Kriya ( क्रिया )

Kriya ( क्रिया ) क्रिया का अर्थ है करना क्रिया के बिना कोई वाक्य पूर्ण नहीं होता किसी वाक्य में कर्ता कर्म तथा काल की जानकारी भी क्रियापद के माध्यम से ही होती है तथा संस्कृत में क्रिया रूप को […]

Sarvanaam ( सर्वनाम )

Sarvanaam ( सर्वनाम ) सर्वनाम शब्द का अर्थ है -सबका नाम। वाक्य में संज्ञा की पुनरुक्ति को दूर करने के लिए संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किये जाने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। जैसे -सीता विद्यालय जाती है। वह […]

Sangya ( संज्ञा )

Sangya ( संज्ञा ) किसी प्राणी,वस्तु,स्थान,भाव,अवस्था,गुण या दशा के नाम को संज्ञा कहते हैं। साधारण शब्दों में नाम को ही संज्ञा कहते हैं  जैसे ”राम ने आगरा में सुंदर ताजमहल देखा” इस वाक्य में राम एक व्यक्ति का नाम है […]