उत्तर प्रदेश में परिवहन तंत्र ( Uttar Pradesh Transport )

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प्रदेश में परिवहन के तीन मुख्य साधन सड़क, रेल और वायु तथा एक गौण साधन जल है।

सड़क परिवहन ( Road transport )

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC)- स्वतंत्रता से पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश राजकीय रोडवेज नामक संगठन का गठन किया। इस संगठन ने प्रदेश में पहली बस सेवा 15 मई 1947 को लखनऊ से बाराबंकी के लिए शुरू की। 1 जून 1972 को उत्तर प्रदेश रोडवेज की जगह उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम का गठन किया गया। निगम का मुख्यालय लखनऊ में है। प्रदेश में इसके कुल 20 क्षेत्र है, जिसका नियंत्रण डीआरएम द्वारा किया जाता है। 20 क्षेत्र के अंतर्गत प्रदेश में कुल 106 डिपो है। निगम का केंद्रीय कार्यशाला व प्रशिक्षण संस्थान कानपुर में है।

जनरथ सेवा- निगम द्वारा राजधानी लखनऊ से राज्य के कई जिला मुख्यालय तक कम किराए वाली वातानुकूलित जनरथ बसों का संचालन किया जा रहा है।

लोहिया ग्रामीण बस सेवा- निगम द्वारा प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती व सुलभ यात्रा हेतु फरवरी 2015 से यह सेवा शुरू की गई है। इसके तहत किराया सामान्य बसों से 25% कम रखा गया है।

महानगरीय बस सेवा- प्रदेश के 7 (लखनऊ आगरा इलाहाबाद वाराणसी कानपुर मेरठ और गाजियाबाद) बड़े नगरों तथा पर्यटन नगर मथुरा व औद्योगिक नगर गौतम बुद्ध नगर में नगरिय बस सेवा का संचालन किया जा रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (NHDP)- दिसंबर 2000 से शुरू किए गए इस विशाल परियोजना के क्रियान्वन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (nha) की है। उत्तर दक्षिण एवं पूर्व पश्चिम गलियारे की छह लेन की सड़कें प्रदेश के झांसी जिले में एक दूसरे को काटती है सिलचर से चलने वाली 6 लेन की सड़क प्रदेश में पूर्व से प्रवेश करने के बाद लखनऊ तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 28 का और लखनऊ के बाद झांसी तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 25 का अनुसरण करती है जबकि कोलकाता से चलने वाली चार लेन की स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क वाराणसी में प्रवेश करने से लेकर कानपुर होते हुए दिल्ली तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 (GT रोड) का अनुसरण करती है।

पहला एक्सप्रेस वे 2002-2003 में ग्रेटर नोएडा व नोएडा के बीच बनाया गया था।

यमुना (ताज) एक्सप्रेस वे- ग्रेटर नोएडा से आगरा(165.53 km) तक 100 मीटर चौड़ा 6 लाइन की सड़क का निर्माण अप्रैल 2001 में गठित यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया है। यह एक्सप्रेस वे गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ, मथुरा, आगरा जिले से होकर गुजरता है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे- देश के सबसे लंबे (302 किलोमीटर) छह लेन के प्रवेश नियंत्रित आगरा-लखनऊ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे को नवंबर 2016 में चालू किया गया है। इस एक्सप्रेस-वे पर आपात लैंडिंग हेतु 3.3 किलोमीटर की हवाई पट्टी भी बनाई गई है। यह एक्सप्रेस वे 10 जिलों आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर, उन्नाव, हरदोई व लखनऊ से होकर गुजरता है।

अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेस वे- पीपीपी आधार पर ग्रेटर नोएडा से हरिद्वार होते हुए देहरादून तक अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेस वे का निर्माण अपर गंगा गंगा नहर के दाये तट पर किया जाना है। उत्तर प्रदेश में इसकी लंबाई 216 किलोमीटर होगी, शेष उत्तराखंड में होगी।

विधान सभा/परिषद क्षेत्र सड़क निर्माण योजना- इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक विधान सभा/परिषद क्षेत्र के ग्रामीण या शहरी भाग में 5 किलोमीटर तक सड़कों का निर्माण सदस्य की अनुमति से किया जाता है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना- गांव को पक्की सड़क से जोड़ने संबंधी पूर्णतया केंद्र प्रायोजित यह योजना दिसंबर 2000 में शुरू की गई थी। 2015 से इस योजना का द्वितीय चरण शुरू हुआ है जिसमें केंद्र व राज्य की भागीदारी 60:40 है।

रेल परिवहन ( Rail transport )

भारत में प्रथम रेल लाइन 1853 में मुंबई से थाना के बीच (34 किलोमीटर) बिछाई गई। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 9077 किलोमीटर रेल मार्ग है। कुल रेलपथ नेटवर्क में देश में उत्तर प्रदेश का प्रथम स्थान है।

प्रदेश में प्रथम रेलगाड़ी मार्च 1859 में इलाहाबाद से कानपुर तक चलाई गई। देश के कुल 16 रेल जोनों में से 5 रेल जोनों की लाइनें प्रदेश से गुजरती है जो इस प्रकार है- उत्तर रेल, मध्य रेल, पश्चिम रेल, पूर्वोत्तर रेल तथा उत्तर मध्य रेल।

दो रेल जोन के मुख्यालय उत्तर प्रदेश में है- पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय गोरखपुर और उत्तर मध्य रेल का मुख्यालय इलाहाबाद है। देश का सबसे छोटा रेल मंडल मुग़लसराय उत्तर प्रदेश में है। प्रदेश सरकार के सहयोग से रेलवे ने बौद्ध स्थलों की यात्रा करने वाले पर्यटकों हेतु बौद्ध परिक्रमा एक्सप्रेस प्रारंभ की है। यह रेल गाड़ी कौशांबी, इलाहाबाद, गया, राजगीर, वैशाली, पटना, वाराणसी, गोरखपुर होते हुए लखनऊ तक की यात्रा 5 रात तथा 6 दिनों में पूरी करती है।

भारत की सबसे अधिक लंबी रेलगाड़ी प्रयागराज एक्सप्रेस है जिसमें 26 कोच लगे होते हैं तथा यह नई दिल्ली से इलाहाबाद के लिए प्रतिदिन चलती है। भारतीय रेलवे का सबसे लंबा रेलवे यार्ड मुगलसराय में है। गोरखपुर कैंट का प्लेटफार्म नंबर 1 विश्व का सबसे लंबा (1355.40 मीटर) Platform है।

एशिया एवं भारत का सबसे बड़ा बिजली लोकोशेड मुगलसराय में है। गोरखपुर में एक रेल कोच रिपेयर कारखाना है। राज्य में रेलवे में भर्ती हेतु दो भर्ती बोर्ड इलाहाबाद और गोरखपुर में है। राज्य में एक रेलवे संग्रहालय वाराणसी में है।

राज्य के गाजियाबाद में एक बिजली ड्राइवर प्रशिक्षण केंद्र है। रेल सुरक्षा आयोग का मुख्यालय लखनऊ में है। राज्य में लखनऊ स्टेशन का निर्माण 1926 में कराया गया।

वायु परिवहन ( Air transportation )

भारत में प्रथम हवाई उड़ान का प्रदर्शन 1911 में किया गया। एयर इंडिया कंपनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 59 से अधिक देशों के लिए वायु परिवहन सुविधा उपलब्ध कराती है। इसके बेड़े में 20 से अधिक विमान है।

इंडियन एयरलाइंस कंपनी घरेलू तथा कुछ पड़ोसी देश (पाकिस्तान, मालदीव, नेपाल, श्रीलंका, मलेशिया, बांग्लादेश, थाईलैंड, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, मयामार, कुवैत, कतर, बहरीन, अफगानिस्तान आदि) के लिए हवाई परिवहन सेवा उपलब्ध कराती है।

पवन हंस लिमिटेड (हेलीकॉप्टर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) कंपनी की 1985 में स्थापना पेट्रोलियम क्षेत्र की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए की गई थी। यह पूर्व के दुर्गम राज्यों में भी अपनी सेवाएं देता है।

प्रदेश में इस समय कुल 46 हवाई पट्टियां है जिनमें से 16 पर प्रदेश सरकार का स्वामित्व है। इलाहाबाद के बमरौली में नागरिक उड्डयन प्रशिक्षण केंद्र हवाई अड्डा विद्यालय तथा एक संचार विद्यालय है। रायबरेली के फुरसतगंज में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी है।

मेरठ, अलीगढ़, सैफई (इटावा) में फ्लाइंग स्कूल है। आगरा में नेशनल पैराशूट ट्रेनिंग कॉलेज स्थित है। यहाँ एयर स्पोर्ट की भी व्यवस्था की जा रही है। आगरा, लखनऊ व गाजियाबाद में एयर बेस है। सहारनपुर में एयर स्टेशन है। झांसी में आर्मी एविएशन केंद्र है।

म्योरपुर, सोनभद्र में आदित्य बिरला का निजी एयरपोर्ट है। प्रदेश में एयरपोर्ट अथॉरिटी के केवल दो (लखनऊ व वाराणसी) हवाई अड्डे है, जहां से घरेलू व अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार के उड़ाने होती है।

जल परिवहन ( Water transport )

भारत सरकार ने गंगा नदी में इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) से हल्दिया (पश्चिम बंगाल) तक के मार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग नंबर 1 घोषित किया है जो देश का सबसे लंबा आंतरिक जलमार्ग है। अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग प्राधिकरण नोएडा एवं भारत सरकार के जल भूतल परिवहन मंत्रालय द्वारा अनुमोदित टर्न ऑफ रेफरेंस के अनुसार घाघरा नदी में अयोध्या से बलिया के मांझी घाट तक के जल परिवहन की परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

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No of Questions-10

0%

Q.1 निम्न में से किसका प्रयोग राष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में किया जा रहा है? (UPPCS 2004)

Correct! Wrong!

Q.2 पूर्व पश्चिम उत्तर दक्षिण कोरियाडारो को एक दूसरे से मिलने का स्थान है? (UPPCS 2003)

Correct! Wrong!

Q.3 उत्तर प्रदेश से शुरू होने वाला सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है? (स्वास्थ्य शिक्षा 2005)

Correct! Wrong!

Q.4 ताज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण कहां किया जा रहा है?

Correct! Wrong!

Q.5 उत्तर प्रदेश के निम्नलिखित में से कौन सा नगर राष्ट्रीय राजमार्ग 2 द्वारा नहीं जोड़ा जाता? (यूपी पीसीएस मेंस 2007)

Correct! Wrong!

Q.6 यमुना एक्सप्रेस वे किन के बीच है? (UPPCS मेन 2012)

Correct! Wrong!

Q.7 यमुना एक्सप्रेस वे निम्न में से कहां से नहीं गुजरती है?

Correct! Wrong!

Q.8 लखनऊ आगरा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे निम्न में से किस जिले से नहीं गुजरेगी?

Correct! Wrong!

Q.9 निम्न में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है? (PCS मेंस 2014)

Correct! Wrong!

Q.10 लखनऊ योजना संबंधित है विकास से? (यूपी पीसीएस मेंस 2004 व 2012)

Correct! Wrong!

Uttar Pradesh Transport Quiz ( उत्तर प्रदेश में परिवहन तंत्र )
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VERY GOOD! You well tried but got some wrong! need preparation
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Specially thanks to Post and Quiz makers ( With Regards )

चिराग बालियान मुज़फ्फरनगर,