दूरसंचार विभाग-Telecommunications Department 

लंबी दूरियों के संचार हेतु मनुष्य ने अनेक विधियों का प्रयोग किया जिनमें से टेलीग्राफ और टेलीफोन महत्वपूर्ण है टेलीग्राम पश्चिम में अमेरिका के उपनिवेशवाद का साधन बना टेलीफोन अमेरिका के नगरीकरण का एक क्रांतिक कारक बना आज भी टेलीफोन सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली विधा हे विकासशील देशों में उपग्रहों द्वारा संभव बनाया गया सेल फोन का प्रयोग ग्रामीण संपर्क के लिए महत्वपूर्ण माना गया है

जर्मनी के वैज्ञानिक हेनरिक रूडाँल्फ हर्ट्ज– ने सबसे पहले इंजीनियरिंग उपकरणों से रेडियो तरंगों को भेजकर और प्राप्त कर विद्युत चुंबकीय तरंगों की खोज की इस वैज्ञानिक के नाम पर ही रेडियो आवृत्ति की इकाई को हर्ट्ज नाम दिया गया

भारत में दूरसंचार की महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates of Telecommunications in India )

  • पहली टेलीग्राफ लाइन– 1851 में कोलकाता और डायमंड हार्बर के बीच
  • पहली अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन लाइन-1870 मैं लंदन से मुंबई
  • पहली अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज सेवा- 1881 में कोलकाता
  • पहला टेलीफोन केंद्र-1981 में कोलकाता
  • पहली टेलीफोन सेवा-1891 कोलकाता
  • पहली ऑटोमेटिक टेलीफोन एक्सचेंज-शिमला 1913 में
  • टेलीफोन केंद्रों की संख्या- लगभग 37315 सभी इलेक्ट्रॉनिक

बिल पोस्ट– विभिन्न सरकारी और निजी सेवाओं के बिल डाटा को पिओ काउंटर पर इंटरनेट पर उपलब्ध करवाने हेतु वेब आधारित अनुप्रयोग विद्युत जल मोबाइल फोन टेलीफोन नगर निगम टैक्स आदि जैसी सेवाओं का भुगतान ग्राहक एक खिड़की पर कर सकते हैं

प्रमाणन प्राधिकारी- जो व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन करते हैं ऐसे ग्राहकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए विभाग का विचार है कि वह विश्वस्त तृतीय-पक्ष बन जाए और डिजिटल हस्ताक्षर जारी किए जाए

राष्ट्रीय दूरसंचार नीति-31 मई 2012 को जारी की गई

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण का गठन- वर्ष 1997 में दूरसंचार सेवाओं से संबंधित विवादों और सेवा संबंधी मामलों के निपटारे और दिशा निर्देश देने के उद्देश्य से किया गया

अनिल कौशल समिति–12 सितंबर 2013 को दूरसंचार विभाग द्वारा भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के 800,900 और 1800मेगा हर्ट्ज की कीमतों के संबंध में पेश की गई, सिफारिश की समीक्षा करने के लिए अनिल कौशल की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया

विदेश संचार निगम लिमिटेड (Foreign communication corporation limited )  दूरसंचार कंपनी विदेश संचार निगम लिमिटेड का नाम अब टाटा कम्युनिकेशंस लिमिटेड हो गया है

भारत संचार निगम लिमिटेड (Bharat Sanchar Nigam Limited)-इसकी स्थापना वर्ष 2000 में की गई थी इस उपक्रम पर भारत सरकार का सौ प्रतिशत स्वामित्व है भारत संचार निगम लिमिटेड ने GSM सेवा वर्ष 2002 में और ब्रांड सेवा 2005 में शुरू की इसका मुख्य फोकस ग्रामीण टेलीफोन पर है

महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड( Mahanagar Telephone Nigam Limited)- इसकी स्थापना 1986 में की गई थी संचार मंत्रालय का इस पर पूर्ण स्वामित्व है इसे मुंबई नवी मुंबई (कल्याण और थाने )सहित तथा दिल्ली की दूरसंचार सेवा (तार सेवा छोड़कर) के प्रबंधन नियंत्रण और संचालन का कार्य सौंपा गया है

टेलीकम्यूनिकेशन कंसलटेंट इंडिया लिमिटेड(Telecommunication Consultant India Limited )- इस की स्थापना वर्ष 1978 में की गई थी यह एक बहुउद्देशीय दूरसंचार संस्थान है जो कि संपूर्ण समाधान प्रदान करती है यह टर्नकी सेवा– (जिसका तात्पर्य किसी दूसरे देश में दूरसंचार से संबंधित आधारित संरचना का निर्माण करके उस देश को सौंपदेना ) प्रदान करती है

ग्रामीण संचार सेवा योजना ( Rural communication service scheme )- इसकी शुरुआत दिसंबर 2002 में की गई थी इसके अंतर्गत संचार सेवक गांव में घर-घर जाकर टेलीफोन सुविधा उपलब्ध कराते हैं

टेलीफोन क्रांति और उसके जनक-सैम पित्रोदा

टेलीफोन क्रांति के जनक सैम पित्रोदा को माना जाता है सैम पित्रोदा का पूरा नाम सत्यनारायण गंगाराम पित्रोदा है विश्व इन्हें से पित्रोदा के नाम से जानते हैं 4 मई 1942 में ओडिशा के टिटलागढ़ में इनका जन्म हुआ सैम पित्रोदा ने भारत में सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ टैली मैट्रिक्स की स्थापना की,उन्होंने पूरे देश में पीसीओ (पब्लिक कॉल ऑफिस) का जाल बिछा दिया जिससे देश में सूचना क्रांति की शुरुआत हो सके देश को कंप्यूटर फ्रेंड बनाने में भी सेम पित्रोदा का योगदान है उनकी “”आत्मकथा- सैम पित्रोदा बायोग्राफी“”है

विश्व दूरसंचार दिवस- 17 मई को विश्व दूरसंचार दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई पहली बार विश्व भर में 17 मई 1969 को अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार दिवस के रुप में मनाया गया

अपना टेलीफोन योजना अपना एक्सचेंज योजना- देश के पहले संचार मंत्री रफी अहमद किदवई ने संसाधनों के सीमित होने पर भी 1949-50 में अपना टेलीफोन योजना अपना एक्सचेंज योजना शुरू की

भारतीय मूल के अमेरिकी इंजीनियर और बोस ऑडियो सिस्टम के जनक महान आविष्कारक अमर जी बोस का निधन 12 जुलाई 2013 को हुआ

इंटरनेशनल टेलीकम्यूनिकेशन यूनियन ( International Telecommunication Union )

  • इसकी स्थापना-17 मई 1865
  • प्रमुख-हामाडॉन टॉन
  • सदस्य देश-193 (दक्षिण सुडान 14 जुलाई 2011 को इस का सदस्य बना)
  • मुख्यालय-जिनेवा स्विट्जरलैंड

नोट–इसकी स्थापना के समय इसका नाम इंटरनेशनल टेलीग्राफ Union था यह यू एन ओ की एजेंसी है

एसटीडी सेवा-अत्याधुनिक तकनीक से हम विश्व में कम से कम हम लंबी दूरी के फोन कॉल कर सकते हैं ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने बिना ऑपरेटर की सहायता से फोन कॉल कर इसकी शुरुआत की है यह वार्ता बिना ऑपरेटर की सहायता से की गई थी इसीलिए इसे सब्सक्राइब ट्रंक डायलिंग STD कहा गया 1979 से यह सेवा सार्वजनिक हो गई

भारत में एसटीडी सेवा की शुरुआत-भारत में इसकी शुरुआत 1960 से हुई इंटरनेशनल सब्सक्राइबर डार्लिंग (आई एस डी) STD का ही विस्तार है 8 मार्च 1963 को लंदन के उपभोक्ताओं ने बिना ऑपरेटर के पेरिस फोन किया था जिसे आईएसडी कॉल कहा गया

अंतर्राष्ट्रीय लंबी दूरी सेवा(आई.एस.डी.)- सरकार ने 1 अप्रैल 2002 से निजी प्रचारकों के लिए यह सेवा खोली इस में विदेशी इक्विटी 74% से अधिक नहीं होनी चाहिए और लाइसेंस की अवधि 20 वर्ष के लिए होती है

राष्ट्रीय लंबी दूरी की सेवा(एन. एल.डी)- अगस्त 2000 से निजी क्षेत्र के लिए इस सेवा को खोला गया जिसमें विदेशी इक्विटी 74% से अधिक नहीं होनी चाहिए इसका लाइसेंस भी 20 वर्ष के लिए जारी किया जाता है

वायरलेस प्लानिंग एंड कोआर्डिनेशन (डब्ल्यूपीसी)- शुरुआत 1952 में हुई यह राष्ट्रीय रेडियो विनियामक प्राधिकरण है यह देश में रेडियो स्पेक्ट्रम के उपयोग के संबंध में और विनिमय के लिए जिम्मेदार है

टेलीमैटिक्स विकास केंद्र सी डॉट ( Tele-matics Development Center C Dot )

टेलीमैटिक्स विकास केंद्र एक स्वायत पंजीकृत निकाय है जिसकी स्थापना 1984 में की गई थी

इसका मुख्यालय- नई दिल्ली में है
इसके संस्थापक- सेम पित्रोदा थे
इसका उद्देश्य-भारतीय परिस्थितियों के लिए उपयुक्त एक ऐसे आधुनिक डिजिटल स्विचिंग व्यवस्था का विकास करना है जिससे आगे चलकर संबंधित अंकीय सेवा नेटवर्क प्रणाली लगाए जाने की क्षमता उपलब्ध हो

दूरसंचार विभाग द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त सी-डॉट वर्तमान में ग्रामीण दूरसंचार के क्षेत्र में अग्रणी स्थान माना जाता है

टेलीमैटिक्स विकास केंद्र की गतिविधियों का दायरा 1989 में बढ़ा कर उसमें संचार प्रणालियों का विकास भी शामिल कर दिया गया

मोबाइल फोन (Mobile phone)

1973 में पहली बार पोर्टेबल मोबाइल फोन को मोटोरोला कंपनी के डॉक्टर मार्टिन कूपर ने बनाया 

फादर ऑफ मोबाइल- मोबाइल फोन 3 अप्रैल 2015 को 42 वर्षों का हो गया,मार्टिन कूपर ने मोबाइल से पहली कॉल 3 अप्रैल 1973 को की थी

मोबाइल का विकास क्रम ( Mobile development order )

  • 1994- मोबाइल में गेम खेलने की सुविधा दी गई पहला गेम टेटरिस था
  • ब्लूटूथ की खोज- इसी वर्ष Sony Ericsson कंपनी ने ब्लूटूथ की खोज की,यह यंत्रों के मध्य वायरलेस संचार हेतु प्रयुक्त होती है
  • 1996 में-पहला डिस्प्ले स्क्रीन वाला फोन बना
  • 1997 में-पहला कैमरा फोन फिलीप कान बनाया
  • 1998- मोबाइल में रिंगटोन का चलना शुरू हुआ
  • 2002 में-पहला 3G फोन लांच हुआ (कीपैड की जगह टच स्क्रीन ने ले ली )

भारत में शुरुआत- 1995 में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने तत्कालीन दूरसंचार मंत्री सुखराम को फोन मिला कर देश में मोबाइल सेवा की शुरुआत की

आई एम ई आई नंबर- आई एम ई आई नंबर का अर्थ “इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी नंबर”है यह मोबाइल सेट की 15 अंकों वाली विशेष पहचान संख्या होती है

फोमो(फीयर ऑफ मिसिंग आउट)- यह एक तरह का मनोवैज्ञानिक भय है जिसमें लोगों को हमेशा लगता रहता है कि उससे कहीं कुछ छूट ना जाए यह(फियर ऑफ मिसिंग आउट) सोशल मीडिया और स्मार्टफोन के कारण कुछ ज्यादा ही गंभीर रूप ले रही है

 

दूरदर्शन ( Doordarshan )

  • दूरदर्शन का पहला प्रसारण 15 सितंबर 1959 को हुआ
  • दृश्य श्रव्य मीडिया- 1895 में लुमिएयर बंधुओं द्वारा मोशन पिक्चर फोटोग्राफी का आविष्कार किया गया। 1912-13 के दौरान दो मूक फिल्मों का निर्माण किया गया
  • पहली फिल्म-पुंडलिक आर.जी.टोर्नीने एन जी चित्र के साथ मिलकर बनाई थी
  • दूसरी फिल्म- राजा हरिश्चंद्र का निर्माण धुंडीराज गोविंद फाल्के ने किया था
  • पहली भारतीय वाक् फिल्म- आलम आरा अर्देशीर ईरानी ने बनाई जिसमें चित्रों के साथ संगीत की आवाज़ भी डाली
  • फिल्म प्रभाग- 1943 में स्थापित इंडियन न्यू परेड और इंफॉर्मेशन फिल्म्स ऑफ इंडिया का पुनः नामकरण कर जनवरी 1948 में फिल्म प्रभाग का गठन किया गया
  • केंद्रीय चलचित्र प्रमाणन बोर्ड-सिनेमेटोग्राफ अधिनियम 1952 के तहत स्थापित केंद्रीय चलचित्र प्रमाणन बोर्ड भारत में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए फिल्मों का प्रमाण करता है

टेलीविजन और मनोरंजन तकनीके (Television and Entertainment Techniques)

  • परंपरागत रूप से टेलीविजन प्रसारण तकनीक पर आधारित था तेजी से तकनीकी उन्नयन के कारण समूचा संसार एनालॉग ट्रांसमिशन के स्थान पर पर डिजिटल ट्रांसमिशन को अपना रहे हैं प्रसार भारती-यह देश में सार्वजनिक प्रसारण सेवा है
  • प्रसार भारती के दो घटक- आकाशवाणी तथा दूरदर्शन इसके दो प्रमुख घटक है
  • प्रसार भारती के गठन का उद्देश्य-लोगों को सूचना और मनोरंजन प्रदान करने और रेडियो तथा टेलीविजन पर प्रसारण का संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए
  • प्रसार भारती की स्थापना-23 नवंबर 1997 को प्रसार भारती का गठन किया गया
  • नूह-भारत की पहली रेडियो आधारित उपभोक्ता हेल्पलाइन 8685904904 हरियाणा के मेवात इलाके के इस स्थान से इसकी शुरुआत की गई
  • मल्टीपल इनपुट मल्टीपल आउट पुट-भारतीय मूल के वैज्ञानिक आरोग्य स्वामी जोसेफ को इस तकनीक के सहयोग के लिए वर्ष 2014 का मारकोनी पुरस्कार प्रदान किया गया
  • मारकोनी पुरस्कार को टेक्नोलॉजी का नोबेल पुरस्कार भी कहा जाता है
  • मल्टीपल इनपुट मल्टीपल आउट या मीमो- एक रेडियो संचार प्रौद्योगिकी है इस तकनीक का प्रयोग 4जी मोबाइल वाईफाई लॉग टर्म इवोल्यूशन वायरलेस और रेडियो तकनीकों में किया जा रहा है

 

Specially thanks to post writer Mamta Sharma Kota ( With Regards )

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