस्सेदारी 26% है

Q-13. राज्य में हवाई सेवाओं का विस्तार ?

Ans- राजस्थान राज्य में कुल 32 एयरपोर्ट हवाई पट्टियां उपलब्ध हैं
यपुर उदयपुर और जोधपुर एयरपोर्ट ही नियमित हवाई सेवाओं से जुड़े हैं
राज्य में पर्याप्त साधन होते हुए भी जयपुर से उदयपुर जोधपुर और अन्य स्थानों हेतु कोई सीधी उड़ान संचालित नहीं हो रही है
राज्य सरकार द्वारा राज्य के सभी जिलों को हवाई सेवा से जोड़ने हेतु मैसर्स ओआई एस एयरोस्पेस प्रा लिमिटेड नई दिल्ली के साथ दिनांक 28 अक्टूबर 2014 को एमओयू किया गया जिसके तहत राज्य में मुख्य पर्यटक स्थलों और महत्वपूर्ण स्थानों को हवाई सेवाओं से जोड़ा जाएगा

Q-14. राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए कौनसी योजना प्रारंभ की गई है ?

Ans-3. राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए वीजीएफ के आधार पर इंट्रा स्टेट हवाई सेवा योजना प्रारंभ की गई है
इस योजना के तहत जोधपुर उदयपुर और बीकानेर को 4 अक्टूबर 2016 से जयपुर से जोड़ा गया है
जयपुर से कोटा हेतु सीधी हवाई सेवा 18 अगस्त 2017 से प्रारंभ की गई है
सितंबर माह में कोटा से नई दिल्ली की हवाई सेवा भी प्रारंभ की जाएगी
शीघ्र ही अजमेर जैसलमेर और रणथंबोर सवाई माधोपुर को भी जयपुर के साथ हवाई सेवा से जोड़ा जाएगा

Q-15. राजस्थान में वायु परिवहन एक नजर में ?

Ans- भारतीय संविधान में विमानपत्तन- को संघ सूची का विषय बनाया गया है अतः राज्य में वायु मार्ग और आवश्यक सुविधाओं के विकास विस्तार का दायित्व पूर्ण पर केंद्र सरकार के नियंत्रण में है
नागरिक उड्डयन गतिविधियों के संचालन-हेतु राज्य में नागरिक उड्डयन विभाग के नियंत्रणाधीन निदेशालय नागरिक विमानन स्थापित है जिस का गठन 1 अप्रैल 2012 को किया गया
केंद्र सरकार की महत्वपूर्णRegional Connectivity Scheme के- तहत जयपुर को सीधे जैसलमेर और आगरा से तथा बीकानेर को सीधे नई दिल्ली से हवाई सेवाओं से जोड़ने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है

नागर विमानन निगम की- स्थापना राज्य में 20 दिसंबर 2006 को की गई थी इसका उद्देश्य राजस्थान सरकार के पास उपलब्ध हेलीकॉप्टर और वायुयान का वाणिज्यिक उपयोग करने के लिए प्रस्ताव तैयार करना है
महाराणा प्रताप हवाई अड्डा- डबोक उदयपुर को भी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया जाएगा
देश में घरेलू विमान- सेवाएं इंडियन एयरलाइंस लिमिटेड और प्राइवेट एयरलाइंस द्वारा प्रदान की जा रही थी

इंडियन एयरलाइंस- पड़ोसी देश दक्षिण पूर्व एशिया और मध्य पूर्व क्षेत्र के लिए भी सेवाएं प्रदान करता था
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल- कारपोरेशन द्वारा अलवर के कोटकासिम तहसील में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित है

सांगानेर जयपुर से 7 फरवरी 2002- को दुबई के लिए वायु यान सेवा शुरू की गई थी केंद्र सरकार द्वारा सांगानेर हवाई अड्डे को दिसंबर 2005 को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा दिया गया था और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा देने संबंधी अधिसूचना फरवरी 2006 में जारी की गई

सांगानेर हवाई अड्डा- देश का 14 अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा था यहां से अक्टूबर 2016 में सिंगापुर और नवंबर 2016 में बैंकोक के लिए सीधी वायुयान सेवा प्रारंभ कर दी गई है
1 अगस्त 1953 में-वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया
देश के अंदर वायु सेवा उपलब्ध-कराने वाली दूसरी कंपनी वायुदूत की नियमित सेवाओं के अंतर्गत जोधपुर जैसलमेर और बीकानेर भी देश के अन्य मार्गो से जुड़ गए हैं

उदयपुर अहमदाबाद के- बीच इंडियन एयरलाइंस ने 1 अप्रैल 1993 से और जयपुर दिल्ली के बीच सिटी लिंक एयरवेज ने 18 अक्टूबर 1992 से अपनी-अपनी विमान सेवाएं प्रारंभ कर दी
इस प्रकार राज्य-देश के वायु सेवाओं मानचित्र में उचित स्थान पा गया
अजमेर को भी शीघ्र-ही वायु सेवाओं से जोड़ने का प्रावधान है
?बीकानेर और सूरतगढ़- के हवाई अड्डे भूमि करते हैं और बीकानेर भारत के सर्वश्रेष्ठ सैनिक हवाई अड्डों में से एक है
जोधपुर अंतरराष्ट्रीय महत्व- का वायु सेना का हवाई अड्डा है जहां प्रशिक्षण सुविधा भी उपलब्ध है
सांगानेर डबोक कोटा हवाई अड्डा- भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अधीन है
बीकानेर जैसलमेर सूरतगढ़ बाड़मेर रातानाडा फलोदी हवाई अड्डे- भारतीय वायु सेना के अधीन है
कांकरोली( राजसमंद )हवाई पट्टी- जे के ग्रुप के अधीन

पिलानी (झुंझुनू) हवाई पट्टी- बिरला ग्रुप के अधीन

राज्य सरकार के अधीन- 16 हवाई पट्टी हैं

राजस्थान में तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग है

प्रथम- दिल्ली आगरा जयपुर
द्वितीय- दिल्ली जयपुर उदयपुर औरंगाबाद मुंबई
तृतीय- दिल्ली जयपुर जोधपुर उदयपुर अहमदाबाद मुंबई
जोधपुर (रातानाडा) हवाई अड्डे-को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर नया सिविल एयरपोर्ट स्थापित किया जा रहा है
अजमेर जिले में-हवाई अड्डा कंक्रीट के स्थान पर इस्पात और कांच से निर्मित भारत का पहला हवाई अड्डा होगा

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No of Question -15

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POST WRITTEN BY ( With Regards & Specially thanks ),

ममता शर्मा , जेठाराम लोहिया , सन्दीप मोखरियां, झुन्झुनू , बनवारी जी गेनाना , विनोद कुमार जी बांसवाड़ा

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