विज्ञान के सामान्य आधारभूत तत्व ( Science General Principles)

विज्ञान (science)- ऐसे सुव्यवस्थित एवं क्रमबद्ध ज्ञान को कहते हैं जो प्रयोगात्मक परीक्षणों पर आधारित अनुसंधानों के परिणाम स्वरुप प्राप्त होता है।

विज्ञान के सामान्य आधारभूत तत्व के तहत तीन प्रकार के विषयों का अध्ययन किया जाता है

1- भौतिक विज्ञान (Physics)
2- रसायन विज्ञान (Chemestery)और
3- जीव विज्ञान (Biology )

1. भौतिक विज्ञान(Physics)

परिभाषा— भौतिक विज्ञान प्राकृतिक विज्ञान की वह शाखा है जिसमें द्रव्य और ऊर्जा तथा उसकी परस्पर क्रियाओं का अध्ययन होता है भौतिकी प्राकृतिक जगत का मूल विज्ञान है

भौतिक राशियां–ऐसी राशि जिसे मापा जा सके और जिसके द्वारा विभिन्न भौतिक घटनाओं को नियमों के रूप में समझाया जा सके भौतिक राशि कहलाती है जैसे– लंबाई, द्रव्यमान, समय

अदिश राशियां– ऐसी भौतिक राशियां जिनमें केवल परिमाण होता है दिशा नहीं उसे अदिश राशि कहा जाता है जैसे– जैसे-कार्य, ऊर्जा, शक्ति, दाब, विद्युतधारा, ताप, कोण, द्रव्यमान, आयतन, घनत्व, समय,दूरी, चाल इत्यादि।

नोट–विद्युत धारा ताप दाब यह सभी अदिश राशियां हैं

सदिश राशि– ऐसी भौतिक राशियां जिनमें परिमाण के साथ-साथ दिशा भी रहती है और जो योग के निश्चित नियमों के अनुसार जोड़ी जाती है उन्हें सदिश राशि करते हैं जैसे– विस्थापन, वेग, त्वरण, संवेग, आवेग, बल, बल आघूर्ण, धारा घनत्व, क्षेत्रफल, विद्युत/चुंबकीय/गुरुत्वीय क्षेत्रों की तीव्रता इत्यादि।

1- मात्रक 

परिभाषा– किसी राशि के मापन के निर्देश मानक को मात्रक कहते हैं माना एक तार की लंबाई 10 मीटर दी गई है इसमें 10 को परिमाण और मीटर को मात्रक कहते हैं

मात्रक पद्धतिया– भौतिक राशियों के मात्रक को के लिए निम्न पद्धति दी गई हैं

1⃣ सी जी एस पद्धति या गोसीयँ पद्धति– इस पद्धति में लंबाई द्रव्यमान समय को मूलभूत राशियों के रूप में लिया गया और उनके मात्रक क्रमशः सेंटीमीटर, ग्राम ,सेकंड दिया गया

2⃣ एम के एस पद्धति या जार्जी पद्धति– इसमें भी लंबाई द्रव्यमान और समय को मूलभूत राशियों के रूप में लिया गया और उनके मात्रक क्रमश मीटर ,किलोग्राम और सेकंड दिया गया

3⃣ एफपीएस पद्धति/ ब्रिटिश प्रणाली– इसमें भी लंबाई द्रव्यमान और समय को मूलभूत राशियों के रूप में लिया गया और उनके मात्रक क्रमशः फुट, पाउंड और सेकंड दिया गया

4⃣सिस्टम इंटरनेशनल पद्धति– यह अंतर्राष्ट्रीय पद्धति है जो M k s का ही विस्तृत रूप है इसमें 7 मूलभूत राशियां है

भौतिकराशि  –   मात्रक –    प्रतीक
लम्बाई               मीटर          m
द्रव्यमान           किलोग्राम      kg
समय                 सेकंड         s
विद्युत धारा        एंपियर        A
ताप                   केल्विन       K
पदार्थ की मात्रा      मोल       mol

प्रदीपन तीव्रता     कैंडेला       cd

?मात्रक(Units) ?

भौतिक राशियों को जिसमें मापा जाता है वह उसकी इकाई/मात्रक कहलाता है।

? लेंस की क्षमता-डायोप्टर
? ताप-फॉरेनहाइट,डिग्री सेल्सियस
? शक्ति कार्य करने की दर,शक्ति कहलाती है।
?दाब- बार,पास्कल
? बल-न्यूटन,डाइन
?आवेश-कूलाॅम
?विधुतधारा-ऐम्पियर
?प्रतिरोध-ओम
?विशिष्ट प्रतिरोध-ओम×मीटर
?चालकता-म्हो,साइमन
?तरंगो का तरंगदैर्ध्य-एंग्स्ट्राम
?तरंगों की आवृत्ति-हर्ट्ज
?ज्योति तीव्रता का मात्रक-कैंडेला
? चुंबकीय फ्लक्स- वेबर
?चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता-टेस्ला,ओरेस्टेट
?चुम्बकीय प्रेरकत्व-हेनरी

? श्यानता-द्रवों के बहने के गुण का विरोध करने का गुण “श्यानता”(Viscosity) कहलाता हैं। जैसे- शायद पानी की अपेक्षा अधिक श्यान होता है। अतः यह धीमी गति से बहता है।इसे Poies (पाॅइज) में नापा जाता हैं।

?आवेग-न्यूटन×सैकण्ड
?विधुत धारिता-फैराडे
?पृष्ठ तनाव-न्यूटन/मीटर

?SI के संपूरक मूल मात्रक ?

रेडियन– वह कौण जो वृत्त की त्रिज्या के बराबर चाप द्वारा वृत्त के केंद्र पर अंतरित होता है

स्टेरेडियन– वह घन कोण जो गोले के एक पृष्ठ का एक भाग जिसका क्षेत्रफल गोले की त्रिज्या के वर्ग के बराबर हो गोले के केंद्र पर अंतरित रहता है

♻सिस्टम इंटरनेशनल पद्धति के कुछ पुराने मात्रक के नए नाम और संकेत ?

1-ताप डिग्री सेंटीग्रेड( पुराना) डिग्री सेल्सियस (नया)
2-आवृत्ति कंपन प्रति सेकंड (पुराना) हर्टज (नया)
3- ज्योति तीव्रता कैंडल शक्ति (पुराना )कैंडेला (नया)

रसायन विज्ञान (Chemistry )

परिभाषा– रसायन विज्ञान विज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत पदार्थों के गुण, संगठन ,संरचना और उनमें होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन किया जाता है

रसायन विज्ञान शब्द की उत्पत्ति– केमिस्ट्री अथार्थ रसायन विज्ञान शब्द की उत्पत्ति मिस्र के प्राचीन शब्द कीमियां(Chemea) से हुई है जिसका अर्थ है काला रंग मिस्र के लोग काली मिट्टी को केमी(Chemi) कहते थे और प्रारंभ में रसायन विज्ञान के अध्ययन को केमिटेंकिंग कहा जाता था

रसायन विज्ञान का जनक — लेवायसियेर को रसायन विज्ञान का जनक कहा जाता है
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?♻पदार्थ और उसकी प्रकृति(Substance and its nature)♻?

पदार्थ (Substance) दुनिया की कोई भी वस्तु जो स्थान घेरती हो जिसका द्रव्यमान होता है और जो अपनी संरचना में परिवर्तन का विरोध करती हो पदार्थ कहलाती है उदाहरण– जल ,हवा बालू आदि

प्रारंभ में भारतीय और यूनानीयों का अनुमान था कि– प्रकृति की सारी वस्तुएं पांच तत्वों के सहयोग से बनी है यह पांच तत्व है पृथ्वी जल वायु अग्नि गगन

भारत के महान ऋषि कणाद के अनुसार– सभी पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों से बने हैं जिसे अणु कहा गया है

पदार्थ रेत की तरह कणों से मिलकर बने होते हैं पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है जैसे-नमक,चीनी, पोटेशियम परमैंगनेट पानी में समान रूप से वितरित होते हैं इसी प्रकार चाय, नींबू पानी बनाते हैं,तो पदार्थ के कण दूसरे पदार्थ के कणों के रिक्त स्थानों में समावेशित हो जाते हैं पदार्थ के कारण एक दूसरे को आकर्षित करते हैं द्रव्य(पदार्थ): ब्रह्मांड की सभी वस्तुएं द्रव्य(पदार्थ) की बनी होती हैं द्

?♻पदार्थों का वर्गीकरण(Classification of substances)♻?

1.ठोस( Solid ) पदार्थ की वह अवस्था जिसका आकार और आयतन दोनों निश्चित हो तो ठोस कहलाता है जैसे– लोहे की छड़ ,लकड़ी की कुर्सी ,बर्फ का टुकड़ा आदि

2. द्रव्य(Liquid)– पदार्थ की वह भौतिक अवस्था जिसका आकार अनिश्चित और आयतन निश्चित हो द्रव कहलाता है जैसे– जल पेट्रोल आदि

3. गैस (Gas)– पदार्थ की वह भौतिक अवस्था जिसका आकार और आयतन दोनों अनिश्चित होम गैस कहलाता हैजैसे– हवा ऑक्सीजन आदि

गैसों का कोई पृष्ठ नहीं होता है इसका विसरण बहुत अधिक होता है और इसे आसानी से संपीड़ित किया जा सकता है ताप और दाब में परिवर्तन करके किसी भी पदार्थ की अवस्था को बदला जा सकता है लेकिन इसके अपवाद भी हैं जैसे– पत्थर जो केवल ठोस अवस्था में ही रहता है

ठोस के कणों में आकर्षण बल सबसे अधिक, गैस के कणों में सबसे कम,द्रव्यों के गुणों में मध्यवर्ती आकर्षण बल होता है। शुष्क बर्फ(dry Ice)-ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को कहा जाता है।

जल तीनों भौतिक अवस्थाओं में रह सकता है

उर्ध्वपातन– कुछ पदार्थ गर्म करने पर सीधे ठोस रूप से गैस बन जाते हैं यह उर्ध्वपातन कहलाता है जैसे– आयोडीन कपूर आदि

पदार्थ की चौथी अवस्था प्लाज्मा और पांचवी अवस्था बोस आइंस्टाइन कंडनसेट है

तत्व (Element)

सन 1661 में वायल ने तत्व शब्द का प्रयोग किया। फ्रांस के लवाइजिए ने सबसे पहले तत्व की परिभाषा दी।

परिभाषा – तत्व पदार्थ का वर्ग मूल रूप है जिसे रासायनिक प्रतिक्रिया द्वारा अन्य सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता है। उदाहरण सोना, चांदी, गंधक, लोहा, कार्बन

  • तत्वों के परमाणु प्रोटॉन न्यूट्रॉन इलेक्ट्रॉन से बनाता है
  • तत्वों को साधारण रूप से धातु अधातु तथा उपधातु में वर्गीकृत किया जा सकता है
  1. हाइड्रोजन- आवर्त सारणी का प्रथम तत्व है,सबसे सरलतम तत्व। ब्रह्मांड में सर्वाधिक पाया जाने वाला तत्व।
  2. नाइट्रोजन- वायुमंडल में मौजूद सर्वाधिक तत्व
  3. ओजोन- वायुमंडल में सर्वाधिक निष्क्रिय गैस।
  4. लिथियम- सबसे हल्की धातु
  5. एलुमिनियम- पृथ्वी में सर्वाधिक पाई जाने वाली धातु
  6. पारा- द्रव धातु (केवल यही है)
  7. सिलिकॉन- ऑक्सीजन के पश्चात सर्वाधिक तत्व।
  8. सोडियम-अत्यंत क्रियाशील केरोसिन के तेल में सुरक्षित
  9. टगस्टन- सर्वाधिक गलनांक वाली धातु

धातु (Metal) –

  • यह चमकीली होती है
  • ताप,विद्युत की सुचालक होती हैं
  • यह तन्य होती है अर्थात तार की भाँति की जा जा सकता है।
  • सोना चांदी तांबा लोहा सोडियम आदि धातु के उदाहरण है।
  • पारा धातु होते हुए भी कमरे के तापमान पर द्रव है।(ध्यान रखें।)

अधातु (Non-metals)

  • यह विभिन्न रंगों की होती हैं
  • ताप,विद्युत की कुचालक होती है
  • चमकीली नहीं होती है
  • उदाहरण हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, आयोडीन क्लोरीन,ब्रोमीन,कार्बन।

उपधातु (Compound metal)

कुछ तत्व धातु अधातु के बीच के गुणों को दर्शाते हैं उसे उपधातु कहतेे हैं। बोरॉन, सिलिकॉन ,जर्मेनियम इसके प्रमुख उदाहरण है

जीव विज्ञान (Biology )

जीव विज्ञान की परिभाषा– यह विज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत जीव धारियों का अध्ययन किया जाता है

Biology-Bio का अर्थ– जीव विज्ञान का अर्थ जीवन(Life) औरLogos का अर्थ है अध्ययनअर्थात जीवन का अध्ययन ही जीव विज्ञान(Biology)कहलाता है

जीव विज्ञान शब्द का प्रयोग– इस शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग लेमार्क (फ्रांस और) ट्रैविरेनस(जर्मनी)नामक वैज्ञानिक ने 1801 में किया था

जीव विज्ञान का एक क्रमबद्ध ज्ञान के रूप में विकास प्रसिद्ध ग्रीक दार्शनिक अरस्तु के काल में हुआ था उन्होंने ही सर्वप्रथम पौधे और जंतुओं के जीवन के विभिन्न पक्षों के विषय में अपने विचार प्रकट किए इसीलिए अरस्तु को जीव विज्ञान का जनक कहते हैं इन्हें जंतु विज्ञान के जनक भी कहते हैं

?♻ जीवधारियों का वर्गीकरण ♻?

अरस्तु द्वारा समस्त जीवों को दो समूहों में विभाजित किया गया

  • प्रथम- जंतु समूह औ
  • द्वित्तीय- वनस्पति समूह

लीनियस ने भी अपनी पुस्तक सिस्टम नेचर में संपूर्ण जीव धारियों को दो जगत में विभाजित किया है

  • प्रथम- पादप जगत
  • दूसरा- जंतु जगत

लीनियस ने वर्गीकरण की जो प्रणाली शुरू की उसी से आधुनिक वर्गीकरण प्रणाली की नींव पड़ी इसीलिए लीनियस आधुनिक वर्गीकरण का पिता कहलाते हैं

?♻जीव धारियों का 5 जगत मे वर्गीकरण♻?

परंपरागत दी जगत वर्गीकरण का स्थान अंततः ह्विटकर द्वारा सन 1969 में प्रस्तावित पांच जगत प्रणाली ने ले लिया इसके अनुसार समस्त जीवों को निम्नलिखित पांच वर्गों में वर्गीकृत किया है–
1-.मोनेरा
2- प्रोटिस्टा
3- पादप
4- कवक और
5- जंतु

1⃣ मोनेरा– इस जगत में सभी प्रोकैरियोटिक जीव अर्थात जीवाणुओं सायनोबैक्टीरिया और आर्की बैक्टीरिया सम्मिलित किए जाते हैं तंतु में जीवाणु भी इसी जगत के भाग हैं

2⃣ प्रोटिस्टा– इस जगत में विभिन्न प्रकार के एककोशिकीय प्राय:जलीय यूकैरियोटिक जीव सम्मिलित किए गए हैं पादप और जंतु के बीच स्थित येग्लीना इसी जगत में है  यह दो प्रकार की जीवन पद्धति प्रदर्शित करती है—
1 सूर्य के प्रकाश में स्वपोषित और
2 प्रकाश के अभाव में इतर पोषित इसके अंतर्गत साधारणतया प्रोटोजोआ आते हैं

3⃣ पादप- इसजगत में प्राय सभी रंगीन बहुकोशिकीय प्रकाश संश्लेषी उत्पादक जीव सम्मिलित है शैवाल, माँस, पुष्पीय और अपुष्पीय बीजी पौधे इसी जगत के अंग है

4⃣ कवक– इस जगत में वै यूकेरियोटिक और पर पोषित जीवधारी सम्मिलित किए जाते हैं जिनमें अवशोषण द्वारा पोषण होता है यह सभी इतरपोषी होते हैं यह परजीवी अथवा मृतोपजीवी होते हैं इस की कोशिका भित्ति काइटिन नामक जटिल शर्करा की बनी होती है

5⃣ जन्तु- इस जगत में सभी बहु कोशिकीय जंतु समभोजी यूकेरियोटिक उपभोक्ता जीव सम्मिलित किए जाते हैं इनको मेटाजोआ भी कहते हैं हाइड्रा जेलीफिश कर्मी सितारा मछली,सरीसृप, उभयचर पक्षी और स्तनधारी जीव जगत के अंग है

वर्गीकरण की आधारभूत इकाई “जाति” है

♻जीवों के नामकरण की द्विनाम पद्धति♻

सन 1753 में केरोलस लीनियस नामक वैज्ञानिक ने जीवो की द्वि नाम पद्धति के अनुसार प्रत्येक जीवधारी का नाम लेटिन भाषा के दो शब्दों से मिलकर बनता है बताया गया है

  1. पहला शब्द– वंश नाम और
  2. दूसरा शब्द– जाति नाम कहलाता है

वंश और जाति नामों के बाद उस वर्गीकिवीद (वैज्ञानिक) का नाम लिखा जाता है जिसने सबसे पहले उस जाति को खोजा था या जिसने उस जाति को सबसे पहले वर्तमान नाम प्रदान किया

जैसे मानव का वैज्ञानिक नाम होमोसेपियंस लीन है– वास्तव में होमो उस वंश का नाम है जिसकी एक जाति सेपियंस है लिन वास्तव में लिनीयस शब्द का संक्षिप्त रूप है इसका अर्थ यह है कि सबसे पहले लीनियस ने इस जाति को होमो सेपियंस नाम से पुकारा है

? कुछ जीवधारियों के वैज्ञानिक नाम ?

1- मनुष्य-Homo sapiens
2- मेंढक-Rana tigrina
3- बिल्ली-Felis domestica
4- कुत्ता-Canis familiaris
5- गाय-Bos indicus
6- मक्खी-Musca domestica
7- आम-Mangifera indica

Important facts of Biology

 

  1. जन्तु विज्ञान का जनक-           अरस्तु
  2. वनस्पति विज्ञान का जनक-     थियोफ्रेस्टस
  3. चिकित्सा विज्ञान का जनक-    हिप्पोक्रेट्स
  4. कोशिश के खोजकर्त्ता-           राबर्ट हुक  ( कोशिका शरीर की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है। )
  5. एपीकल्चर-                          मधुमक्खियों का अध्ययन
  6. सेरीकल्चर-                          रेशम कीट का अध्ययन
  7. पीसीकल्चर-                        मत्स्य पालन
  8. ऐन्थोलाॅजी-                          फूलों का अध्ययन
  9. टाॅक्सिकोलाॅजी-                    विष विज्ञान
  10. पैडोलाॅजी-                           मिट्टी का अध्ययन
  11. जेरोन्टोलाॅजी-                       आयु का अध्ययन
  12. ऐरनिओलाॅजी-                      मकड़ियों कि अध्ययन
  13. होरोकल्चर-                        समय मापक विज्ञान (आरएएस परीक्षा सन् 2000,)

विद्युत चुम्बकीय तरंगे

  1. गामा किरणें ( R- rays) – खोज – बेकुरल द्वारा➡ तीव्र भेदन क्षमता के कारण कृत्रिम रेडियो धर्मिता में इसका उपयोग किया जाता है।
  2. एक्स किरणें ( X-rays) – खोज – डब्ल्यू. के. रोन्टजन द्वारा। ➡ चिकित्सा क्षेत्र में उपयोग किया जाता है।
  3. पराबैंगनी किरणें ( Ultra-violet rays) – खोज- रिटर द्वारा➡ बैक्टीरिया नष्ट करने, सिकाई करने आदि में इसका उपयोग होता है।
  4. दृश्य विकिरण (Visible Radialion) – खोज – न्यूटन द्वारा-  इसके कारण हमें वस्तुए दिखाई देती है।

Science General Principles Question and Quiz

प्रश्न. 1 जीएम फसलें क्या है

उतर- जेनेटिक इंजीनियरिंग के माध्यम से किसी फसल की जिनी संरचना को परिवर्तित करके इच्छित गुणों वाली(सूखा प्रतिरोधी कीट प्रतिरोधी अधिक औसतन) वाली फसल प्राप्त करना जीएम फसलें कहलाता है

प्रश्न. 2 बीटी फसलें क्या है

उतर- अनुवांशिकी अभियांत्रिकी द्वारा फसल के बीज में बेसिलस थ्रू जेनेसिस नामक जीवाणु का क्राई जीन प्रवेश करवाया जाता है जिसके कारण फसल के प्रत्येक भाग में क्रिस्टल एंडो प्रोटीन का निर्माण होता है प्राकृतिक रूप से यह फसलें कीट प्रतिरोधी होती हैं इनको बीटी फसलें कहते हैं

 

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No of Questions – 25

0%

प्रश्न=1-प्रकाश का वेग सर्वाधिक होगा ?

Correct! Wrong!

प्रश्न=2-एक उत्तल दर्पण में सदैव प्रतिबिंब बनेगा ?

Correct! Wrong!

प्रश्न=3-इन्द्रधनुष प्रकाश के किस प्रभाव से दिखाई देता है ?

Correct! Wrong!

प्रश्न=4-विधुत ऊर्जा का व्यवसायिक मात्रक है ?

Correct! Wrong!

प्रश्न=5-पृथ्वी की ओर मुक्त रूप से गिरती हुई वस्तु की कुल ऊर्जा का मान ?

Correct! Wrong!

प्रश्न=6-कार्य का मात्रक है ?

Correct! Wrong!

प्रश्न=7-भारत मे प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति है ?

Correct! Wrong!

प्रश्न=8-कांस्टेंटन मिश्र धातु किन किन से मिलकर बनता है ?

Correct! Wrong!

प्रश्न=9-शक्ति का मात्रक है?

Correct! Wrong!

10. मछली के ह्रदय में होते हे

Correct! Wrong!

11. उत्प्रिवर्तन का सिैदांत किस ने दिया

Correct! Wrong!

12. किट का श्वसन अंग हे

Correct! Wrong!

13.स्टीफन हॉकिंग का सम्बन्ध् हे

Correct! Wrong!

प्रश्न=14- बायोलोजी शब्द किसने दिया?

Correct! Wrong!

प्रश्न=15- पादप विज्ञान के जनक हैं?

Correct! Wrong!

प्रश्न=16- कुछ समुद्री जीवों के रक्त का रंग नीला किस कारण होता है?

Correct! Wrong!

प्रश्न=17- त्वचा का रंग किस वर्णक के कारण होता है?

Correct! Wrong!

प्रश्न=18- मिर्च में तीखापन?

Correct! Wrong!

प्रश्न=19- सबसे छोटी हड्डी?

Correct! Wrong!

प्रश्न=20 मधुमक्खियों का अध्ययन?

Correct! Wrong!

प्रश्न 21 सूप को गर्म करने पर उसके पृष्ट तनाव में क्या परिवर्तन होगा-

Correct! Wrong!

प्रश्न 22 ठोस का वह गुण जिसके कारण वस्तु उस पर लगाये गये बाह्य बल से उत्पन किसी प्रकार के परिवर्तन का विरोध करती है एवं बल हटाने पर पूर्व अवस्था में आने का प्रयास करती है-

Correct! Wrong!

प्रश्न 23 वस्तु की प्रारम्भिक व अन्तिम स्थिति के मध्य स्थित दूरी को कहते है-

Correct! Wrong!

प्रश्न 24 'रॉकेट का उङान भरना' न्यूटन के गति विषयक नियमों में से किसका उदाहरण है-

Correct! Wrong!

प्रश्न 25 विद्युत इस्त्री ऊर्जा रूपान्तरण करती है-

Correct! Wrong!

General Principles of Science Quiz ( विज्ञान के समान्य आधारभूत तत्व )
VERY BAD! You got Few answers correct! need hard work.
BAD! You got Few answers correct! need hard work
GOOD! You well tried but got some wrong! need more preparation
VERY GOOD! You well tried but got some wrong! need preparation
AWESOME! You got the quiz correct! KEEP IT UP

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Specially thanks to Post & Quiz writers ( With Regards ) 

P K Nagauri Nagaur, दिनेश मीना झालरा,टोंक, राजवीर जी चुरू, चंद्रप्रकाश सोनी पाली, प्रकाश कुमावत, प्रियंका गर्ग, P K Nagauri

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