Subsidy ( राजसहायता )

सब्सिडी से तात्पर्य ( subsidy meaning ) – सब्सिडी एक प्रकार की वित्तीय मदद है,जो कि सरकार द्वारा किसानों, उद्योगों, उपभोक्ताओं (मुख्यतः गरीबों) को उपलब्ध करायी जाती है। जिसके कारण वांछित लोगों के लिए जरूरी चीजों के दाम नीचे आ जाते हैं।

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किसी आर्थिक क्षेत्र, संस्था, व्यवसाय, या व्यक्ति को वित्तीय समर्थन देना है। यह आम तौर पर आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों को लाभ पहुँचाने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से दी जाती है।

यदि किसी वस्तु लागत सीमा से कम पर उपलब्ध करवाते हैं तो अतिरिक्त वित्तीय बोझ को सरकार खुद वहन करती है   उदाहरण के लिए सरकारी शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी, फ़र्टिलाइज़र, इलेक्ट्रिसिटी, किसानों को दिए जाने वाले ॠण, एलपीजी पर सब्सिडी बजट, यह सब्सिडी जिसका बजट में प्रावधान होता है इसे दृश्य सब्सिडी भी कहते हैं

नान बजटीय सब्सिडी जिसका बजट में प्रावधान नहीं होता है अर्थात सब्सिडी के नाम से जाना जाता है

प्रत्यक्ष अनुदान केश उपभोक्ता के खाते में डालते हैं अप्रत्यक्ष अनुदान जिसमें रियायत दरों पर उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाई जाती है
वर्तमान में सरकार अप्रत्यक्ष अनुदान को प्रत्यक्ष अनुदान में परिवर्तित कर रही है प्रत्यक्ष लाभ स्थानांतरण डीबीटी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण 01 जनवरी 2013 को भारत सरकार द्वारा शुरू की गरीबी विरोधी कार्यक्रम है इस कार्यक्रम के गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को सीधे सब्सिडी हस्तांतरण करना है

सब्सिडी के प्रकार ( Types of Subsidy )

1⃣ Food Subsidy ( खाद्य सब्सिडी )

Food Subsidy में सरकार गरीबों के लिए सस्ते दामों पर खाद्यान्न (चावल, गेहूं, चीनी) इत्यादि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से उपलब्ध कराती है।

2⃣ Farmer Subsidy ( किसान सब्सिडी )

Farmer Subsidy में उर्वरक सब्सिडी, कैश सब्सिडी, ब्याज माफ़ी, वाहन और अन्य उपकरण खरीदने के लिए सब्सिडी आदि शामिल किये जाते हैं।

3⃣ Petroleum Subsidy ( पेट्रोलियम सब्सिडी )

तेल ईंधन सब्सिडी में गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीने वाले लोगों को सरकार सस्ते दामों पर मिट्टी का तेल उपलब्ध कराती है। इसके अलावा रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल के दामों में भी सब्सिडी सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जाती है।

4⃣ Tax Subsidy ( कर सब्सिडी )

टैक्स सब्सिडी मुख्य रूप से बड़े-बड़े उद्योग घरानों को प्रदान की जाती है। ताकि ये लोग अधिक लागत की हालत में उत्पादन करना बंद ना करें और देश में बेरोजगारी न फैले। कई बार सरकार आयात और निर्यात पर लगने वाले कर में सब्सिडी भी उद्योग घरानों को उपलब्ध कराती है।

5⃣ Religious Subsidy ( धार्मिक सब्सिडी )

यह सब्सिडी मुस्लिम समुदाय के लोगों को हज यात्रा करने के लिए और हिन्दुओं को अमरनाथ यात्रा करने के लिए सरकार द्वारा दी जाती है।अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने हिन्दू लोगों को अमरनाथ यात्रा करने के लिए 1 लाख रुपये तक की आर्थिक सब्सिडी देने की घोषणा की है।

6⃣ Interest Subsidy ( ब्याज सब्सिडी )

ब्याज सब्सिडी के अंतर्गत शिक्षा ऋण पर लगने वाले ब्याज का भुगतान सरकार करती है। साथ ही किसानों और उद्योगपतियों का ब्याज भी सरकार द्वारा माफ़ किया जाता है।

सब्सिडी के उद्देश्य ( Purpose of subsidy )

सब्सिडी का मुख्य उद्देश्य लागत और मूल्य के बीच के अंतर को कम करना होता है। जिसके माध्यम से जरुरतमंदों को लागत से भी कम दामों पर वस्तुएं उपलब्ध करायी जातीं हैं।

सब्सिडी के कुछ अन्य उद्देश्य

  • 1⃣ देश में उच्च खपत / उत्पादन को प्रेरित करना
  • 2⃣कमजोर वर्ग के लोगों के हितों की रक्षा करना
  • 3⃣सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण या DBT ( Direct Benefit Transfer )

  • प्रत्यक्ष लाभ अंतरण या डीबीटी भारत सरकार का एक नया तंत्र है जिसके माध्यम से लोगों बैंक खातों में सीधे सब्सिडी हस्तांतरण की जाती है।
  • बैंक खातों में सब्सिडी जमा करने से लीकेज, देरी आदि कमियां खत्म हो जाएँगी।
  • प्रत्‍यक्ष लाभ अंतरण योजना (डीबीटी) का उल्‍लेख पहली बार तत्‍कालीन वित्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वर्ष 2011-12 में अपने केन्‍द्रीय बजट भाषण में किया था।
  • उस समय उन्‍होंने कहा था कि सरकार केरोसीन, एलपीजी और उर्वरकों के लिए नकद सब्सिडी का सीधे भुगतान करना चाहती है।
  • इन वस्‍तुओं के लिए सीधे नकद भुगतान करने के तौर-तरीकों पर विचार करने के लिए नंदन-नीलेकणी की अध्‍यक्षता में एक कार्यदल बनाया गया, जिसने फरवरी 2012 में अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
  • प्रत्यक्ष लाभ अंतरण या डीबीटी भारत सरकार का एक नया तंत्र है जिसके माध्यम से लोगों बैंक खातों में सीधे सब्सिडी हस्तांतरण की जाती है।

2017-18 के बजट में सब्सिडी ( 2017-18 budget subsidy )

  • वित्त वर्ष 2016-17 के लिए कुल सब्सिडी बिल 2,32,704.68 करोड़ रुपये था जो कि 2017-18 में 2,40,338.6 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
  • 2017 के बजट प्रस्तावों के मुताबिक, 2017-18 वित्त वर्ष के लिए सब्सिडी का मुख्य खर्च भोजन, पेट्रोलियम और उर्वरक पर होगा।
  • सरकार ने अगले वित्त वर्ष में खाद्यान्न सब्सिडी के लिए 1, 45,338.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है,जो कि वर्तमान वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान में 1,35,172.96 करोड़ रुपये है।
  • खाद्य सब्सिडी बिल अगले वित्त वर्ष में अधिक होने की संभावना है क्योंकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, जिसके तहत सरकार 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को ज्यादा सब्सिडी वाले खाद्यान्न प्रदान करती है, इसे पूरे देश में नवंबर 2016 से शुरू किया गया है।
  • 2017-18 वित्त वर्ष के लिए उर्वरक सब्सिडी को 70,000 करोड़ रुपये पर अपरिवर्तित रखा गया है। जो कि 2015 में 72,437.58 करोड़ रुपये थी।
  • वित्त वर्ष 2017-18 में पेट्रोलियम सब्सिडी को पिछले वर्ष के 27,531.71 करोड़ रुपये से घटाकर इस वित्त वर्ष के लिए घटाकर 25,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस 25,000 करोड़ रुपये में एलपीजी सब्सिडी के लिए 16,076.13 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं और बाकी केरोसिन के लिए है।
  • स्पष्ट है कि वित्त वर्ष 2017-18 में सब्सिडी का कुल बजट 2,40,338.6 करोड़ रुपये पहुँच गया है। उम्मीद की जाती है कि अगले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा और भी ज्यादा हो जायेगा।

कुछ अर्थशास्त्री सब्सिडी के इस बढ़ते बोझ को अर्थव्यवस्था के लिए अतिरिक्त बोझ मान रहे हैं जो कि ठीक नही है क्योंकि यह अतिरिक्त खर्च देश में सभी वर्गों के कल्याण पर खर्च हो रहा और इससे सबसे ज्यादा फायदा किसानों और समाज के गरीब लोगों को हो रहा है।

सौर ऊर्जा (सोलर पावर) पम्प परियोजना 2017-18 ( subsidy on solar panel )

राजस्थान राज्य में 5000 सौर ऊर्जा पंप संयंत्र स्थापित करवाये जाने प्रस्तावित है|” सौर ऊर्जा (सोलर पावर) पम्प परियोजना 2017-18 में 3 एचपी व् 5 एचपी के सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र पर ही अनुदान देय होगा| जो किसान पात्रता से अधिक एचपी का सयंत्र स्वेच्छानुसार स्थापित करवाने पर अतिरिक्त किसान हिस्सा राशि जो किसान द्वारा स्वंम वहन की जावेगी|

प्रधानमंत्री फसल बिमा ( Prime Minister crop insurance )

किसानों की फसल के संबंध में अनिश्चितताओं को दूर करने के लिये नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट ने 13 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसानों की फसल को प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुयी हानि को किसानों के प्रीमियम का भुगतान देकर एक सीमा तक कम करायेगी।

इस योजना के लिये 8,800 करोड़ रुपयों को खर्च किया जायेगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत, किसानों को बीमा कम्पनियों द्वारा निश्चित, खरीफ की फसल के लिये 2% प्रीमियम और रबी की फसल के लिये 1.5% प्रीमियम का भुगतान करेगा।

इसमें प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब हुई फसल के खिलाफ किसानों द्वारा भुगतान की जाने वाली बीमा की किस्तों को बहुत नीचा रखा गया है, जिनका प्रत्येक स्तर का किसान आसानी से भुगतान कर सके। ये योजना न केवल खरीफ और रबी की फसलों को बल्कि वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए भी सुरक्षा प्रदान करती है, वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिये किसानों को 5% प्रीमियम (किस्त) का भुगतान करना होगा।

किसानों को अचानक आये जोखिम या ख़राब मौसम से फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए खरीफ 2016 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की मुख्य विशेषताएं निम्न है :-

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ मौसम में 2% व रबी मौसम में 1.5% तथा वाणिज्यिक व उद्यानिक फसलों हेतु 5% कृषक प्रीमियम राशि राखी गई है
  • फसल बीमा योजना ऋणी कृषकों के लिए अनिवार्य तथा गैर ऋणी कृषकों के लिए स्वेच्छिक है।
  • गैर ऋणी कृषक इ-मित्र के माध्यम से अधिसूचित फसलों का बीमा करवा सकते है।
  • बीमित किसान यदि प्राकृतिक आपदा के कारण बुवाई नहीं कर पता है तो यह जोखिम में शामिल है, उसे दवा राशि मिल सकेगी।
  • ओलावृष्टि, जल भराव, भू-स्लखन जैसी प्राकृतिक आपदाओं को स्थानीय आपदा माना गया है, निर्धारित कमिटी द्वारा सर्वे कर दवा राशि प्रदान की जायेगी।
  • फसल कटने के 14 दिन तक यदि फसल खेत में है, और इस दौरान कोई आपदा जैसे चक्रवात, एवं बेमौसम वर्षा से नुकसान होता है तो किसानों को दावा राशि मिल सकेगी।
  • फसल कटाई प्रयोंगों के आधार पर प्राप्त औसत उपज, गारण्टी उपज से कम रहने पर बिमा क्लेम देय है।

Important Points 

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की भुगतान की जाने वाली प्रीमियम (किस्तों) दरों को किसानों की सुविधा के लिये बहुत कम रखा गया है ताकि सभी स्तर के किसान आसानी से फसल बीमा का लाभ ले सकें।
  • इसके अन्तर्गत सभी प्रकार की फसलों (रबी, खरीफ, वाणिज्यिक और बागवानी की फसलें) को शामिल किया गया है। खरीफ (धान या चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, गन्ना आदि) की फसलों के लिये 2% प्रीमियम का भुगतान किया जायेगा। रबी (गेंहूँ, जौ, चना, मसूर, सरसों आदि) की फसल के लिये 1.5% प्रीमियम का भुगतान किया जायेगा। वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलों बीमा के लिये 5% प्रीमियम का भुगतान किया जायेगा।
  • सरकारी सब्सिडी पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है। यदि बचा हुआ प्रीमियम 90% होता है तो ये सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। शेष प्रीमियम बीमा कम्पनियों को सरकार द्वारा दिया जायेगा। ये राज्य तथा केन्द्रीय सरकार में बराबर-बराबर बाँटा जायेगा।
  • ये योजना राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एन.ए.आई.एस.) और संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एम.एन.ए.आई.एस.) का स्थान लेती है।
  • इसकी प्रीमियम दर एन.ए.आई.एस. और एम.एन.ए.आई.एस. दोनों योजनाओं से बहुत कम है साथ ही इन दोनों योजनाओं की तुलना में पूरी बीमा राशि को कवर करती है।
  • इससे पहले की योजनाओं में प्रीमियम दर को ढकने का प्रावधान था जिसके परिणामस्वरुप किसानों के लिये भुगतान के कम दावे पेश किये जाते थे। ये कैपिंग सरकारी सब्सिडी प्रीमियम के खर्च को सीमित करने के लिये थी, जिसे अब हटा दिया गया है और किसान को बिना किसी कमी के दावा की गयी राशी के खिलाफ पूरा दावा मिल जायेगा।
  • प्रधानमंत्री फसल योजना के अन्तर्गत तकनीकी का अनिवार्य प्रयोग किया जायेगा, जिससे किसान सिर्फ मोबाईल के माध्यम से अपनी फसल के नुकसान के बारें में तुरंत आंकलन कर सकता है।
  • प्रधानमंत्री फसल योजना के अन्तर्गत आने वाले 3 सालों के अन्तर्गत सरकार द्वारा 8,800 करोड़ खर्च करने के साथ ही 50% किसानों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • मनुष्य द्वारा निर्मित आपदाओं जैसे; आग लगना, चोरी होना, सेंध लगना आदि को इस योजना के अन्तर्गत शामिल नहीं किया जाता है।
  • प्रीमियम की दरों में एकरुपता लाने के लिये, भारत में सभी जिलों को समूहों में दीर्घकालीन आधार पर बांट दिया जायेगा।
  • ये नयी फसल बीमा योजना ‘एक राष्ट्र एक योजना’ विषय पर आधारित है। ये पुरानी योजनाओं की सभी अच्छाईयों को धारण करते हुये उन योजनाओं की कमियों और बुराईयों को दूर करता है।

पहल-DBTL योजना:-

  • 15 नवंबर, 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की नई सरकार ने डीबीटी योजना को संशोधित कर पहल- डीबीटी के नाम से प्रारंभ किया है|
  • प्रारंभ में यह योजना देश के 9 राज्यों (आंध्र प्रदेश, गोवा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक,केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, एवं तेलंगाना) तथा 2 केंद्र शासित प्रदेशों (दमन व दीव एवं पुडुचेरी) के 54 जिलों में 15.11.2014 से प्रारंभ की गई है|
  • 1 जनवरी, 2015 से समस्त देश में (शेष 622 जिलों में भी अथार्थ कुल 676 जिलों में) लागू कर दी गई है|
  • पहल योजना में गैस उपभोक्ता को अपने गैस कनेक्शन के साथ बैंक खाता जुड़वाना होता है इसके बाद उसके बैंक खाते में एक बार की सब्सिडी स्थाई रूप से जमा करा दी जाती है|
  • इसे गैस सिलेंडर गैस एजेंसी से बाजार मूल्य पर उपलब्ध कराया जाता है एवं उसके बाद उसके पंजीकृत बैंक खाते में सब्सिडी की राशि हस्तांतरित कर दी जाती है|
  • उपभोक्ताओं को प्रारंभ में इस योजना में भागीदार बनाने हेतु 3 माह का समय (14-2-2015 तक का) दिया गया था|
  • इस अवधि में जुड़ने वाले को तुरंत गैस सब्सिडी की रकम बैंक खाते में ट्रांसफर करने की सुविधा प्रदान की गई|
  • इस अवधि के बाद अगले 3 माह (15.2.15 से 14.5.15 तक) पहल योजना से जुड़ने वालों को बाजार मूल्य पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते हैं तथा सब्सिडी की राशि 14.5.15 के बाद बैंक खाते में जमा की गई|
  • 14.5.15 के बाद पहल योजना से जुड़ने वाले उपभोक्ताओं को पहले बाजार मूल्य पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे तथा उसके बाद उनके खाते में सब्सिडी दी जाएगी|

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No of Questions-26

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1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: 1- आय कर, निगम कर तथा एस्टेट ड्यूटी केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले प्रत्यक्ष कर हैं। 2- सेवा कर तथा सीमा शुल्क केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले प्रमुख अप्रत्यक्ष कर हैं। 3- भू-राजस्व तथा व्यवसाय कर राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाले प्रमुख प्रत्यक्ष कर हैं। 4- बिक्री कर तथा स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाले प्रमुख अप्रत्यक्ष कर हैं। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Correct! Wrong!

2.निम्नलिखित कथनों पर विचार करें- 1- उत्पादन श्रृंखला के प्रत्येक सोपान पर उत्पाद के कुल मूल्य के आधार पर कर राशि के आकलन की विधि को टर्न-ओवर कराधान विधि और इस विधि से आकलित कर राशि को टर्न ओवर टैक्स कहते हैं। 2- उत्पादन श्रृंखला के प्रत्येक सोपान पर वस्तु के कुल मूल्य की बजाय संवर्द्धित मूल्य के आधार पर कर राशि के आकलन की विधि को मूल्य संवर्द्धित कराधान विधि और इस विधि से आकलित कर राशि को मूल्यवर्द्धित कर कहते हैं। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Correct! Wrong!

3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये- 1- यदि कर लगाने का अर्थात् करारोपण का प्राथमिक उद्देश्य कर राजस्व में वृद्धि करना हो तो ऐसे कर को राजस्व कर (Revenue Tax) कहते हैं। 2- यदि करारोपण का प्राथमिक उद्देश्य अस्वस्थ बाज़ार प्रतिस्पर्द्धा से किसी आर्थिक वर्ग के हितों का संरक्षण करना हो तो इसे संरक्षा कर (Protective Tax) कहते हैं। 3- राशिपातन रोधी शुल्क (Anti Dumping Duty) व बेनकाब शुल्क (Conter-Vailing Duty) राजस्व कर के उदाहरण हैं। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Correct! Wrong!

4. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें- 1- केंद्र द्वारा अधिरोपित ‘विभाज्य करों’ को ‘संघीय कर’ कहते हैं, जबकि केंद्र द्वारा अधिरोपित ‘गैर-विभाज्य कर ‘केंद्रीय कर’ कहलाते हैं। 2- यदि किसी वस्तु या सेवा पर लगाए गए कर का आकलन उसकी लंबाई या भार या आयतन के आधार पर किया जाए, तो इसे विशिष्ट कर कहते हैं। 3- यदि किसी वस्तु या सेवा पर लगाए गए कर का आकलन उसके मौद्रिक मूल्य के आधार पर किया जाए तो यह मूल्यानुसार कर कहलाएगा। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Correct! Wrong!

प्रश्न=5.भारत में अप्रैल,2005 में प्रारम्भ किया गया'मूल्य संवर्धित कर(VAT)'निम्नलिखित में से कौनसा कर है-?

Correct! Wrong!

प्रश्न= 6.भारत के तृतीयक क्षेत्र में शामिल है-? 1.व्यापार व परिवहन सेवाएँ 2.वित्त और रियल स्टेट सेवाएँ 3.वानिकी और मत्स्यकी 4.सूती वस्त्र उद्योग नीचे दिए गए कूट के आधार पर सही विकल्प चुनें--

Correct! Wrong!

प्रश्न= 7.राजस्व घाटा ज्ञात किया जाता है-?

Correct! Wrong!

प्रश्न=8.भारत में मौद्रिक नीति का संचालन करता है-?

Correct! Wrong!

प्रश्न= 9.वांचू समिति की मुख्य सिफारिश थी-?

Correct! Wrong!

प्रश्न= 10.केंद्र व राज्यों में करों के निर्धारण(बंटवारे)का कार्य करता है-?

Correct! Wrong!

प्रश्न=11.भारत में अप्रत्यक्ष करों हेतु वर्ष 2002 में गठित कार्यदल के अध्यक्ष कौन थे-?

Correct! Wrong!

प्रश्न=12.LPG गैस सब्सिडी की "पहल योजना"कब प्रारम्भ हुई-?

Correct! Wrong!

प्रश्न=13.प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना का प्रारम्भ सर्वप्रथम कहाँ किया गया-?

Correct! Wrong!

प्रश्न=14.प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना का स्लोगन है-?

Correct! Wrong!

प्रश्न 15.प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना का उद्देश्य है-?

Correct! Wrong!

प्रश्न 16.सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन मुख्यतः किन-किन वस्तओं का वितरण किया जाता है-?

Correct! Wrong!

प्रश्न 17.अंत्योदय अन्न योजना का प्रारम्भ हुआ था-?

Correct! Wrong!

प्रश्न 18.प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना प्रारम्भ की गई-?

Correct! Wrong!

प्रश्न 19.सार्वजनिक वितरण प्रणाली के मुख्य उद्देश्य है-?

Correct! Wrong!

20 केंद्रीय सांख्यिकी संगठन का गठन कब हुआ था।

Correct! Wrong!

Q21_. केंद्रीय सांख्यिकी संगठन का मुख्यालय कहाँ है।

Correct! Wrong!

Q22_राष्ट्रीय आय समिति का अध्यक्ष किसे बनाया गया।

Correct! Wrong!

Q23_.राष्ट्रीय आय के संदर्भ में हिंदू विकास दर की अवधारणा किसने प्रस्तुत की थी।

Correct! Wrong!

24.नवीन आर्थिक नीति घोषित हुई थी।

Correct! Wrong!

25.नई आर्थिक नीति के प्रमुख अंग हैं।

Correct! Wrong!

26.निम्नलिखित मे से कोन सा व्यवसायिक वातावरण लक्षण नही है

Correct! Wrong!

Subsidy and Public Distribution System Quiz ( राजकोषीय व मौद्रिक नीतियाँ )
बहुत खराब ! आपके कुछ जवाब सही हैं! कड़ी मेहनत की ज़रूरत है
खराब ! आप कुछ जवाब सही हैं! कड़ी मेहनत की ज़रूरत है
अच्छा ! आपने अच्छी कोशिश की लेकिन कुछ गलत हो गया ! अधिक तैयारी की जरूरत है
बहुत अच्छा ! आपने अच्छी कोशिश की लेकिन कुछ गलत हो गया! तैयारी की जरूरत है
शानदार ! आपका प्रश्नोत्तरी सही है! ऐसे ही आगे भी करते रहे

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Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

दिनेश मीना झालरा टोंक, मंगेज कुमार जी चूरू, ज्योति प्रजापति,निर्मला कुमारी, P K Nagauri, कुम्भा राम बाड़मेर