State Human Rights Commission

( राज्य मानवाधिकार आयोग )

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भारत में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए 28 सितंबर 1993 से मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 लागू हुआ | मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के तहत देश में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का गठन है 10 अक्टूबर 1993 में न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र की अध्यक्षता में किया गया इस का प्रधान कार्यालय दिल्ली में है|

भारत की संसद द्वारा पारित एक अधिनियम ‘मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम-1993’ के अनुसार राष्‍ट्रीय स्‍तर पर ‘राष्‍ट्रीय मानव अधिकार आयोग’ एवं राज्‍य स्‍तर पर ‘राज्‍य मानव अधिकार आयोग’ को स्‍थापित करने की व्‍यवस्‍था की गई है। मानवाधिकार शब्द मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम की धारा 2 (घ) में परिभाषित किया गया है।

राज्य मानव अधिकार आयोग केवल उन्ही मामलो में मानव अधिकारो के उल्लघन की जांच कर सकता है जो सविधान की राज्य सूची एवं समवर्ती सूची के तहत आते है यदि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग या अन्य कोई विधिक निकाय किसी मामले पर पहले से ही जाँच कर रहा हो तो राज्य मानवाधिकार आयोग हस्तक्षेप नही कर सकता है। वर्तमान में देश के 23 राज्यों में मानवाधिकार आयोग की स्थापना की जा चुकी है।

राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग (Rajasthan state human right commission)

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राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन मानव अधिकार सरंक्षण अधिनियम 1993 की धारा 21(1) के तहत 18 जनवरी 1999 को किया गया। राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने मार्च 2000 में विधिवत रूप से कार्य प्रारंभ किया गया। आयोग का मुख्य कार्यालय सचिवालय, जयपुर में है। आयोग का अध्यक्ष उच्च न्यायालय का सेवानिरवात मुख्य न्यायधीश ही हो सकता है यह एक बहुत सदस्य निकाय है 

आयोग का संगठन

इस आयोग का अध्यक्ष उच्च न्यायालय का सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश ही हो सकता है
इस आयोग में निम्न 2 सदस्य होंगे
1. उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त या कार्यरत एक न्यायाधीश होता हो |
2. सदस्य जो उस राज्य में एक जिला न्यायाधीश है या रहा है (सात साल का अनुभव) जिन्हे मानव अधिकारों से संबंधित मामलो का ज्ञान हो या उसमें व्यावहारिक अनुभव हो।

ध्यान रहे यंहा उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश का उल्लेख है न की मुख्य का।

➤ आयोग का 1 सदस्य वह होगा जो ज़िला न्यायाधीश हो अथवा रह चुका हो ।
➤ आयोग के 2 सदस्य वे होंगे जो मानवाधिकारो के संदर्भ में विशेष जानकारी रखते हो।

Note: वर्ष 2006 में इस अधिनियम में संशोधन कर राज्य मानवाधिकार आयोग की सदस्य संख्या तथा सदस्यों की योग्यता में बदलाव किया गया।

सदस्यों की संख्या में बदलाव:

संगठन 1+4 सदस्य लेकिन राजस्थान मे 2006 मे संशोधन करके1+2 कर दिया गया ।
सदस्यो की योग्यता में बदलाव: अध्यक्ष पूर्व अनुसार ही। एक सदस्य भी पूर्व अनुसार उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश हो अथवा रह चुका हो। एक अन्य सदस्य वह होगा जो ज़िला न्यायाधीश हो अथवा उसे 7 वर्ष का न्यायिक अनुभव हो। या वह व्यक्ति जो मानवाधिकार के विषय में अच्छी जानकारी रखता हो।

सदस्यो की योग्यता में बदलाव:
अध्यक्ष पूर्व अनुसार ही। एक सदस्य भी पूर्व अनुसार उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश हो अथवा रह चुका हो। एक अन्य सदस्य वह होगा जो ज़िला न्यायाधीश हो अथवा उसे 7 वर्ष का न्यायिक अनुभव हो। या वह व्यक्ति जो मानवाधिकार के विषय में अच्छी जानकारी रखता हो।

आयोग में सदस्यों की नियुक्ति

राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 6 सदस्य एक समिति के सिफारिश पर की जाती है राजस्थान में समिति में वर्तमान में केवल 4 सदस्य हैं  समिति की सिफ़ारिशों को मानने के लिए राष्ट्रपति बाध्य है। अध्यक्ष व सदस्यों को शपथ उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश दिलवाता है  (धारा -22) राज्यपाल द्वारा एक कमेटी की अनुशंसा पर की जाएगी, इस समिति में शामिल होते हैं–

  1. मुख्यमंत्री समिति के पदेन अध्यक्ष के रुप में ।
  2. राज्य मंत्रिमंडल सदस्य (गृह मंत्री)।
  3. विधानसभा अध्यक्ष।
  4. विधानसभा में विपक्ष का नेता।
  5. विधान परिषद सभापति।
  6. विधान परिषद में विपक्ष का नेता।

State Human Rights Commission के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल अवश्य करता है लेकिन बर्खास्त करने का अधिकार केवल राष्ट्रपति को है 

नोट – राज्य आयोग के अध्यक्ष या सदस्य की कोई नियुक्ति समिति में किसी रिक्ति के कारण है अविधि मान्य नहीं होगी|

अध्यक्ष व सदस्यों को हटाया जाना

(1) अध्यक्ष एवं राज्य आयोग का कोई सदस्य अपने पद से केवल उसी दशा में राष्ट्रपति के आदेश द्वारा हटाया जाएगा जब वह सिद्ध कदाचार अथवा असमर्थता युक्त हो | इस संबंध में मामला राष्ट्रपति द्वारा जांच हेतु उच्चतम न्यायालय को निर्दिष्ट किया जाएगा उच्चतम न्यायालय द्वारा जांच करने के पश्चात ही रिपोर्ट राष्ट्रपति के पास भेजी जाएगी और जांच रिपोर्ट में अध्यक्ष व सदस्य के विरुद्ध दुर्व्यवहार अथवा असमर्थता पाए जाने पर राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकेगा
(2) उपधारा 1 में किसी बात के होते हुए भी राष्ट्रपति राज्य आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य अपने आदेश द्वारा पद से हटा सकता है | जिन आधारों पर हटाएगा निम्नवत है – –
(1) यदि वह दिवालिया हो गया हो
(2) यदि आयोग में अपने कार्यकाल के दौरान उसने कोई लाभ का सरकारी पद धारण किया है
(3) यदि वह दिमागी या शारीरिक तौर पर अपने दायित्व के निर्वहन के अयोग्य हो गया हो
(4) यदि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ हो तथा सक्षम न्यायालय द्वारा उसी अक्षम घोषित कर दिया गया
(5) यदि किसी अपराध के संबंध में उसे दोषी सिद्ध किया गया है तथा उसे कारावास की सजा दी गई हो

5 वर्ष का कार्यकाल अथवा 70 वर्ष की उम्र जो भी पहले पूरी हो तक पद पर बने रह सकते है। लेकिन यंहा दो बातों पर ध्यान देना आवश्यक है :

  • यदि 70 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं हुई हो तो इस आयु तक पुनर्नियुक्त किए जा सकते है।
  • कार्यकाल पूर्ण होने के बाद राज्य अथवा केंद्र सरकार के अधीन कोइ पद ग्रहण नहीं कर सकते है।

राज्य मानवाधिकार आयोग के कार्य

(1) मानव अधिकार के उल्लंघन की जांच करना अथवा किसी लोक सेवक के समक्ष प्रस्तुत मानवाधिकार उल्लंघन की प्रार्थना जिसकी वह अवहेलना करता हो, की जांच स्व प्रेरणा या न्यायालय के आदेश से करना।
(2) न्यायालय में लंबित किसी मानव अधिकार से संबंधित कार्यवाही में हस्तक्षेप करना
(3) जेलों में जाकर वहां की स्थिति का अध्ययन करना व इस बारे में सिफारिशें करना
(4) मानव अधिकारों की रक्षा हेतु बनाए गए संवैधानिक व विधिक उपबंधों की समीक्षा करना तथा इनके प्रभावी कार्यान्वयन हेतु उपायों की सिफारिशे करना
(5) आंतकवाद सहित उन सभी कारणों की समीक्षा करना जिससे मानव अधिकारों का उल्लंघन होता है तथा इनसे बचाव के उपायों की सिफारिश करना।
(6) मानवाधिकारों से संबंधित है अंतरराष्ट्रीय संधियों व दस्तावेजों का अध्ययन एवं उन को प्रभावशाली तरीके से लागू करने हेतु सिफारिश करना
(7) मानव अधिकारों के क्षेत्र में शोध करना और इसे प्रोत्साहित करना
(8) लोगों के बीच मानवाधिकारों की जानकारी फैलाना व उनकी सुरक्षा के लिए उपलब्ध उपायों के प्रति जागरुक करना
(9) मानव अधिकारों के क्षेत्र में कार्यरत गैर सरकारी संगठनों के प्रयासों की सराहना करना
(10) ऐसे आवश्यक कार्यों को करना, जो कि मानव अधिकारों के प्रचार व प्रोत्साहन के लिए आवश्यक हो।

आयोग की शक्तियाँ

  • समन जारी करने की शक्ति।
  • शपथ पत्र अथवा हलफ़नामे पर लिखित गवाही लेने की शक्ति।
  • गवाही को रिकोर्ड करने की शक्ति।
  • देश की विभिन्न जेलों का निरीक्षण करने की शक्ति।

Note : आयोग उन्ही मामलों में जाँच कर सकता है जिन्हें घटित हुए एक वर्ष से काम समय हुआ हो। एक वर्ष से पूर्व घटनाओं पर आयोग को कोई अधिकार नहीं है। आयोग मानवाधिकार उल्लंघन के दोषी को न तो दंड से सकता है ओर न ही पीड़ित को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता कर सकता है। लेकिन इसका चरित्र न्यायिक है।

राजस्थान मानवाधिकार आयोग द्वारा महत्वपूर्ण पत्रिका जारी की जाती है जिसका नाम है “मानवाधिकार संदेश”

प्रथम अध्यक्ष – कान्ता भटनागर
वर्तमान अध्यक्ष – प्रकाश टाटिया

मानवाधिकारों के अध्यक्षों की सूची 
१.कांता कुमारी भटनागर
२.सैयद सागीर अहमद
३. नरेंद्र कुमार जैन
४.प्रकाश चंद टाटिया

State human right commission ( राज्य मानवाधिकार आयोग ) अन्य महत्वपूर्ण तथ्य —

  • आयोग का कार्य वस्तुतः सिफारिश व सलाहकार का होता है, आयोग 1 साल से पुराने घटित हुए मामलों की जांच नहीं कर सकता ।
  • आयोग सशस्त्र बल द्वारा किए गए मानवाधिकार उल्लंघन की जांच नहीं कर सकता
  • आयोग मानवाधिकार उल्लंघन के दोषी को दंड देने का अधिकार नहीं रखता है और न ही आयोग पीड़ित को किसी प्रकार की सहायता दे सकता है हालांकि आयोग की सिफारिशें उस पर कार्यवाही करें इसकी सूचना आयोग को 1 महीने के भीतर जरूर दी जाती है

राज्य मानवाधिकार आयोग केवल उन्हीं मामलों में मानव अधिकारों के उल्लंघन की जांच कर सकता है जो संविधान की सातवीं अनुसूची में 2 व 3 के अंतर्गत आते हैं लेकिन यदि इस प्रकार के किसी मामले की जांच से पहले से ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग या किसी अन्य विधिक निकाय द्वारा की जा रही हो तब राज्य मानवाधिकार आयोग ऐसे मामलों की जांच नहीं कर सकता है।

State human right commission ( राज्य मानवाधिकार आयोग ) important Question-

1- राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन कब हुआ-
उत्तर- 2000

2- प्रथम अध्यक्ष कौन थे-
उत्तर – जस्टीस कांता भटनाकार

3- अध्यक्ष का कार्यकाल-
उत्तर – 5 वर्ष या 70 वर्ष जो भी पहले हो।

नोट – अध्यक्ष उच्च न्यायालय का सेवानिवर्त मुख्य नयायाधीश होता है।

4- आयोग के सदस्य को हटाने की प्रक्रिया कोनसी है-
उत्तर – सिद्ध कदाचार व अक्षमता

5- आयोग में कुल सदस्यों की संख्या कितनी होती है-
उत्तर – 1अध्यक्ष + 4अन्य सदस्य = 5

प्रश्न 6  मानव अधिकार से संबंधित है चुनौतियां व उनके समाधान के उपाय लिखो
उत्तर -1 मानव अधिकार के द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन सामान्यतः तीन-चार वर्ष की देरी से प्रस्तुत किया जाता है जिससे नीति निर्माण करने में समय लग जाता है और मानव अधिकार के उल्लंघन के मामले में की जानकारी देर से प्राप्त होती है

2 राज्य स्तरीय मानव अधिकार आयोग की स्थिति अच्छी नहीं है जम्मू और कश्मीर को मिलाकर आज 18 राज्यों से ऐसी संस्था है परंतु राज्य सरकार ने इन्हे स्वायत तरीके से कार्य करने के लिए वित्तीय साधन नहीं देती हैं
3.मानव अधिकार ने 2007-08 की वित्तीय वर्ष से 2 करोड रुपए राज्य मानवाधिकार को दिया है प्र जो सराहनीय है लेकिन इसे और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है

4. मानव अधिकार आयोग के मत में पुलिस सबसे बड़ी मानव अधिकार उल्लंघन में शामिल है प्रशासनिक प्रक्रिया है इसके लिए पुलिस में सुधार करने की आवश्यकता है
5.1861 पुलिस एक्ट में संशोधन करते हुए पेट्रोलिग पुलिस जांच पुलिस को अलग किया जाना चाहिए

6. नागरिकों से अधिक संपर्क करने वाले पुलिस बल को सुधारा जाना चाहिए इसमें अधिक पढ़े लिखे सभ्य व्यवहार के आधुनिक तकनीकी के जानकार होंगे तभी पुलिस राज्य की भावना में बदलाव किया जा सकता है

7. नागरिक पुलिस पर अधिक खर्च किया जाना चाहिए जो तुलनात्मक रुप से महिलाओं की सुरक्षा में भूमिका निभाते हैं
8.मानव अधिकार के प्रतिवेदनों से यह उभर कर सामने आया है कि भारत में नागरिक अधिकार सामाजिक सांस्कृतिक मानव अधिकार की स्थितियां लगभग ठीक-ठाक हैं परंतु सामाजिक आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है क्योंकि मानव अधिकार आयोग में सिविल सेवकों का पदस्थापन कम होता है न्यायाधीशों की संख्या अधिक देखने को मिलती है जो लोक नीतियों के संचालन के विशेषज्ञ नहीं होते हैं बल्कि कानूनी संहिताओं के मामले में विशेषज्ञ होते हैं
उपयुक्त परिस्थितियों में जब तक सकारात्मक प्रयास नहीं किए जाएंगे तब तक मानव अधिकार आयोग में सुधार नही किया जा सकता है

प्रश्न 7 मानव अधिकार आयोग के कार्यों का वर्णन करो ?
उतर – मानव अधिकार आयोग के कार्य निम्न है
1 किसी व्यक्ति संगठन सत्ता के अनुरोध पर या स्वत: संज्ञान के आधार पर मानव अधिकार उल्लंघन के मामलों में जांच करना
2 जिलों के जेलो का दौरा करना
3 संविधान में सभी प्रावधानों का अध्ययन करना यदि कोई ऐसे प्रावधान जो मानव अधिकार के लिए हितकर नहीं है उन्हें संशोधित करने के लिए सुझाव देना
4 मानव अधिकार से संबंधित है शिक्षा का प्रचार प्रसार हो लोग मानव अधिकार के स्तर पर अपना कैरियर बनाएं इसके लिए प्रयास करना
5 मानव अधिकार से संबंधित शिक्षण प्रशिक्षण संस्थानों व कार्यों का संचालन और उनका वितियन करना
6 सिविल समाज की भूमिका को मानव अधिकार के क्षेत्र में बढ़ावा देना

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प्रश्न=1- निम्न कथनों पर विचार कीजिए? A राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष व अन्य सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु दोनों में से जो भी पहले हो तक होता है B यदि किसी सदस्य की उम्र 70 वर्ष न हुई हो तो वह 5 वर्ष के अगले कार्यकाल के लिए पुनः नियुक्त किया जा सकता है

Correct! Wrong!

प्रश्न=2- असत्य कथन है? A राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करता है B राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्यों को उनके पद से केवल राष्ट्रपति हटा सकते हैं C राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों के वेतन भत्तों व सेवा शर्तों का निर्धारण केंद्र सरकार करती है

Correct! Wrong!

प्रश्न=3- राज्य मानवाधिकार आयोग कितने वर्ष की अवधि के भीतर के मामलों की सुनवाई कर सकता है?

Correct! Wrong!

प्रश्न=4- अपना वार्षिक प्रतिवेदन किस को प्रेषित करता है?

Correct! Wrong!

प्रश्न5 सर्वप्रथम मानव अधिकारों की घोषणा कब की गई?

Correct! Wrong!

प्रश्न=6- राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के कौन से धारा के अनुसार गठित समिति के द्वारा की जाती है?

Correct! Wrong!

प्रश्न=7- मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है?

Correct! Wrong!

प्रश्न=8- राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष व अन्य सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक समिति की सिफारिश प्राप्त करने के पश्चात होगी जिसमें सदस्य होंगे?A मुख्यमंत्री B विधानसभा का अध्यक्ष व विधानसभा में प्रतिपक्ष का नेता C गृह मंत्रालय का प्रभारी मंत्री D विधान परिषद के विपक्ष का नेता यदि है तो

Correct! Wrong!

प्रश्न 9 निम्नलिखित में से कोन राजस्थान मानव अधिकार आयोग का अध्यक्ष नही था

Correct! Wrong!

प्रश्न 10 राज्य मानव अधिकार आयोग के बारे में क्या सही नही हैनिम्नलिखित कथनो को पढिए और कुट की सहायता से सही उतर का चयन कीजिए 1 आयोग ने मई 2000 से पूर्णतया कार्य करना प्रारम्भ किया 2 आयोग में एक पूर्णकालिक अध्यक्ष ओर दो सदस्य है 3 आयोग के अध्यक्ष उच्च न्यायलय के पूर्व मुख्य न्यायाधिश या पूर्व न्यायाधिश हो सकते है 4 जुलाई 2000 से जुलाई 2005 तक न्यायाधिश ए.एस गोदारा आयोग के अध्यक्ष थे कूट:

Correct! Wrong!

प्रश्न 11 निम्नलिखित में से मानव अधिकार आयोग का कार्य नहीं है

Correct! Wrong!

प्रश्न 12 राजस्थान में राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन कब किया गया

Correct! Wrong!

13. राज्य मानवाधिकार आयोग उन्हीं मामलों में मानव अधिकारों के उल्लंघन की जांच कर सकता है जो संविधान की.

Correct! Wrong!

14. राज्य मानवाधिकार आयोग में कितने सदस्य होते हैं ?

Correct! Wrong!

15. राज्य मानवाधिकार आयोग अपना वार्षिक प्रतिवेदन किस को प्रेषित करता है

Correct! Wrong!

16. राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष व अन्य सदस्यों की नियुक्ति कौन करता है ?

Correct! Wrong!

17. राज्य मानवाधिकार आयोग के संदर्भ में निम्न में से गलत है

Correct! Wrong!

18. राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की पदच्युति का अधिकार किसे है ?

Correct! Wrong!

Q. 19. राष्ट्रीय व राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन क्रमश: हुआ :-

Correct! Wrong!

Q20 :- 2006 में संशोधन के पश्चात वर्तमान में राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य एवं अध्यक्ष का संगठन है :-

Correct! Wrong!

Q 21:- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :-A. इसका अध्यक्ष अनिवार्य रूप से उच्चतम न्यायालय का सेवारत मुख्य न्यायाधीश होना चाहिए B. इसमें एक सदस्य के रूप में उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश भी होता है C. इसकी शक्तियां दंडनायक और सिफारिश दोनों प्रकृति की है D. आयोग के सदस्य के रूप में एक महिला को नियुक्त करना आज्ञापरक है कूट:-

Correct! Wrong!

Q 22:- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग किस प्रकार की संस्था है? A. संवैधानिक निकाय B. सांविधिक निकाय C. स्वायत्तशासी निकाय D. गैर सांविधिक निकाय कूट:-

Correct! Wrong!

23. निम्न में से कौन मे से कौन कार्यवाहक मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष रहे है?

Correct! Wrong!

24. सदस्यों की पदावधि अधिकतम उम्र है-

Correct! Wrong!

प्रश्न=25- निम्न में से किस राज्य में मानव अधिकार आयोग कार्यरत है? मणिपुर मेघालय तेलंगाना मिजोरम सिक्किम असम

Correct! Wrong!

प्रश्न=26- निम्न कथन पर विचार कीजिए? 1 आयोग केवल उन्हें मामलों की जांच कर सकता है जो सविधान की सूची दो-तीन में सचिवध है 2 आयोग उन मामलों की जांच नहीं कर सकता जिनकी जांच पहले से राष्ट्रपति कर रहा है इनमें से कौन सा कथन सत्य नहीं है

Correct! Wrong!

प्रश्न=27- निम्न कथन पर विचार कीजिए? 1 आयोग को एक दीवानी कोर्ट के समान शक्ति प्राप्त है 2 आयोग केवल उन्हीं मामलों की सुनवाई कर सकता है जिनको घटित हुए एक वर्ष या इससे अधिक समय हो गया हो सही कूट है

Correct! Wrong!

प्रश्न=28- राजे मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य राज्यपाल के प्रसाद पर्यंत पद पर बने रहते हैं?

Correct! Wrong!

Manav adhikar ayog in Hindi ( राज्य मानवाधिकार आयोग ) Quiz
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ओम प्रकाश सहारण बाड़मेर, तोगेश कुमार डूडी बाड़मेर, अशोक कुमार, राकेश गोयल, राजवीर प्रजापत चूरू, विजय महला जी, विजय कुमार महला झुन्झुनू, पवन जी परोहित नागोर, प्रभुजी स्वामी चूरु, प्रियंका गर्ग, ओमप्रकाश बिश्नोई साहू, BHAGIRATH HIND

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