Science and Technology- Electronics 

विज्ञान एवं प्राधोगिकी -इलोक्ट्रॉनिक्स 

इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रकार ( Types of Electronics )

इलेक्ट्रॉनिक आधुनिक युग की ऐसी प्रौद्योगिकी है जिसका वर्तमान में उद्योग, वाणिज्य ,रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा ,परिवहन ,चिकित्सा, संचार ,मनोरंजन आदि मानव गतिविधि के सभी क्षेत्रों में उन्नत प्रयोग हो रहा है

उपयोग के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक्स को अनेक वर्गों में विभाजित किया जाता है—

  1. उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स ( Consumer Electronics )
  2. औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स ( Industrial electronics )
  3. प्रतिरक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स ( Immune electronics )
  4. सूचना प्रसंस्करण ( Information processing Electronics )

इलेक्ट्रॉनिक आधुनिक प्रौद्योगिकी का मूलाधार बन चुका है क्योकि देश के मूलभूत विकास के लिए बुनियादी संरचना प्रक्रिया उद्योग संचार और जनशक्ति विकास आदि प्रत्येक क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक का प्रयोग आवश्यक बन चुका है

इलेक्ट्रॉनिक का उपयोग के आधार पर वर्गीकरण ( Classification based on electronic usage )

1. उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स ( Consumer Electronics )- इस प्रौद्योगिकी का उपयोग चिकित्सा स्वास्थ्य परिवहन प्रणाली के प्रबंधन ऊर्जा प्रबंधन कृषि प्रबंधन आदि में हो रहा है यह इलेक्ट्रॉनिक्स का सबसे पुराना अंग है 1980 के दशक के बाद उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में अनेक प्रकार की नई नई तकनीकों का विकास हुआ है कॉन्पैक्ट डिस्क प्लेयर का विकास हुआ, डिजिटल ऑडियो माइक्रोवेव ओवन और उपग्रह आधारित दूरदर्शन प्रणाली के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त की गई

2. औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स ( Industrial electronics )- उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रक्रिया नियंत्रण उपकरण संख्यात्मक रूप से नियंत्रित यंत्र रोबोट (यांत्रिक मानव )परीक्षण और मापन यंत्र आदि इ के अंग है

3. प्रतिरक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स ( Immune electronics ) – प्रतिरक्षा के क्षेत्र में रडार जैसी महत्वपूर्ण नियुक्तियां प्रमुख भूमिका निभा रही है

4. सूचना प्रसंस्करण इलेक्ट्रॉनिक्स ( Information processing electronics )- फाइबर ऑप्टिक्स सेमीकंडक्टर लेजर डिजिटल तकनीक और शक्तिशाली माइक्रोप्रोसेसर आदि और प्रौद्योगिकी के सहयोग से इलेक्ट्रॉनिक संचार का विकास हुआ है

इलेक्ट्रॉनिक युक्तियों के प्रकार ( Types of Electronic Devices )

इलेक्ट्रॉनिक युक्तियां तीन मुख्य कार्य करती है–

1- प्रवर्द्धन ( Enhancement ) 
2- स्विचिंग  ( Switching )
3- दोलित्र का कार्य ( Work of dioceses )

प्रकाश का विद्युत में परिवर्तन- इलेक्ट्रॉनिक युक्तियों का उपयोग प्रकाश को विद्युत में बदलने के लिए किया जाता है

एक्स किरणों का निर्माण और उपयोग- एक्स किरणों को उत्पन्न करने के लिए विशेष प्रकार के इलेक्ट्रॉन ट्युब बनाए जाते हैं यह किरण मानव शरीर को पार कर सकती है इसका उपयोग चिकित्सा के क्षेत्र में किया जा रहा है

विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक युक्तियां ( Various Electronic Devices )

1. फैक्स ( Fax )- यह एक ऐसी अत्याधुनिक मशीन है जिसकी सहायता से ग्राफचार्ट, हस्तलिखित अथवा मुद्रित दस्तावेजों को टेलीफोन नेटवर्क द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान तक मूल प्रति के फोटो कॉपी के रूप में प्रेषित किया जा सकता है

2. इलेक्ट्रॉनिक मेल ( Electronic mail )- इस तकनीकी की सहायता से एक कंप्यूटर में किसी संदेश को टाइप कर उसे किसी भी ऐसे कंप्यूटर तक प्रेषित किया जा सकता है जो इस कंप्यूटर से इंटरनेट के द्वारा जुड़ा हो

3. फाइबर ग्लास ( Fiberglass )  सूचना प्रौद्योगिकी में यह प्रणाली प्रकाश संचरण की ऐसी प्रणाली है जिसमें उच्च गति पर सूचनाओं को प्रेषित करना संभव हो पाता है

4. वॉयस मेल ( Voice mail ) यह टेलीफोन संचार की एक प्रणाली है जिसमें टेलीफोन की आवाज को रिकॉर्ड किया जा सकता है ताकि उसको पुनः सुना जा सके

इलेक्ट्रॉनिक का विकास ( The development of Electronic )

आधुनिक विज्ञान की प्रमुख शाखाओं में से इलेक्ट्रॉनिक्स एक है।आज किसी भी विकसित तथा विकासशील राष्ट्र के विकास को प्रभावित और प्रदर्शित करने वाला क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स में मुख्यतः आधुनिक प्रौद्योगिकी का मूल आधार इलेक्ट्रॉनिक्स है

इलेक्ट्रॉनिक्स में विद्युत धारा का उपयोग मुख्यतः सूचनाओं के संवहन में किया जाता है सूचनाओं को वहन करने वाली विद्युत धारा को सिंगल या संकेतक कहा जाता है इलेक्ट्रॉनिक परिपथ के सिग्नल को डिजिटल और एनालॉग के रूप में वर्गीकृत किया जाता है इलेक्ट्रॉनिक्स कुछ उच्च स्तरीय विशिष्ट इलेक्ट्रॉनिक यंत्र पर निर्भर करता है ट्रांजिस्टर टेलीविजन इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में ऐसे हजारों यंत्र लगे रहते हैं

इलेक्ट्रॉनिक का विकास — इसका विकास कुछ विद्युतीय प्रयोगों के साथ 19वीं शताब्दी में शुरू हुआ 1895 में जर्मन वैज्ञानिक विल्हेम रंटजेन ने यह खोज की थी कैथोड किरणों से पूर्णतः और अपरिचित प्रकार की किरणे उत्पन्न की जा सकती है

रंटजेन ने यह पाया कि यह कि– यह किरणे जंतु और पादप उत्तक को पार कर सकती है तथा फोटोग्राफी प्लेट पर प्रभाव डालती है उसने इन्हें X किरण कहा सन 1897 में ब्रिटिश भौतिकी वैज्ञानि जोसेफ जे थॉमसन ने यह साबित किया कि कैथोड किरणें परमाणु के आवेशित कणों से बनी होती है इन कणों को इलेक्ट्रॉन कहा जाने लगा

इलेक्ट्रॉनिक उद्योग का आरंभ बिंद-ु- 1904 ब्रिटिश वैज्ञानिक जॉन एंबुस फ्लेमिंग ने पहली निर्वात नली का निर्माण किया जिसे व्यवसायिक रूप से इस्तेमाल किया जा सके 1907में अमेरिकी खोजकर्ता ली.डी.फॉरेस्ट ने ट्रायोड का पेटेंट करवाया ट्रायोड ट्यूब पहला इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्द्धक बना इसका उपयोग लंबी दूरी की टेलीफोन लाइनों में किया गया इलेक्ट्रॉनिक प्रबंधक और दोलित्र के आविष्कार के कारण अमेरिका में रेडियो प्रसारण 1920 से आरंभ हुआ जिसको इलेक्ट्रॉनिक उद्योग का आरंभ बिंदु माना जाता है

माइक्रो तरंग का पहला व्यापक उपयोग– अमेरिकी वैज्ञानिक जी आर कैरे ने 1875 में प्रकाश विद्युत सेल का निर्माण किया था 1921 में अमेरिकी अभियंता अल्बर्ट डब्लू हल ने एक निर्वात नली दोलित्र का आविष्कार किया जिसे मैगनेट्रोन कहा गया माइक्रो तरंगों का पहला व्यापक उपयोग हजारों में 1920 और 1930 के दशक में किया गया

पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर- 1946 में सामान्य उपयोग वाला पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर ENIAC(इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटीग्रेटेड एंड कंप्यूटर) निर्मित हुआ

1940 में अमेरिकी वैज्ञानिक की एक टीम ने पहला अर्धचालक डायोड बनाया इस टीम में जॉन बैरडीन,वाल्टर,ब्रैटेन, और विलियम शाकली शामिल थे 1947 में इसी टीम ने ट्रांजिस्टर का आविष्कार किया

माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स-  1950 के दशक के अंतिम वर्षों में सैनिक और अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए और भी छोटे इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों की मांग बड़ी जिसे माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक कहां गया

विद्युत चालकता के आधार पर पदार्थों का वर्गीकरण ( Classification of substances based on electrical conductivity )  

विज्ञान और तकनीकी के इस युग में हुई प्रगति में इलेक्ट्रॉनिकी का बहुत बड़ा योगदान है संचार ,उपग्रह संचार, मनोरंजन के साधन, कंप्यूटर, नाभिकीय इकाइयों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का प्रयोग होता है पहले निर्वात नलिका आधारित युक्तियों को उपयोग में लिया जाता था अब चालक और अर्धचालक के आधार पर इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बनाया जाता है जो कि आकार में अत्यंत छोटे और कार्य में अति कुशल होते हैं

चालक अर्धचालक और अचानक विद्युत चालकता के आधार पर पदार्थों को तीन भागों में बांटा गया है

1. चालक ( Conductor ) वे पदार्थ जो विद्युत का चालक आसानी से करते हैं चालक कहलाते हैं इस को गर्म करने पर चालकता में कमी आती है इनमें मुक्त इलेक्ट्रॉन अधिक होते हैं  जैसे– धातुऐ(लोहा तांबा चांदी एल्यूमीनियम )

2. अचालक( Non-Conductor )– पदार्थ जो विद्युत का चालन नहीं करते अचालक कहलाते हैं इनकी चालकता शून्य होती है इन में मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं पाए जाते हैं जैसे– लकड़ी प्लास्टिक एस्बेटॉस

3. अर्धचालक ( Semiconductor )— यह ऐसे पदार्थ होते हैं जिनकी चालकता परम शून्य ताप पर शून्य होती है और ताप बढ़ाने पर चालकता बढ़ती जाती है इनमें ताप बढ़ने के साथ-साथ ही मुक्त इलेक्ट्रॉन की संख्या में वृद्धि होती है जिससे चालकता बढ़ जाती है उदाहरण– सिलिकॉन जर्मेनियम गेलियम और आर्सेनाइड आदि

नेज अर्धचालक ( Nege semiconductor )– ऐसे अर्धचालक क्रिस्टल जिनकी संरचना में किसी प्रकार का दोष नहीं होता अतः इनके क्रिस्टल चालक में कोई अशुद्धि नहीं होती नेज अर्धचालक कहलाते हैं लेकिन व्यवहार में ऐसे क्रिस्टल प्राप्त करना संभव नहीं होता इसीलिए ऐसे क्रिस्टल चालक जिनमें अशुद्धि और अर्धचालक पदार्थों का अनुपात 1:10 से कम हो नेज अर्धचालक कहलाते हैं

अपद्रवी अर्धचालक ( Abusive semiconductor )— नेज अर्धचालक की चालकता सीमित होती है अतः इनका उपयोग नहीं लिया जा सकता इस कारण इनमें अल्प अशुद्धि मिला दी जाती है जिससे इनकी चालकता में कई गुना वृद्धि हो जाती है अशुद्धि का मिश्रण करना अपमिश्रण या मादन कहलाता है

अपदृव्यी चालक दो प्रकार के होते हैं

1-N प्रकार के अपद्रव्य अर्धचालक
2-P प्रकार के अर्धचालक

1. N प्रकार के अर्धचालक– सिलिकॉन और जर्मेनियम चतु संयोजी तत्व होते हैं जिनमें पंच संयोजक तत्व की अशुद्धि मिलाई जाती है तो एन प्रकार का अर्ध चालक बनता है जब चतुर्थ संयोजी तत्व के क्रिस्टल चालक में पंच संयोजी तत्व को मिलाया जाता है तो पंच संयोजी तत्व का एक इलेक्ट्रॉन मुक्त रह जाता है जोकि अर्धचालक की चालकता में वृद्धि करता है

2. P प्रकार के अर्धचालक– जब सिलिकॉन और जर्मेनियम के क्रिस्टल चालक में 3 संयोजित तत्वों की अशुद्धि मिलाई जाती है तो पी.प्रकार का अर्धचालक बनता है चतुसंयोजक क्रिस्टल चालक मै त्रीसंयोजी अशुद्धि के कारण तीन बंध तो बन जाते हैं लेकिन चतुर्थ बंध में एक हॉल (इलेक्ट्रॉन के लिए स्थान)रह जाता है यही हाल अर्धचालक की चालकता में वृद्धि करता है

♻ P-N Junction–P-N संधि (डायोड) ♻

जब P और N प्रकार के अर्धचालकों को जोड़ा जाता है तो P-N संधि का निर्माण होता है इस संधि वाले स्थान पर P हॉल में N के इलेक्ट्रॉन आ जाने से P और N अर्धचालकों के संगम स्थल पर अवक्षय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है जब P-N संधि (डायोड ) को बैटरी से जोड़ा जाता है जिसमें Pसिरे की बैटरी के धन सिरे(+)से और N को ऋण सिरे(-)से जोड़ते हैं इसे अग्र वायस की स्थिति कहते हैं इसमें अवक्षय क्षेत्र की मोटाई कम हो जाती है और धारा प्रवाहित होती है लेकिन जब N सिरे को (+) और P सिरे को बैटरी के ऋण सिरे(-)से जोड़ते हैं तक अवक्षय क्षेत्र की मोटाई बढ़ जाती है और धारा प्रवाहित नहीं होती इसे उत्क्रम वायस स्थिति कहते हैं

P-N संधि डायोड के उपयोग ( Use of P-N Treaty Diode )

  1. दिष्टकारी के रूप में– P-N संधि का उपयोग ACधारा को DC धारा में बदलने में किया जाता है
  2. जेनर डायोड– जब P-N संधि पर उत्क्रम वायस में धारा प्रवाहित की जाती है और सिरों पर उच्च विभव लगाया जाता है तो डायोड के भंजन बिंदु पर डायोड में प्रवाहित धारा में काफी वृद्धि होती है परंतु इसके सिरों पर वोल्टता नियत बनी रहती है डायोड के इस गुण के कारण इसका उपयोग वोल्टता स्थायीकरण में किया जाता है
  3. प्रकाश उत्सर्जक डायोड– इन डायोड का उपयोग वांछित रंगवाली लाइट उत्पन्न करने में किया जाता है वर्तमान में लाल हरे पीले नारंगी और नीले रंग के प्रकाश उत्सर्जक LED उपलब्ध है
  4. फोटो डायोड– इन डायोड का उपयोग प्रकाश से प्रकाश विद्युत प्रभाव के द्वारा विद्युत धारा उत्पन्न करने में किया जाता है फोटो डायोड के उपयोग निम्न है—
    1-प्रकाश संसूचक में
    2-प्रकाश चलित स्विच
    3-कंप्यूटर टेप कार्ड पढ़ने में
  5. ट्रांजिस्टर के रूप में– ट्रांजिस्टर 1-3 टर्मिनल वाली अर्धचालक युक्ति है जिसका उपयोग प्रत्यावर्ती संकेतों के प्रवर्धन में किया जाता है अर्थात इसका उपयोग एंपलीफायर बनाने में किया जाता है

लेजर ( LASER )  

LASER (लाइट एप्लिफिकेशन बाई स्टीमुलेटैड एमिशन ऑफ रेडिएशन )का अर्थ— विकिरण उत्सर्जन के द्वारा प्रकाश का प्रवर्द्धन। यह एक ऐसी युक्ति है जिसमें ऊर्जा के उत्सर्जन के द्वारा एक वर्णीय प्रकाश प्राप्त किया जाता है

लेजर एक प्रकाश पुंज है जिसका निर्माण थियोडोर मेमन द्वारा सर्वप्रथम 1960में किया गया था इसके तहत सभी इलेक्ट्रॉनों को एक निश्चित सीमा तक परमाणु की बाह्यतम कक्षा में बाह्यस्त्रोतों से दी गई ऊर्जा द्वारा स्थिर रखा जाता है *इस स्थिति को मेटास्टेबल स्टेट करते हैं

लेजर के प्रकार ( Types of lasers )– 

  • ठोस लेजर– ठोस लेजर में सबसे महत्वपूर्ण रूबी लेजर और Nd-YAG(Neodymium-Yettrium Aluminium Garnate)
  • गैस लेजर– हीलियम नीयॉन लेज़र के रूप में पहले गैस लेजर का निर्माण किया गया था जिसमें 10:1 के अनुपात में हीलियम और नियोन का प्रयोग किया जाता है
  • अर्धचालक लेजर

लेजर के उपयोग ( Use of laser ) —

  1. रसायन विज्ञान में क्षेत्र में– लेजर का उपयोग उपचार उपकरण और रासायनिक अभिक्रियाओं में अभिप्रेरणा उत्प्रेरण के माध्यम से किया जाता है
  2. दूरी मापने में– लेजर की सहायता से लंबाई के मात्रक को का अत्यंत शुद्ध और स्थाई निर्धारण किया जाता है इसके द्वारा लंबी दूरियां अत्यंत शुद्धता के साथ नापी जा सकती है
  3. ओद्योगिक क्षेत्र में– औद्योगिक क्षेत्र में डेटा नेटवर्क उपलब्ध कराने में लेजर की भूमिका अत्यंत सराहनीय है इसका उपयोग वेल्डिंग करने में होता है हीरे को तराशने ,रत्न प्रसंस्करण, सिरेमिक प्लास्टिक कार्डबोर्ड आदि से संबंधित, उद्योगों में भी लेजर का उपयोग होता है
  4. चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में– 1962 में लेजर की सहायता से पहली शल्य क्रिया गई थी पथरी से लेकर कैंसर तक के रोगों के इलाज में इसकी सहायता ली जाती है इसका उपयोग हृदय की धमनियों में रक्त के जमने से उत्पन्न अवरोधों को दूर करने में आंखों से मोतियाबिंद और ऐसे अन्य रोगों को निकालने में आंखों की रेटिना के विलगन और सृजन आदि के उपचार में किया जाता है
  5. होलोग्राफी में– लेजर प्रकाश के उपयोग से एक विशेष प्रकार की त्रिविमीय फोटोग्राफी अर्थात होलोग्राफी संभव हो सकी है सन 1969 में एमेट लीथ और ज्युरिक उपानिक्स ने लेजर तकनीक की सहायता से त्रिआयामी होलोग्राफिक चित्र बनाया था
  6. सूचना संप्रेषण में– लेजर में सूचना संप्रेषण की असीमित क्षमता होती है इस क्षेत्र में यह प्रकाश रेडियो तरंगों और सूक्ष्म तरंगों की अपेक्षा बहुत ही उपयोगी साधन सिद्ध हो रहा है
  7. प्रतिरक्षा क्षेत्र में– एक और मिसाइलों के लक्ष्य की दूरी मापने और उन्हें सफलतापूर्वक बेधने में लेजर किरणों का उपयोग किया जा रहा है
  8. नाभिकीय ऊर्जा के क्षेत्र में-– लेजर आइसोटॉपिक पृथक करण ,प्राकृतिक यूरेनियम के परिशोधन का बहुत ही सस्ता साधन है यूरेनियम थोरियम आदि के भंडारों की खोज में भी लेजर का उपयोग किया जा रहा है
  9. संगीत के क्षेत्र में-– लेजर का उपयोग डिस्को संगीत रिकॉर्डिंग रिकॉर्डिंग गीतों के स्वरों में आवश्यकतानुसार उतार-चढ़ाव में अधिकता से हो रहा है
  10. संचार प्रसंस्करण और आकलन में– 1995 के बाद से ऑप्टिकल फाइबर और सेमीकंडक्टर नेचर प्रौद्योगिकी में व्यापक परिवर्तन हुए हैं कॉन्पैक्ट डिस्क में लेजर प्रकाश का उपयोग सुई के स्थान पर किया जाता है
  11. मौसम संबंधी जानकारी में– मौसम की जानकारी के लिए लीडार नामक एक यंत्र प्रयुक्त किया जाता है जिसमें लेजर बीम का प्रयोग किया जाता है
  12. अंतरिक्ष विज्ञान में क्षेत्र में- इस क्षैत्र मे लेजर का महत्वपूर्ण प्रयोग विभिन्न ग्रह और उपग्रह की दूरी मापने में किया जाता है
  13. समुद्री अध्ययन में– लेजर युक्त केंमरो की मदद से समुद्र की आंतरिक व्यवस्था और गहराई का अध्ययन किया जाता है समुंद्री भूकंप और सुनामी की भविष्यवाणी करने में भी यह तकनीक उपयोगी है
  14. अनप्रिंट– इंजीनियरों ने एक ऐसी लेजर मशीन बनाई है जो छापे हुए पेपर से हटाकर उसे फिर से लिखने या छापने लायक बना देगी

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No of Questions-20

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Q-1.. ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला बायोनिक मानव बनाया और उसका नाम रखा??

Correct! Wrong!

Q-2.. ऑटोमेटिक बैंकिंग मशीन को सबसे पहले प्रायोगिक तौर पर 1961 में किस शहर में ग्राहकों की सेवा में चालू किया था??

Correct! Wrong!

Q-3.. इलेक्ट्रॉनिक उद्योग का आरंभ बिंदु किसे माना गया है??

Correct! Wrong!

Q-4.. सामान्य उपयोग वाला पहला इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटीग्रेटेड एंड कंप्यूटर कब निर्मित किया गया था??

Correct! Wrong!

Q-5.. इलेक्ट्रॉनिक्स में किसका उपयोग मुख्यतः सूचनाओं के सम्मान में किया जाता है??

Correct! Wrong!

Q-6.. 1950 के दशक के अंतिम वर्षों में सैनिक और अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए और भी छोटे इलेक्ट्रॉनिक्स यंत्रों की मांग बड़ी किसे कहा गया??

Correct! Wrong!

Q-7.. इलेक्ट्रॉनिक्स का सबसे पुराना अंग है जिसका उपयोग चिकित्सा स्वास्थ्य परिवहन प्रणाली के प्रबंधन कृषि प्रबंधन आदि में हो रहा है??

Correct! Wrong!

Q-8.. LASER ( लाइट एम्प्लिफिकेशन बाई स्टिमुलेटैड एमिशन ऑफ रेडिएशन) जिसका अर्थ होता है विकिरण उत्सर्जन के द्वारा प्रकाश का प्रबंधन इसका निर्माण 1960मे किसके द्वारा किया गया??

Correct! Wrong!

Q-9.. किस इलेक्ट्रॉनिक युक्ति में सूचना प्रौद्योगिकी में यह प्रणाली प्रकाश संश्लेषण की ऐसी प्रणाली है जिसमें उच्च गति पर सूचनाओं को प्रेषित करना संभव हो पाता है??

Correct! Wrong!

Q-10.. इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का गठन कब किया गया??

Correct! Wrong!

Q-11.. इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों हेतु कौन सी प्रमाणीकरण स्कीम शुरू की गई थी??

Correct! Wrong!

Q-12.. कौन सी संस्था सूचना हस्तांतरण की क्वालिटी और सुरक्षा में संवर्धन करने के लिए आंकड़ा संचार प्रणाली के विकास के लिए कार्य कर रही है??

Correct! Wrong!

Q-13.. इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापार और प्रौद्योगिकी विकास निगम के प्रशासन के अंतर्गत एक सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क की स्थापना कहां की गई है??

Correct! Wrong!

Q-14.. किस संस्था की स्थापना दूरसंचार डाटा प्रोसेसिंग उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा रणनीति कार्यों के लिए एल एस आई/वी एल एस आई सर्किट मॉड्यूल हो और प्रणालियों के डिजाइन विकास और उत्पादन के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए की गई??

Correct! Wrong!

Q-15.. वास्तविक रूप से भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स के उपयोग के महत्व को मान्यता किन वैज्ञानिकों के प्रयासों से मिली है??

Correct! Wrong!

Q-16.. 1920 में LED का प्रयोग किसके द्वारा किया गया था??

Correct! Wrong!

Q-17.. LED का पहला प्रायोगिक विजिबल स्पेक्ट्रम 1962 में किसके द्वारा बनाया गया जिसके कारण इन्हें LED के पितामह के तौर पर जाना जाता है??

Correct! Wrong!

Q-18.. अक्टूबर 1973 में किस का गठन एक परामर्शदात्री संस्था के रूप में इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा किया गया??

Correct! Wrong!

Q-19.. जब कोई ऐसा खतरनाक कार्य करना होता है जिसके आसपास रहने से मनुष्य को खतरा हो सकता है तो काफी दूर से किस रोबोट का उपयोग किया जाता है??

Correct! Wrong!

Q-20.. 1926 में वेस्टिंग हाउस इलेक्ट्रिक कारपोरेशन ने कौन सा प्रथम रोबोट तैयार किया जो कि उपयोगी कार्यो को कर सकता था??

Correct! Wrong!

Q-21.. अप्रैल 1993 में भारत सरकार ने विश्वोमुखी इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र की विशेष आवश्यकताओं की पूर्ती के उद्देश्य से किस योजना का आरंभ किया ??

Correct! Wrong!

Electronics Quiz 01-Science and Technology
VERY BAD! You got Few answers correct! need hard work.
BAD! You got Few answers correct! need hard work
GOOD! You well tried but got some wrong! need more preparation
VERY GOOD! You well tried but got some wrong! need preparation
AWESOME! You got the quiz correct! KEEP IT UP

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Specially thanks to post and quiz writer ( With Regards )

Mamta Sharma Kota, पूनम जी, P K Nagauri

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